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MP News: IAS संतोष वर्मा 2 दिन की पुलिस रिमांड पर, एक ही दिन में तैयार किए अदालत के दो जाली फैसले

मध्य प्रदेश के आईएएस संतोष वर्मा को कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. (File)

मध्य प्रदेश के आईएएस संतोष वर्मा को कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. (File)

IAS commits Fraud For Promotion: आईएएस संतोष वर्मा ने एक ही दिन में अदालत के दो नकली फैसले तैयार किए थे. उन्होंने ये सब फर्जीवाड़ा प्रमोशन के लिए किया था. अब कोर्ट ने उन्हें 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. उन्होंने सीबीआई स्पेशल जज के नकली साइन भी किए थे.

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    इंदौर. प्रमोशन के लिए स्पेशल सीबीआई जज के जाली साइन करने वाले IAS संतोष वर्मा को पुलिस ने रविवार को ही कोर्ट के सामने पेश किया गया. कोर्ट ने उन्हें 14 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है. वर्मा को इंदौर की एमजी रोड थाना पुलिस ने शनिवार देर रात गिरफ्तार किया था. आईएएस वर्मा पहले भी विवादों में रहे हैं. उन पर एक महिला ज्यादती का आरोप भी लगा चुकी है.

    गौरतलब है कि शनिवार को देर रात गिरफ्तारी के बाद रविवार को उनसे मिलने वालों की भीड़ लगी रही. पुलिस पहले उन्हें थाने और फिर सीएसपी ऑफिस ले गई. दोपहर करीब 3 बजे मेडिकल के लिए उन्हें एमवाय अस्पताल ले जाया गया.

    यह है मामला
    बता दें, फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रमोशन लेने के इस मामले में संतोष वर्मा पर कोर्ट की ओर से 27 जून को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. वर्मा ने आईएस कैडर अलॉट होने पर डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) के लिए स्पेशल जज सीबीआई और व्यापमं विजेंद्र सिंह रावत के फर्जी साइन कर फैसला तैयार कर लिया था. डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी में जब इनसे पूछा गया कि आपके खिलाफ कोई FIR तो नहीं है तो उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को फैसले की प्रति पेश कर कहा कि मामले में समझौता हो गया है, लेकिन शासन ने कहा कि समझौता बरी होने की श्रेणी में नहीं आता. उसी दिन संतोष वर्मा ने एक दूसरा फैसला पेश कर कहा कि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. एक ही दिन में दो फैसले मिलने पर अफसरों को शक हुआ.

    IG ने बैठा दी जांच
    मामले को लेकर IG हरिनारायणाचारी मिश्र ने जांच बैठा दी. जांच में पता चला कि फैसला फर्जी है और जज और कोर्ट की सील भी फर्जी है. इस मामले को लेकर 27 जून को एमजी रोड पुलिस ने विशेष जज की शिकायत पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया था. पुलिस अधिकारियों ने वल्लभ भवन भोपाल से अनुमति ली और शनिवार रात करीब 12 बजे आईएएस संतोष वर्मा को गिरफ्तार कर लिया. वर्मा फिलहाल नगरीय प्रशासन विभाग (Urban Administration Department) भोपाल में अपर आयुक्त (Additional Commissioner) के पद पर पदस्थ थे.

    महिला ने भी लगाया था ज्यादती का आरोप
    बता दें कि इंदौर की ओमेक्स सिटी में रहने वाली महिला ने शहर के लसुड़िया थाने में 5 साल पहले शिकायत दर्ज कराई थी. उसने कहा था कि उज्जैन के अपर कलेक्टर संतोष वर्मा ने शादी का झांसा देकर उन्हें साथ रखा और ज्यादती की. उसने संतोष के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी. इसी दौरान दोस्ती हुई, जो प्रेम में बदल गई. दोनों ने विवाह कर लिया था. जब वो हरदा में पदस्थ थे, तब वे पत्नी की तरह सरकारी क्वार्टर में साथ रही थी. उसके बाद उनका उज्जैन ट्रांसफर हो गया तो उन्होंने टाउनशिप में घर दिलवा दिया. वो घर संतोष वर्मा की मां के नाम पर है.

    पुलिस को सुनाई ये कहानी
    महिला ने पुलिस को बताया कि अपर कलेक्टर की पहले ही शादी हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने ये बात छुपाई थी. बाद में शादी से इनकार कर दिया था. जानकारी के मुताबिक, महिला ने एक मंदिर में हुई शादी के फोटो भी पुलिस को सौंपे थे. अभी 4 माह पहले उसी लसूड़िया थाने में आईएएस अफसर संतोष वर्मा ने भी इस महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया था. शिकायत में कहा गया था कि महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है. महिला ने एलआईसी एजेंट बनकर उनसे दस्तावेज हासिल किए थे. महिला ने पति के रूप में मेरा नाम लिखा. पासपोर्ट और मतदाता परिचय पत्र भी मेरा नाम लिखाया. पासपोर्ट के लिए अपने आवेदन में भी महिला ने उनका ही नाम का इस्तेमाल किया. पुलिस ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था.

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