MP में नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन मामले में आरोपियों की धरपकड़ जारी, पुलिस ने इंदौर-देवास से 5 और दबोचे

मध्‍य प्रदेश में नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन को लेकर पुलिस का एक्‍शन जारी है.

मध्‍य प्रदेश में नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन को लेकर पुलिस का एक्‍शन जारी है.

Madhya Pradesh News: मध्‍य प्रदेश पुलिस की नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन मामले (fake Remdesivir Injection Case) को लेकर एक्‍शन जारी है. इस बीच इंदौर से दो और देवास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में अब तक 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.

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इंदौर. मध्‍य प्रदेश में नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन मामले (fake Remdesivir Injection Case) को लेकर पुलिस की धरपकड़ जारी है. इस बीच इंदौर (Indore Police) की विजय नगर पुलिस ने मंगलवार देर शाम दवा बाजार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इससे पूर्व तीन आरोपियों को पुलिस ने देवास से दबोचा था. यही नहीं, पूर्व में नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन बचने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और कॉल डिटेल के आधार पर दवा बाजार स्थित अलग अलग ठिकानों पर पुलिस ने छापामार कार्यवाही कर संदेहियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी. जबकि मंगलवार को दिन में एसटीएफ प्रमुख भी इंदौर पहुंचे. एसटीएफ प्रमुख ने जांच कर रही टीम से पूछताछ कर अहम जानकारी ली और दस्तावेज खंगाले हैं.

दरअसल मध्‍य प्रदेश में नकली इंजेक्शन मामले में अब एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस की पूछताछ में नकली इंजेक्शन के चलते कई लोगों की मौत का मामला भी देखने को मिल रहा है. हाल ही में इंदौर पुलिस ने तीन ऐसे फरियादियों की शिकायत पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है.

नकली रेमेडिसविर इंजेक्‍शन के सूरत से जुड़े हैं तार

पिछले दिनों विजय नगर पुलिस ने एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके तार सूरत में फैक्ट्री में बने नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन के गिरोह से जुड़े हुए थे,जहां गिरोह नमक और ग्लूकोस से बने हुए इन इंजेक्शन को इंदौर लाया था. लगभग 500 से 700 इंजेक्शन को लाना आरोपियों ने कबूला है. गुजरात के मोरबी पुलिस ने भी गिरोह के मुख्य सरगना कौशल बोरा, अमित और सुनील मिश्रा को अपनी गिरफ्त में लिया है. वहीं, अब इंदौर पुलिस इन तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लेकर आएगी जिसमें कई पूछताछ में बड़े खुलासे हो सकते हैं. पुलिस को कॉल डिटेल में कई दवा बाजार से जुड़े दलालों की जानकारी भी मिली है और कई लोगों को हिरासत में लिया है. जल्द ही पुलिस इस मामले में नए खुलासे कर सकती है.
यही नहीं, मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी यह गिरोह नकली इंजेक्शन बेच चुका है, जिसको लेकर के एसआईटी टीम भी गठित की गयी है. टीम अब आसपास के जिलों से जुड़े गिरोह के अन्य संदेहियों को गिरफ्तार करेगी. इसके अतिरिक्त एसटीएफ इकाई भोपाल से एक टीम मंगलवार को इंदौर पहुंची और इस मामले से जुड़े दस्तावेज खंगाल कर अहम जानकारी जुटाई.

गौरतलब है कि एसटीएफ की इंदौर यूनिट भी रेमेडिसविर के 400 नकली इंजेक्शन जब्त कर चुकी है. अब आशंका है कि एसटीएफ टीम के द्वारा पूछताछ के बाद और कई अहम खुलासे होंगे. जबकि इंदौर आईजी हरिनारायण चारी मिश्रा के मुताबिक, इस मामले में विस्तृत कार्यवाही जारी है और तीन मृतकों के परिजनों के बयानों के आधार पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया जा चुका है. साथ ही इन सभी आरोपियों पर रासुका की कार्यवाही कर इनके अवैध ठिकानों की कुंडली खंगाली जा रही है, जल्द ही उन्हें भी ध्वस्त किया जाएगा.

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