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अंगदान में देश में नंबर 1 इंदौर का सोटो सेंटर भोपाल शिफ्ट होगा, सबने किया विरोध

इंदौर को बेस्ट सोटो अवार्ड 2019 भी मिल चुका है
इंदौर को बेस्ट सोटो अवार्ड 2019 भी मिल चुका है

इंदौर (Indore) में 5 साल में प्रदेश में सर्वाधिक 39 अंग दान (organ donation) हुए हैं,जबकि भोपाल में ये आंकड़ा महज 4 है. इसी तरह त्वचा डोनेशन में इंदौर दूसरे नंबर पर है. इंदौर को इन्हीं वजहों से सोटो सेंटर मिला था

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इंदौर.अंगदान (organ donation) में अग्रणी होने के बावजूद इंदौर(Indore) का सोटो सेंटर याने स्टेट आर्गन टिशू एंड ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन भोपाल को दिया जा रहा है. ये आदेश आते ही इसका विरोध शुरू हो गया और अब ये मामला सीएम शिवराज सिंह चौहान और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग तक पहुंच गया है.

इंदौर देश भर में अंगदान में नंबर वन है. उसके बावजूद यहां बना सोटो याने स्टेट आर्गन टिशू एंड ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन भोपाल शिफ्ट किया जा रहा है. सरकार के इस आदेश से इंदौर में अंगदान के क्षेत्र में काम करने वाले सभी सामाजिक संगठन,इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ ही पूर्व स्पीकर, सांसद सभी नाराज हैं. संगठनों ने सांसद शंकर लालवानी से मिलकर साफ कहा कि कुछ अधिकारियों की निजी मंशा के कारण इंदौर से उसका हक छीना जा रहा है. ये गलत है.

सीएम से बात
सोटो सेंटर इंदौर में ही बनाए रखने के लिए सांसद शंकर लालवानी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सांरग और अपर मुख्य सचिव से बात की.उन्होंने कहा कि पूरे देश में इंदौर ने अंगदान और देहदान में बेहतर काम किया है. इसमें सोटो की भूमिका उल्लेखनीय रही. इसलिए सोटो सेंटर इंदौर में ही रहेगा ऐसा विश्वास है.
इंदौर को बेस्ट सोटो अवार्ड 2019


संभाग के कमिश्नर पवन शर्मा का कहना है देश में अंगदान में इंदौर नंबर वन है. यहां सबसे ज्यादा नेत्रदान हो रहे हैं.मेडिकल कॉलेज को बॉडी का दान यहीं से हो रहा है. इंदौर को बेस्ट सोटो अवार्ड 2019 भी मिल चुका है. इसे और आगे बढ़ाने के लिए इंदौर और आसपास के क्षेत्र में अंगदान के बारे में प्रचार-प्रसार करने का भी फैसला लिया गया है. इसमें एनजीओ की मदद भी ली जा रही है.

5 साल में 39 अंग दान
इंदौर में 5 साल में प्रदेश में सर्वाधिक 39 अंग दान हुए हैं,जबकि भोपाल में ये आंकड़ा महज 4 है. इसी तरह त्वचा डोनेशन में इंदौर दूसरे नंबर पर है. इंदौर को इन्हीं वजहों से सोटो सेंटर मिला था,जिसने एमजीएम मेडिकल कॉलेज में काम करना शुरू कर दिया था. लेकिन जब अंग दान का इंदौर में इतना अच्छा काम हो रहा है,तो सेंटर भोपाल ट्रांसफर करने का कोई औचित्य नहीं है
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