अपना शहर चुनें

States

स्वच्छ इंदौर के लिए आगे आया आबकारी विभाग, अब शराब ठेकेदार पौधे लगवाएंगे

पौधों के खराब होने की स्थिति में शराब ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी
पौधों के खराब होने की स्थिति में शराब ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी

स्वच्छता (Cleanliness) में नंबर वन इंदौर (Indore) को साफ सुथरा (Clean) और हरा भरा (Green) बनाए रखने के लिए सभी विभाग अपना योगदान दे रहे हैं. इसी कड़ी में आबकारी विभाग (Excise Department) ने भी 'क्लीन सर्कल ग्रीन सर्कल अभियान' मंगलवार से शुरू कर दिया है जिससे इंदौर को सफाई में चौका लगाने में आसानी हो सके.

  • Share this:
इंदौर. इस अभियान (Campaign) के तहत आबकारी विभाग (Excise Department) की ओर से शहर में शराब दुकान चलाने वाले हर ठेकेदार को अपने यहां स्वच्छता और हरियाली रखने के लिए अपनी शराब दुकान (Wine Shop) व आसपास के खुले मैदान में कम से कम 10-10 पौधे (Plants) लगाने का आदेश दिया गया है. असिस्टेंट कमिश्नर आबकारी राज नारायण सोनी ने बताया कि जिले की करीब 200 से ज्यादा शराब दुकानों के ठेकेदारों को स्वच्छता (Cleanliness) और हरियाली (Greenery) रखने के आदेश दिए गए हैं. इसके लिए सभी ठेकेदारों को अपनी अपनी शराब दुकानों के आसपास पौधारोपण (Plantation) के लिए कहा गया है जिसकी शुरुआत असिस्टेंट कमिश्नर राजनारायण सोनी ने खुद कर दी है. मंगलवार को तेजाजी नगर और कनाडिया रोड दुकानों पर पौधे लगाए गए, एक्साइज विभाग ने इन पौधों की जियो टैगिंग (Geo tagging) भी कराई है जिससे इनकी मॉनिटरिंग सही तरीके से हो सके. आबकारी विभाग के अफसर 3-3 माह में इनका निरीक्षण करेंगे.

पौधे खराब होने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
पौधों की देखभाल और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित शराब दुकान के मालिक की होगी. उन्हें पौधे की देखरेख करनी होगी, उनका ख्याल रखना होगा. पौधों को समय पर खाद पानी मिलता रहे इसकी व्यवस्था उन्हें ही सुनिश्चित करनी होगी. शराब दुकान के मालिक को पौधों के लिए ट्री गार्ड भी लगवाने होंगे, जिससे कि पौधे को कोई जानवर या व्यक्ति नुकसान न पहुंचा सके, क्योंकि पौधों के खराब होने या नष्ट होने पर संबंधित ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उनसे दंडस्वरूप एक पौधे के बदले 10 पौधे और लगवाए जाएंगे.

मोबाइल एप के जरिए होगी मॉनिटरिंग
इन पौधों की मॉनिटरिंग के लिए आबकारी विभाग ने एक मोबाइल एप तैयार करवाया है. इस एप के जरिए शराब की दुकानों के सामने और आसपास लगे पौधों की जियो टैगिंग कराई जा रही है. इस जियो टैगिंग के ज़रिए ठेकेदार अपने मोबाइल पर पौधों की स्थिति को देख पाएगा. मोबाइल एप के जरिए पौधों में लगे बार कोड को स्कैन करने पर मोबाइल में पौधे की पूरी जानकारी फीड हो जाएगी और इसके बाद एप में पौधों की वर्तमान स्थिति लोकेशन के आधार पर नजर आएगी. ये प्रयोग सफल रहा तो आगे पौधों की संख्या और बढ़ाई जाएगी.



ये भी पढ़ें -
अफीम किसानों को राहत, NDPS ACT में रोके गए पट्टे तत्काल जारी करने के आदेश
इंदौर: मेडिकल छात्र की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज