पुजारी ने की आत्महत्या, जानिए किस बीजेपी नेता पर लगा आरोप, इंदौर का कितना बड़ा है ये लीडर

मध्य प्रदेश के इंदौर में पुजारी की आत्महत्या के पीछे की वजह बीजेपी नेता की प्रताड़ना बताई जा रही है.

मध्य प्रदेश के इंदौर में पुजारी की आत्महत्या के पीछे की वजह बीजेपी नेता की प्रताड़ना बताई जा रही है.

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक पुजारी ने आत्महत्या कर ली. परिजनों ने बीजेपी के मंडल उपाध्यक्ष पर आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि नेता पहले से ही पुजारी को धमका रहा था. वह मंदिर की जमीन हड़पना चाहता था.

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इंदौर. इंदौर में एक हनुमान मंदिर के पुजारी ने आत्महत्या कर ली. आत्महत्या को लेकर बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष और क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्य पर प्रताड़ना का आरोप लगा है. उपाध्यक्ष मंदिर की जमीन लेना चाहते थे. घटना स्थल से सुसाइड नोट भी मिला है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस पर भी मामले में देर से कार्रवाई करने का आरोप लगा है.

घटना इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के कर्मा नगर की है. यहां स्थित हनुमान मंदिर पर पिछले 20 वर्षों से पुजारी प्यारे उर्फ राम जी साहू सेवादार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. मंदिर को समाज द्वारा कुछ जमीन दान में दी गई थी. बताया जाता है कि इसी जमीन पर भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष हरीश प्रसाद साहू और उनका परिवार कब्जा करना चाहता था. ये लोग पुजारी को लगातार डरा र धमका रहे थे.

एक दिन पहले हुई मारपीट

पुजारी के बेटे ने पुलिस को बताया कि  एक दिन पहले भी राम जी साहू के साथ मारपीट की गई थी. इसकी शिकायत भी संबंधित थाने पर की गई थी. परिजनों का आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष हरीश प्रसाद साहू और उनके परिवार की प्रताड़ना से परेशान होकर ही रामजी साहू ने जहरीला पदार्थ खा लिया. बता दें, भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष हरीश प्रसाद साहू क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के भी सदस्य हैं.
पुलिस ने समय पर नहीं की कार्रवाई- परिजन

पुजारी के बेटे हरी साहू ने बताया कि पिता के जहर खाने के बाद हम उन्हें अस्पताल ले गए. यहां उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा. इसके बाद घटना की शिकायत करने हम करीब 8 लोग पुलिस थाने गए तो वहां से भगा दिया गया. कहा गया कि साहब सीधे अस्पताल आएंगे. कई बार थाने बात की लेकिन सुनवाई नहीं हुई. फिर घंटों बाद मामला दर्ज किया गया. हरी ने बताया कि जब पिता के साथ मारपीट की गई थी तो हमने सोचा समाज का मामला है, आपस में बैठकर निपटा लेंगे. लेकिन, कुछ हल नहीं निकला

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