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इंदौर में हॉकी क्लब को बना दिया कचरा घर, फुटपाथ पर खेलकर निकल रहे हैं इंटरनेशनल खिलाड़ी

plight of hockey in Indore. जिस इंदौर शहर में क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले जाते हैं उस शहर में हॉकी के लिए एक मैदान तक नहीं है. ये हाल 6 साल से है.

plight of hockey in Indore. जिस इंदौर शहर में क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले जाते हैं उस शहर में हॉकी के लिए एक मैदान तक नहीं है. ये हाल 6 साल से है.

Indore News : इंदौर में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए आजादी से पहले 1940 में प्रकाश हॉकी क्लब की स्थापना की गई थी. इस क्लब से खेलकर कई खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. 1948 के लंदन ओलिंपिक में आजाद भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाली हॉकी टीम के कप्तान किशन लाल और देश के महान हॉकी गोलकीपर शंकर लक्ष्मण भी इस क्लब के सदस्य रहे हैं. साल 2007 में आई फिल्म चक दे इंडिया में शाहरुख खान ने जिस खिलाड़ी का किरदार निभाया था, वो मीररंजन नेगी भी इसी खेल मैदान पर खेलकर भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर और बाद में कोच बने.

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इंदौर. हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का सीन देखकर कोई भी दुखी हो उठेगा. कई मामलों में सबसे आगे रहने वाले इस शहर में हॉकी की ऐसी दुर्दशा है कि नौनिहाल फुटपाथ पर हॉकी सीख रहे हैं. अपने समय में हॉकी के इंटरनेशनल प्लेयर रहे मीर रंजन नेगी ऐसे खराब हालात में भी हॉकी को न सिर्फ ज़िंदा रखे हुए हैं बल्कि देश को इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ी भी दे रहे हैं. वो गरीब बच्चों को फुटपाथ पर ही हॉकी की ट्रेनिंग दे रहे हैं.

देश के सबसे स्वच्छ शहर की ये मटमैली तस्वीर आप शायद ही कभी भुला पाएं. जिस शहर में क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले जाते हैं उस शहर में हॉकी के लिए एक मैदान तक नहीं है. ये हाल 6 साल से है. 82 साल पुराने हॉकी क्लब पर नगर निगम ने कचरा निपटान संयत्र बना दिया है. नतीजा ये है कि अब कहीं खेलने के लिए जगह नहीं है. इसलिए बच्चे फुटपाथ पर प्रैक्टिस करते हैं. उन्हें मीररंजन नेगी हॉकी के गुर सिखा रहे हैं. खिलाड़ियों के पास 6 साल से स्टेडियम नहीं है.

मीररंजन नेगी का बेहतरीन प्रयास
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में फुटपाथ पर हॉकी खिलाकर प्रतिभाओं को तराश रहे हैं पूर्व गोलकीपर और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मीररंजन नेगी. इंदौर में अब हॉकी का खेल सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है. खेल मैदान न होने की वजह से बच्चे जान जोखिम में डालकर फुटपाथ पर हॉकी की ट्रेनिंग ले रहे हैं. जिस 82 साल पुराने प्रकाश हॉकी क्लब पर मीर रंजन नेगी ने खेल सीखा था उस जगह पर नगर निगम ने कचरा निपटान स्टेशन बना दिया है.

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1940 में बना था क्लब
इंदौर में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए आजादी से पहले 1940 में प्रकाश हॉकी क्लब की स्थापना की गई थी. इस क्लब से खेलकर कई खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. 1948 के लंदन ओलिंपिक में आजाद भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाली हॉकी टीम के कप्तान किशन लाल और देश के महान हॉकी गोलकीपर शंकर लक्ष्मण भी इस क्लब के सदस्य रहे हैं. साल 2007 में आई फिल्म चक दे इंडिया में शाहरुख खान ने जिस खिलाड़ी का किरदार निभाया था, वो मीररंजन नेगी भी इसी खेल मैदान पर खेलकर भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर और बाद में कोच बने.

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स्वच्छता के जुनून में हॉकी की ऐसी की तैसी
2016 में इंदौर पर स्वच्छता का ऐसा जुनून चढ़ा कि इस खेल मैदान पर ही कचरा स्टेशन और गंदे पानी का ट्रीटमेंट प्लांट लगा दिया गया. उसके बाद से खिलाड़ियों के खेलने के लिए कहीं जगह ही नहीं बची. लेकिन प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती. नये खिलाड़ी फुटपाथ पर खेलकर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. हाल ही में इसी फुटपाथ पर खेल कर संस्कृति सारवान ने भारतीय हॉकी टीम में जगह बनाई है, तो हर्ष दीप कपूर का ढाका प्रीमियर लीग के लिए चयन हुआ. वहीं अक्षत यादव ने मध्यप्रदेश हॉकी टीम में जगह बनाई है.

