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इंदौर में मौत की फैक्ट्री पर छापा, 10 हजार लीटर मेथेनॉल जब्त

प्रशासन ने छापा मार 10 हजार लीटर मिथाइल अल्कोहल जब्त की.
प्रशासन ने छापा मार 10 हजार लीटर मिथाइल अल्कोहल जब्त की.

कलेक्टर मनीष सिंह ने कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए थे. दूसरी ओर मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी थी कि नायता मुंडला प्लॉट नंबर 5/1,2,3 स्थित मैसर्स दूगड़ केमिकल्स एंड पैंट्स पर कुछ अवैध शराब जैसी चीज बनाई जा रही है.

  • Last Updated: January 21, 2021, 8:08 AM IST
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इंदौर. मुरैना शराब कांड में हुई मौतों के बाद प्रदेशभर में प्रशासन अलर्ट पर है. अलकोहल से जुड़े कारोबारियों पर खास नजर रखी जा रही है. इसी कड़ी में प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बुधवार को जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ऐसी ही एक फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई की. छापे में 10 हजार लीटर मिथाइल अल्कोहल जब्त किया गया.

गौरतलब है कि कलेक्टर मनीष सिंह ने कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए थे. दूसरी ओर मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी थी कि नायता मुंडला प्लॉट नंबर 5/1,2,3 स्थित मैसर्स दूगड़ केमिकल्स एंड पैंट्स पर कुछ अवैध शराब जैसी चीज बनाई जा रही है. ये सूचना मिलते ही एडीएम अजय देव शर्मा, सहायक आबकारी आयुक्त राजनारायण सोनी, एसडीएम अंशुल खरे के साथ आबकारी विभाग के अधिकारियों ने यहां दबिश दी और अंडर ग्राउंड टैंक में अवैध रूप से संग्रहित 10,000 लीटर मिथाइल अल्कोहल बरामद किया.

पूर फैक्ट्री सील, नहीं मिले वैध कागजात



फैक्ट्री के मालिक मनदीप सिंह दूगड़ इसके कोई वैध कागजात और अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके. इसके बाद संयुक्त दल ने अंडर ग्राउंड टैंक और  पूरी फैक्ट्री को सील कर दिया. इसी कंपनी द्वारा संचालित न्यू लेक्स पेंट्स ब्रांड का एक कार्यालय किबे कंपाउंड में स्थित है. इस कार्यालय की भी समानांतर जांच की गई. जांच में एसडीएम मुनीष सिकरवार और आबकारी विभाग की टीम मौजूद थी. ये लोग अवैधानिक रूप से मिथाइल अलकोहल का कारोबार कर रहे थे, इसीलिए किबे कंपाउंड के कंपनी के दफ्तर को भी सील किया गया.
एडीएम ने कहा- कड़ी कार्रवाई होगी

एडीएम अजय देव शर्मा ने बताया कि प्रशासन हर तरह के माफिया पर कार्रवाई कर रहा है. इसी कड़ी में गोपनीय सूचना के आधार पर ये छापे की कार्रवाई की गई, जिसमें एक टैंक में मिथाइल अलकोहल का संग्रहण पाया गया. जबकि, इसके संग्रहण करने के लिए पॉयजन एक्ट के तहत लाइसेंस लेना पड़ता है. फैक्ट्री के मालिक के पास किसी तरह के कोई वैध दस्तावेज नहीं है. इन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें मुरैना में जहरीली शराब से हुई 24 लोगों की मौतों की फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि शराब में मेथेनॉल यानि की मिथाइल एल्कोहल मिलाया गया था और इसी जहर से लोगों की मौत हुई.
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