होम /न्यूज /मध्य प्रदेश /इंदौर की सड़कों पर लड़कों से ज्यादा लड़कियां नशे में झूमती नजर आयीं, कथा वाचक प्रदीप मिश्रा रह गए सन्न

इंदौर की सड़कों पर लड़कों से ज्यादा लड़कियां नशे में झूमती नजर आयीं, कथा वाचक प्रदीप मिश्रा रह गए सन्न

इंदौर में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने पूर्व सीएम कमलनाथ, विधायक संजय शुक्ला के साथ पहुंचे.

इंदौर में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने पूर्व सीएम कमलनाथ, विधायक संजय शुक्ला के साथ पहुंचे.

Pandit Pradeep Mishra katha. इंदौर में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा बाहर की लड़कियां पढ़ने के नाम पर आकर शहर का म ...अधिक पढ़ें

इंदौर. नशे की प्रवृत्ति खासतौर से लड़कियों में बढ़ते शराब सेवन ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को भी गहरी चिंता में डाल दिया है. कथावाचन करने इंदौर आए पंडित मिश्रा ने शराब की दुकानों और सड़कों पर लड़कों से ज्यादा लड़कियों को देखा तो वो भी सन्न रह गए. उन्होंने कहा हम और हमारा समाज कहां जा रहे हैं. इंदौर के माहौल को खराब न करो.

कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा ने इंदौर को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा इंदौर में शराब की दुकानों पर लड़कों से ज्यादा लड़कियां दिखाई देती हैं. उन्होंने कहा मैंने देखा मदिरा की दुकान पर छोरे तो कम थे छोरियां ज्यादा थीं. दूसरे शहरों की लड़कियां यहां आकर कॉलेज में एडमिशन लेकर और किराए से कमरा लेकर मां-बाप का भरोसा तोड़ कर इंदौर का माहौल खराब कर रही हैं. पंडित प्रदीप मिश्रा कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के विधानसभा क्षेत्र में कथा करने आए हैं. इस कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ समेत भी शामिल हुए.

कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा नेअपनी कथा के दौरान कहा मैं विजय नगर चौराहे से सायाजी चौराहे की ओर जा रहा था. तभी मैंने देखा मदिरा की दुकान पर छोरे तो कम थे छोरियां ज्यादा थीं, आजकल का माहौल खराब हो गया है. मैंने उनसे कहा यह जो मंदिरा की दुकान पर खड़ी हैं यह मेरे इंदौर की बेटियां नहीं हो सकतीं. इंदौर की फिजा को.,इंदौर की पहचान को, इंदौर के वातावरण को दूसरे शहरों की लड़कियां यहां आकर, कॉलेज में एडमिशन लेकर कमरा किराए से लेकर मां बाप का भरोसा तोड़कर इंदौर की हवा इंदौर का वातावरण, इंदौर की फिजा को खराब कर रही हैं.

बाहर से पढ़ने आई लड़कियां इंदौर का माहौल खराब कर रहीं
कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा ने कहा 
यह माता अहिल्या की भूमि है और रहेगी, आज भी मां अहिल्या हाथों में शिवलिंग लेकर चलती हैं, इसे कोई नकार नहीं सकता है. इंदौर की बेटियां इतनी मर्यादा नहीं तोड़ सकतीं कि मंदिरा की दुकान पर लाइन लगाकर मंदिरा खरीदें. इंदौर की बेटियां आज भी बाहर जाती हैं तो मर्यादित कपड़े पहन कर जाती हैं. लेकिन इनको चिढ़ाने के लिए बाहर से आई लड़कियां ऐसे कपड़े पहनती हैं और उन्हें चिढ़ाकर बोलती हैं कि जैसा हम कपड़े पहन रहे हैं वैसा पहनो जैसा हम कर रहे हैं वैसा करो,ये ठीक नहीं है.

श्रद्धा मर्डर केस पर दिया ये कहा
 श्रद्धा-आफताब लव जिहाद पर कथावाचक पं.प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कहीं ना कहीं संस्कारों की कमी से इस तरह की घटनाएं सामने आ रहीं हैं. श्रद्धा के पिता पहले बेटी को याद कर लेते तो श्रद्धा के 36 टुकड़ें होने से बच जाते. माता-पिता बच्चों को उस उम्र में सिखाना चाहते हैं. जिस उम्र में बच्चा सीखना ही नहीं चाहता. क्राइम को पुलिस प्रशासन कभी नहीं रोक सकता, क्राइम को केवल हमारे संस्कार ही रोक सकते हैं. पंडित मिश्रा ने कहा आने वाली पीढ़ी को आडंबर नहीं बल्कि उचित मार्गदर्शन चाहिए और अच्छा मार्गदर्शन मिल जाए और अच्छे योग प्राप्त हो जाए तो निश्चित ही नवयुवा अच्छे मार्ग पर चलेंगे.

ये भी पढ़ें-Bharat Jodo Yatra : महाकाल की नगरी से रवाना हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, स्वरा भास्कर भी शामिल

पूर्व सीएम कमलनाथ पहुंचे पंडित प्रदीप मिश्रा से मिलने 
पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा में शामिल होने एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ भी पहुंचे. उन्होनें मंच से कहा विश्व में कोई आर्थिक शक्ति है कोई मिलिट्री शक्ति है. पर भारत के पास वो शक्ति है, जो किसी दूसरे देश के पास नहीं है. भारत के पास आध्यात्म की शक्ति है और यही सबसे बड़ी शक्ति है. अपना भारत विश्व में एक ही देश है, जहां इतने धर्म, इतनी जातियां इतनी भाषाएं इतने त्यौहार हैं, हम यहां से दक्षिण में जाते हैं, तो हमारी धोती और पजामा भी लुंगी बन जाती है. भारत एक ऐसा देश हैं जहां इतने देवी देवता हैं, भारत ही एक ऐसा देश है जिससे दूसरे धर्मों का जन्म हुआ. हमें ये याद रखना है कि पूरा विश्व भारत की ओर ताज्जुब से देखता है, इतनी अनेकता के बावजूद भारत एक झण्डे के नीचे खड़ा है, ये हमारे देश की हजारों साल की संस्कृति है, हमारे सामाजिक मूल्य जो हमारी नींव हैं, लेकिन नई पीढ़ी सामाजिक मूल्यों से भटक रही है.

पंडित मिश्रा ने कहा राजनीति में धर्म शुरू से ही चल रहा
कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा ने कहा धर्म में राजनीति और राजनीति में धर्म शुरू से ही चले आ रहा हैं. यह निरंतर का भाव है कि किसी न किसी रूप में जहां धर्म है वहां राजनीति चलती ही है. उन्होंने शिव पुराण के उपाय के बारे कहा अलग अलग पौधे ये किसी किताब के नहीं है, बल्कि शिव महापुराण में बेल पत्री शहद और काली मिर्च का क्या महत्व है. हमारे पुराणों में वर्णित है. अभी तक लोगों को यह भी ज्ञात नहीं था कि भगवान शंकर के 13 बच्चे थे लेकिन, लोगों को केवल दो ही बच्चे याद हैं. गणेश जी और भगवान कार्तिकेय पुराण संबंधित चीजें अपने आप चमत्कार करते हैं.

Tags: Indore News Update, Indore news. MP news, Kamalnath, Madhya pradesh news, Madhya Pradesh News Updates

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें