देश सेवा में चीन सीमा पर तैनात होना चाहते हैं सेना के रिटायर्ड जवान, राष्ट्रपति को लिखा पत्र
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देश सेवा में चीन सीमा पर तैनात होना चाहते हैं सेना के रिटायर्ड जवान, राष्ट्रपति को लिखा पत्र
बीएसएफ के रिटायर्ड अफसर ब्रिगेडियर अजय जैन ने बताया कि देश की 11 सशस्त्र सेनाएं होती हैं.

पत्र में उन्होंने कहा कि वो भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर तैनात सेना के किसी भी तरह के सहयोग के लिए तैयार हैं.

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इंदौर. भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव ने सेना के रिटायर्ड सैनिकों (Retired Soldiers) की भी चिंता बढ़ा दी है. यही कारण है कि अब रिटायर सैनिक सेना की मदद के लिए आगे आ गए हैं. आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के 20 से ज्यादा रिटायर्ड अधिकारियों ने इंदौर की रेसीडेंसी कोठी पर सांसद शंकर लालवानी से मुलाकात कर एक पत्र तीनों सेनाओं के प्रमुख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) के नाम से उन्हें सौंपा हैं. इस पत्र में उन्होने कहा कि वो भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर तैनात सेना के किसी भी तरह के सहयोग के लिए तैयार हैं. सरकार चाहे तो उन्हें बार्डर पर भी तैनात कर सकती है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने खुद लेह जाकर सैनिकों का हौसला बढ़ाया है. उससे उनका मनोबल भी बढ़ा है. वे भी राष्ट्रसेवा के लिए ग्राउंड ड्यूटी से लेकर सीमा पर सेवा देने के लिए तैयार हैं.

11 सशस्त्र सेनाओं के रिटायर्ड अधिकारी तैयार 
बीएसएफ के रिटायर्ड अफसर ब्रिगेडियर अजय जैन ने बताया कि देश की 11 सशस्त्र सेनाएं होती हैं, जिनमें आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, असम राइफल, और कोस्ट गार्ड शामिल हैं. इनके रिटायर अधिकारियों से चर्चा की है कि ऐसे हालात में हम लोगों को क्या मदद करनी चाहिए. सबका कहना है कि 1971 के वार मे भी पूर्व सैनिकों ने ग्राउंड ड्यूटी की थी. हम लोग इस बार खुशी- खुशी तैयार हैं. इसके लिए एक फॉर्म बनाया गया है, जिसमें सबकी विलिंगनेस लेकर साइन करवा लिए गए हैं. और पूर्व अधिकारियों ने पत्र के माध्यम से देश के सर्वोच्च सेना पति महामहिम राष्ट्रपति को सांसद शंकर लालवानी के जरिए संदेश भिजवाया है.

वहीं, नेवी से रिटायर फ्लाइट इंजीनियर एस.एल.शर्मा का कहना है कि चाइना जबरदस्ती हमारी टेरेटरी पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है. हिन्द महासागर और प्रशांत महासागर में चाइना एक्टिव हो रहा है. ऐसे में नेवी के लोग भी अपनी सेवाएं देने के लिए तत्पर हैं. नेवी के जो लोग होते है वो टेक्निकल होते हैं. कोई अंडर वाटर प्लोटर है तो कोई गनर है. कोई हवाई जहाज का इंजीनियर है तो कोई ऑर्डिनेस का इंजीनियर है. सरकार को जहां जरूरत हो हम लोगों का उपयोग करे. हमने राष्ट्रपति से निवेदय किया है कि हमारी भावनाओं का कद्र करते हुए हम लोगों की तैनाती करें.
सांसद ने कहा राष्ट्रपति तक पहुंचाएंगे पत्र 


सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि बीते दो महीने से एलएसी पर पड़ोसी देश चीन लगातार नाक में दम किए हुए है. कभी पेंगांग झील पर तो कभी सिक्किम में चीनी सैनिक जबरन घुसपैठ करने की अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. बातचीत से तनाव कम करने का ढोंग रचाने वाले चीन ने अचानक 15 जून को गलवान घाटी में यही हरकत करने की कोशिश की. हालांकि, भारत अपनी सीमा की रक्षा के लिए सक्षम है. लेकिन रिटायर्ड सैनिकों की ये पहल वाकई हौसला बढ़ाने वाली है.
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