MP PSC: पांच सवाल डिलीट करने के बाद भी सवालों के घेरे में मॉडल आंसरशीट

इससे पहले 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा के बाद जो आंसरसीट जारी की गई थी जिसमें करीब 15 सवालों के उत्तर गलत दिए गए थे

Arun Kumar Trivedi | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 13, 2018, 3:23 PM IST
MP PSC: पांच सवाल डिलीट करने के बाद भी सवालों के घेरे में मॉडल आंसरशीट
इससे पहले 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा के बाद जो आंसरसीट जारी की गई थी जिसमें करीब 15 सवालों के उत्तर गलत दिए गए थे
Arun Kumar Trivedi | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 13, 2018, 3:23 PM IST
मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग में परीक्षा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बार मामला पीएससी परीक्षा की फाइनल आंसरशीट जारी करने को लेकर है. पीएससी परीक्षा की फाइनल आंसरशीट जारी होते ही फिर सवाल खडे हो गए हैं.

लोकसेवा आयोग ने मंगलवार को परीक्षा की आंसरशीट जारी की है. आंसरशीट में एक प्रश्न के दो उत्तर को लेकर सवाल खड़े हो गए. पेपर में प्रश्न पूछा गया था कि भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल को विधानमंडल के 'विश्रांति काल' में अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति प्राप्त है? सेट सी में ये प्रश्न 95वें और सेट डी में ये प्रश्न 22वें नम्बर पर था, आयोग ने फाइनल आंसर शीट में सेट सी का उत्तर सी जिसमें अनुच्छेद 212 बताया गया वहीं सेट डी में उत्तर डी यानि अनुच्छेद 213 बताया गया.

अब एक ही प्रश्न के दो उत्तर कैसे हो सकते हैं जब इस मामले पर संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक दिनेश जैन से पूछा तो उन्होंने जांच की बात कही हैं. इससे पहले 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा के बाद जो आंसरसीट जारी की गई थी जिसमें करीब 15 सवालों के उत्तर गलत दिए गए थे. आपत्तियों के बाद पीएससी ने इन सवालों को हटाकर फाइनल आंसरशीट जारी की है. उस आंसरशीट में भी कई गलतियां हैं ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है. इससे पहले भी एक ही सेंटर से 18 जैन छात्रों के सिलेक्शन पर आयोग पर सवाल उठ चुके हैं.
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