लोकसभा चुनाव 2019: इंदौर से कांग्रेस ने किया प्रत्याशी का ऐलान, जानिए कौन हैं पंकज संघवी

पंकज संघवी की इंदौर में अच्छी पकड़ मानी जाती है. वह कांग्रेस पार्टी के लिए लगातार काम करते रहे हैं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: April 16, 2019, 8:56 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019: इंदौर से कांग्रेस ने किया प्रत्याशी का ऐलान, जानिए कौन हैं पंकज संघवी
पंकज संघवी
News18 Madhya Pradesh
Updated: April 16, 2019, 8:56 PM IST
लंबे इंतजार के बाद मध्य प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक इंदौर लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. इस प्रकार अब कांग्रेस ने एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. कांग्रेस ने इंदौर से पंकज सांघवी को टिकट देने की घोषणा की है.

लोकसभा, महापौर और विधानसभा चुनाव हारने वाले पंकज संघवी इंदौर से टिकट की दौड़ में बने हुए थे. कई नेताओं के नाम आने के बावजूद उनके नाम पर चर्चा चल रही थी. उनकी इंदौर में अच्छी पकड़ मानी जाती है. वह यहां लगातार सक्रिय रहे हैं. हालांकि, वह सर्वे और कांग्रेसियों की निगाह में नहीं आ पा रहे थे. इतना ही नहीं शहर और जिला कांग्रेस के पदाधिकारी भी उन्हें कमजोर आंक रहे थे.



कमलनाथ ने दी चेतावनी- मध्य प्रदेश सरकार गिराने की कोशिश ना करे बीजेपी

इंदौर सीट से जीतू पटवारी समेत कई नाम सामने आ रहे थे. प्रीति अग्निहोत्री और सत्यनारायण पटेल के नाम पर भी चर्चा जोरों पर थी. जीतू पटवारी लगातार प्रयास में थे कि लोकसभा चुनाव लड़ा जाए, लेकिन पंकज संघवी टिकट पाने की दौड़ में सबसे आगे निकल गए. जीतू पटवारी के साथ-साथ प्रीति अग्निहोत्री और सत्यनारायण पटेल पीछे छूट गए.

पंकज संघवी जनता के बीच रहते हैं. कहा जाता है कि पंकज संघवी के बंगले से कोई भी गरीब या जरूरतमंद खाली नहीं लौटता. इसके लिए पंकज संघवी किसी व्यापारी वगैरह को भी परेशान नहीं करते, बल्कि अपने पास से ही उस जरूरतमंद की सहायता करते हैं. यानी जनता में जितना क्रेज भाजपा का है उससे कहीं अधिक क्रेज अकेले पंकज संघवी का है.

इंदौर में कहा जाता है कि पंकज संघवी एक ऐसे हीरो हैं जो कांग्रेस की फिल्म को अकेले दम पर चला सकते हैं. इंदौर लोकसभा सीट कांग्रेस से 1989-90 से लगातार दूर है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि उसे पंकज संघवी वापस ला सकते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि पंकज संघवी का मिलनसार व्यवहार और सामाजिक सेवा से इंदौर का मराठी वोट बैंक भी प्रभावित हो सकता है, जिसे सत्यनारायण पटेल या अन्य कांग्रेस नेता नहीं कर सकते.

यह भी पढ़ें- इंदौर की रहने वाली हैं रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा, पिछले साल धूमधाम से की थी शादी
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

News18 चुनाव टूलबार

  • 30
  • 24
  • 60
  • 60
चुनाव टूलबार