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बीच शहर में तेजी से दौड़ाई बस, लोगों ने ड्राइवरों से गाड़ी की छत पर कराई उठक-बैठक

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 18, 2019, 12:00 PM IST

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहा है. चश्मदीदों के मुताबिक सोमवार की दोपहर पांच यात्री बसों को रोका और उनके चालकों को बस की छत पर चढ़ाकर वहां उनसे सौ-सौ बार उठक-बैठक लगवाई गई.

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इंदौर: मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर में लोग बेरतरीब ट्रैफिक (Traffic) से खासे परेशान है. शहर में लगातार सड़क हादसों (Road Accident) से परेशान लोगों ने तेज गति से बस दौड़ाने वाले ड्राइवरों (Drivers) को अनोखी सजा दी है. स्‍थानीय लोगों ने तेज गति से बसों को दौड़ा रहे ड्राइवरों को रोककर पहले बस (Bus) की चढ़ पर चढ़ाया, फिर सबके सामने उठक-बैठक लगवाई. इसके बाद, ड्राइवरों को भविष्‍य में धीमी रफ्तार से बस चलाने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया.

यह पूरा मामला इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाले महू-पीथमपुर के बीच स्थित राऊ शहर का है. दरअसल, राऊ नगर परिषद से निकलने वाली यह सड़क न केवल संकरी है, बल्कि इलाके में काफी भीड़भाड़ रहती है. कुछ वर्ष पहले, इसी जगह पर एक बस से कुचल कर एक बच्‍चे की मृत्‍यु हो गई थी. इस घटना के बाद स्‍थानीय नागरिकों ने तेज रफ्तार से चलने वाली बसों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और आरटीओ से कई बार गुहार लगाई. बावजूद इसके, संबंधित विभागों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं गई.

स्‍थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस-प्रशासन के रुख से नाराज लोगों ने तेज रफ्तार में बस दौड़ाने वाले ड्राइवरों को खुद सबक सिखाने का फैसला किया. मंगलवार दोपहर भारी संख्‍या में स्‍थानीय लोग मुख्‍य मार्ग पर एकत्रित हुए और तेज रफ्तार से बस दौड़ाने वाले ड्राइवरों को पकड़ना शुरू कर दिया. इस दौरान, स्‍थानीय लोगों ने करीब पांच बस ड्राइवर को पकड़ा. इन ड्राइवरों को पहले बस के ऊपर खड़ा करके उठक-बैठक करने की सजा दी गई, इसके बाद हिदायद देकर उन्‍हें छोड़ दिया गया.

बस की चपेट में आने से बचा बच्‍चा

राऊ नगर परिषद अध्यक्ष शिव डिंगू ने कहा कि इंदौर से महू पीथमपुर के लिए 81 बसें चलती हैं. हर ढाई मिनट पर एक बस है. ड्राइवर सवारियां बैठाने के चक्कर में जगह जगह रुक जाते हैं, फिर समय पूरा करने के लिए तेज गति से बसें चलाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है. राऊ नगर परिषद के सामने संकरा रास्ता होने से भीड़ ज्यादा रहती है, ऐसे में तेज गति से निकल रहीं बसों से हादसे की आशंका बनी रहती है. उन्‍होंने बताया कि आज भी एक बच्चा बस की चपेट में आने से बचा, इसलिए ड्राइवरों को सबक सिखाने के लिए उठक बैठक की सजा दी गई.

निरूत्तर हुए ट्रैफिक पुलिस के एएसपी
ट्रैफिक पुलिस के एडीशनल एसपी महेन्द्र जैन का कहना है कि निर्धारित गति से अधिक रफ्तार में दौड़ने वाली बसों पर कार्रवाइ के लिए राऊ में यातायात पुलिस की टीमों को तैनात किया जाएगा. वहीं, स्‍थानीय लोगों द्वारा दी गई सजा पर उनका कहना था कि ये प्रजातंत्र है, जिसमें जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है, हमें उसे स्वीकारना होगा. कानून को हाथ में लेने के सवाल पर वो निरूत्तर हो गए.बसों में नहीं हैं स्पीड गवर्नर
स्‍थानीय लोगों का आरोप है कि इंदौर के आसपास के क्षेत्रों में जाने वालीं बसों में न तो स्पीड गवर्नर हैं, न इनकी ठीक तरह से मॉनिटरिंग होती है यही वजह है ड्राइवर बेतहाशा रफ्तार में बसों को दौड़ाते हैं, जिससे अक्सर एक्सीडेंट होते रहते हैं. लगातार इस बाबत स्‍थानीय प्रशासन से शिकायत भी की जाती है. प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई न होने चलते लोग अब खुद दोषियों को सजा देने के लिए मजबूर हो गए हैं.

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First published: December 18, 2019, 10:16 AM IST
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