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मुंबई छोड़ इसलिए इंदौर आए थे नेगी…
इन खिला़ड़ियों को तराश रहे मीररंजन नेगी बताते हैं कि वे मुंबई छोड़कर अपने गृह नगर इंदौर सिर्फ इसलिए आए थे कि वो अपनी कर्मभूमि इंदौर में हॉकी की नई नस्ल तैयार कर सकें. लेकिन यहां तो खिलाड़ी तैयार करना दूर की बात मैदान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. फुटपाथ पर हॉकी की ट्रेनिंग के कई खतरे हैं. कई बार बॉल सड़क पर चली जाती है,जिसे उठाने के दौरान खिलाड़ी वाहनों की चपेट आकर चोटिल हो रहे हैं. इसके अलावा फुटपाथ पर खिलाडियों को गोलकीपिंग और हिटिंग नहीं सिखा पा रहे हैं,जो मॉर्डन हॉकी के लिए जरूरी है. इसके बावजूद ये गर्व की बात है कि इसी फुटपाथ पर ट्रेनिंग देकर हम खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा रहे हैं. भीषण गर्मी में 44 डिग्री टेंपरेचर के बीच हॉकी खेल रहे बच्चों का हौसला कहीं से भी कम नहीं है. मेरी ये मांग है कि इंदौर में हॉकी के लिए सर्व सुविधायुक्त एस्ट्रोटर्फ वाला स्टेडियम बनाया जाए.

फुटपाथ पर हर तरह का खतरा
हॉकी के एनआइएस कोच अशोक यादव बताते हैं कि रोड पर हॉकी खेलने से बच्चों के घुटनों में प्रॉब्लम हो जाती है. महंगी हॉकी स्टिक जल्दी घिस जाती हैं. रोड किनारे ट्रैफिक चलता रहता है,जिससे दुर्घटना का डर हर पल बना रहता है. जगह कम होने की वजह से बहुत सारी ट्रेनिंग नहीं दे पाते हैं. खिलाडिय़ों को पेनाल्टी कॉर्नर,पेनॉल्टी स्ट्रोक, हिट और स्कूप की प्रैक्टिस नहीं करा पाते हैं. ग्राउंड न होने की वजह से बहुत सारी स्किल छूट रही है. बच्चों को पोजिशन ऑफ प्ले नहीं बता पा रहे हैं. ग्राउंड के अभाव में बहुत परेशानी हो रही है.

6 साल से स्टेडियम का इंतजार
प्रकाश हॉकी क्लब के सचिव देवकी नंदन सिलावट का कहना है हम लोग 2016 से मैदान उपलब्ध नहीं होने  की वजह से रोड और पेवर्स पर खेलकर हॉकी की गतिविधियों को जीवित रखे हुए हैं. इंदौर में राष्ट्रीय खेल हॉकी को जीवित रखने के लिए हमें संघर्ष करना पड़ा रहा है. क्लब के पुराने मैदान की जगह पर इंदौर नगर निगम ने जल शोधन संयंत्र बना दिया है. उसकी जगह कोई दूसरा मैदान दिया नहीं. इसलिए फुटपाथ पर खेलना मजबूरी है. नये मैदान को लेकर हमें सरकार की ओर से सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे हैं.

गरीब बच्चों को नेगी की निशुल्क ट्रेनिंग
सिलावट ने बताया कि जेल की दीवार से लगे फुटपाथ पर आसपास की बस्तियों के गरीब परिवारों के 150 से ज्यादा बच्चों को मीर रंजन नेगी निशुल्क हॉकी की ट्रेनिंग दे रहे हैं. ये खिलाड़ी इंदौर का नाम रौशन भी कर रहे हैं. लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा कि हमारी खेल मैदान की मांग पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

फुटपाथ से इंटरनेशनल लेवल तक
हॉकी खिलाड़ी भी सरकार से ग्राउंड की मांग कर रहे हैं. ढाका प्रीमियर लीग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हॉकी खिलाड़ी हर्ष दीप कपूर का कहना है दूसरे शहरों की तरह इंदौर में भी एस्ट्रोटर्फ वाला ग्राउंड बनना चाहिए, ताकि यहां से इंटरनेशनल लेवल पर खिलाड़ी निकल सकें. वहीं इसी फुटपाथ पर खेलकर मध्यप्रदेश हॉकी टीम में जगह बनाने वाले अक्षत यादव का कहना है हमें प्रॉपर ग्राउंड न मिलने से हमें पॉजिशन का नॉलेज नहीं मिल पाता है. जिस वजह से हमारी परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है,हम चाहते हैं कि हमे खेलने के लिए एक अच्छा ग्राउंड और हेल्दी वातावरण मिले,जिससे हम अपनी प्रतिभा और निखार सकें.

क्या कर रहे हैं नेता
पिछले 6 साल में इंदौर जिला जेल की चहारदीवारी से सटे फुटपाथ पर युवा खिलाड़ियों के हॉकी खेलने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं और मीडिया भी इस मुद्दे को लगातार उठाता रहा है. नेता और शिवराज सरकार में प्रभावशाली मंत्री इंदौर का प्रतिनिधित्व करते हैं बावजूद इसके इन खिलाड़ियों को मैदान अब तक नसीब नहीं हो पाया है.

Tags: Indian Hockey, Indore News Update

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