प्रसूता को नर्स ने मारे थप्पड़, कहा- इतना क्यों खाया कि 4.5 किलो का हो गया बच्चा

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने प्रसूता को थप्पड़ मारा. नर्स ने कहा कि इतना क्यों खाया कि बच्चा 4.5 किलो का हो गया. साथ ही नर्सों की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 13, 2019, 4:45 PM IST
प्रसूता को नर्स ने मारे थप्पड़, कहा- इतना क्यों खाया कि 4.5 किलो का हो गया बच्चा
नर्स ने प्रसूता को मारा थप्पड़ (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: July 13, 2019, 4:45 PM IST
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक निजी अस्पताल में प्रसूता के साथ बदतमीजी हुई है. प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने प्रसूता को थप्पड़ मारा. नर्स ने कहा कि इतना क्यों खाया कि बच्चा 4.5 किलो का हो गया. साथ ही नर्सों की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई. परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में की है. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है.

जानकारी के मुताबिक सन्मति नगर की रहने वाली नेहा सारड़ा की डिलीवरी होने वाली थी. गुरुवार सुबह परिजन उसे 10.30 बजे राजमोहल्ला के निजी अस्पताल ले गए. अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक कोई स्टाफ नहीं आया. आऱोप है कि करीब 2 घंटे बाद प्रसूता को 16 इंजेक्शन दिए गए. इस दौरान भी दर्द कम नहीं हुआ तो स्टाफ ही डिलीवरी के लिए ले गया.



इतना क्यों खाया कि बच्चा 4.5 किलो का हो गया-

परिजनों का कहना है कि 9 महीने से वे डॉक्टर वंदना तिवारी से इलाज करा रहे थे. जब परिजनों ने डॉक्टर वंदना को बुलाकर सिजेरियन डिलेवरी करने को कहा तो नर्सों ने प्रसूता को चांटे मारे और कहा- इतना क्यों खाया कि बच्चा 4.5 किलो का हो गया. डिलीवरी के बाद नर्सों ने प्रसूता के पति को बताया कि बच्चे की धडक़न तो चल रही है, लेकिन वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा.

डिलेवरी में समय की बर्बादी व लापरवाही से नवजात की मौत (सांकेतिक तस्वीर)


नवजात की मौत-

इसके बाद परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले गए, जहां डॉ. जफर पठान ने बताया कि डिलीवरी में समय की बर्बादी व लापरवाही से दिक्कत हुई है. इलाज के दौरान बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया. लेकिन शुक्रवार को उसकी मौत हो गई.
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मारपीट व अभद्रता की जानकारी मुझे नहीं-

वहीं, मामले में डॉक्टर वंदना तिवारी ने कहा कि परिजन की सहमति से नॉर्मल डिलीवरी का निर्णय हुआ था. सारी रिपोर्ट नॉर्मल थी. रात करीब 11 बजे मरीज को भर्ती किया और 2.30 बजे सामान्य डिलेवरी हुई. शिशु रोग विशेषज्ञ ने जांच के बाद बच्चे को वेंटिलेटर पर रखने की सलाह दी और एनआईसीयू वाले अस्पताल में रेफर कर दिया. उन्होंने कहा कि प्रसूति के दौरान मारपीट व अभद्रता की जानकारी मुझे नहीं है.

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