रेमडेसिविर की कालाबाजारी: इंदौर में 4 गिरफ्तार, एक कांग्रेसी नेता भी, जानिए कैसे-कहां बेचते थे मौत का सामान

इंदौर में रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोके नहीं रुक रही. पुलिस ने फिर 4 आरोपी गिरफ्तार किए.

इंदौर में रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोके नहीं रुक रही. पुलिस ने फिर 4 आरोपी गिरफ्तार किए.

रेमडेसिविर की कालाबाजारी: मध्य प्रदेश की इंदौर पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है. चारों आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं. बाकायदा एक पूरा गिरोह है. इस गिरोह के मुख्य आरोपी गुजरात से जुड़े हैं.

  • Last Updated: May 14, 2021, 7:42 AM IST
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इंदौर. इंदौर की विजय नगर पुलिस लगातार नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के कालाबाजारियों को पकड़ रही है. पुलिस ने गुरुवार को 4 अन्य आरोपी पकड़े. एक आरोपी को भोपाल से, एक आरोपी को सांवेर से जबकि 2 अन्य आरोपियों को शहर से गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले पुलिस एक दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है.

जानकारी के मुताबिक, इंदौर पुलिस जल्द ही कालाबाजारी के मुख्य आरोपियों सुनील मिश्रा, पुनीत शाह और कौशल वोरा को गुजरात से इंदौर ले आएगी. पुलिस ने भोपाल से आरोपी प्रशांत पाराशर को गिरफ्तार किया है. ये पेशे से इंजीनियर है और सब इंस्पेक्टर की तैयारी कर रहा था. इसने 100 इंजेक्शन मुख्य आरोपी सुनील मिश्रा से खरीदे थे और इंदौर जिले से बाहर बेचे. जानकारी मिली है कि प्रशांत पाराशर कांग्रेस से सक्रिय तौर पर जुड़ा है और संक्रमण के वक़्त में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए राजनैतिक दल से दायित्व भी दिए गए थे.

इस तरह मिले हुए हैं आरोपी

वहीं, सांवेर से पकड़ाया आरोपी सरवर खान झोलाछाप डॉक्टर है. उसने दवा बाजार के मेडिकल संचालक गौरव केसवानी से नकली इंजेक्शन खरीदा था. पुलिस ने मेडिकल संचालक गौरव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने एक अन्य आरोपी गोविंद गुप्ता के शामिल होने की बात पुलिस को बताई. पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया. गोविंद मेडिकल दुकान का कर्मचारी है.
700 नकली इंजेक्शन शहर और बाहर बेचे

पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने बताया कि दरअसल, 700 नकली इंजेक्शन गुजरात के मोरबी से सुनील मिश्रा लेकर आया था. पहली खेप में 200 इंजेक्शन  और दूसरी खेप में 500 नकली इंजेक्शन इंदौर में बेच दिए गए थे. आरोपी प्रशांत पाराशर ने 100 नकली इंजेक्शन बेचे, जो उसने आरोपी मिश्रा से खरीदे थे. सुनील मिश्रा ने दवा बाजार के दलाल चीकू सुनील लोधी की मदद से मेडिकल संचालक आशीष ठाकुर को 100 इंजेक्शन बेचे थे. बाद में आशीष  ठाकुर ने इसी नकली इंजेक्शन  को  दूसरे मेडीकल संचालक गौरव केसवानी को बेचे. गौरव केसवानी ने सांवेर के झोलाछाप डॉक्टर सरवर और दवा बाजार के मेडिकल दुकान में काम करने वाले गोविंद को बेचे.

प्रदेश विपक्ष के नेताओं का मित्र है आरोपी



पुलिस की पूछताछ में एक के बाद एक सभी आरोपियों की कड़ी मिलती गई और फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं. आशीष ठाकुर सुनील लोधी, चीकू को पुलिस  पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. आज चार आरोपी प्रशांत पाराशर, गोविंद गुप्ता, गौरव केसवानी और सरवर खान को गिरफ्तार किया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भोपाल से पुलिस ने जिस प्रशांत पाराशर को गिरफ्तार किया है वह भोपाल में पढ़ाई के साथ साथ लंबे समय से राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय था.

उसने सोशल मीडिया पर कई कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ अपने चित्र साझा किए हैं. पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के मुताबिक नकली रेमेडिसीवर इंजेक्शन बेचने के मामले में पुलिस अलग-अलग चरणों मे कई आरोपियो को अब तक गिरफ्तार कर चुकी है.

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