Indore Honey Trap: बरामद सीडी और पोर्न फिल्मों से नहीं हुई छेड़खानी, आ गई एफएलएल रिपोर्ट

पुलिस साइबल सेल की तकनीकी मदद से ब्लैकमेलिंग मामले में अनुसंधान कर रही है (प्रतीकात्मक फोटो)

पुलिस साइबल सेल की तकनीकी मदद से ब्लैकमेलिंग मामले में अनुसंधान कर रही है (प्रतीकात्मक फोटो)

हैदराबाद से हनी ट्रैप कांड में जब्त सीडी और पोर्न फिल्मों की रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक इनके साथ किसी तरह की कोई छेड़खानी नहीं की गई है. सब असली हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 8:26 AM IST
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इंदौर. पूरे प्रदेश में सनसनी फैला देने वाले हनी ट्रैप मामले में एफएसएल हैदराबाद की रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों के पास से बरामद सीडी और पोर्न फिल्में असली हैं, इनके साथ किसी तरह की कोई छेड़खानी नहीं की गई है.

गौरतलब है कि 19 सितंबर 2019 को इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पलासिया थाने में धोखाधड़ी और ब्लैकमेल की धारा में केस दर्ज किया गया था. इंदौर पुलिस ने गिरोह में शामिल पांच महिलाओं और उनके ड्राइवर को गिरफ्तार किया था. इनमें मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन और श्वेता स्वप्निल जैन पुलिस के हत्थे चढ़ गई थीं. दोनों फिलहाल सेंट्रल जेल में बंद है.

मामला गंभीर था इसलिए किसी को नहीं मिली जमानत

हनी ट्रैप के इस मामले में नेताओं और अफसरों का नाम आने के बाद जांच के लिए एसआईटी बना दी गई थी. मामले में कई आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट में अपील भी की, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण एक भी महिला आरोपी को जमानत नहीं मिली है.
नाबालिग आरोपी को उज्जैन शिफ्ट किया

हनी ट्रैप मामले की नाबालिग आरोपी को इंदौर जिला जेल से उज्जैन जेल शिफ्ट कर दिया गया है. आरोपी ने इंदौर की जेल से भोपाल जेल में ट्रांसफर करने के लिए जेल प्रबंधक को पत्र लिखकर गुहार भी लगाई थी, जिसके बाद जेल प्रबंधक ने आरोपी को इंदौर की जिला जेल से उज्जैन की जेल में शिफ्ट करवा दिया.

ये हुए खुलासे?



हनी ट्रैप की जांच बहुत लंबी चली थी. पुलिस की जांच में पता चला था कि मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन और श्वेता स्वप्निल जैन हनी ट्रैप के ज़रिए रसूख़दारों को फंसाने के लिए कॉलेज की छात्राओं का इस्तेमाल करती थीं. ये महिलाएं पहले छात्राओं से संपर्क कर उन्हें कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का लालच देकर बहला फुसलाती थीं. जब छात्राएं इनके झांसे में आ जाती थीं तो उन्हें फिर अयोध्या नगर स्थित के उस फ्लैट में रखा जाता था.इस फ्लैट में कई रसूखदारों को हनीट्रैप का शिकार बनाया गया. इसमें एक आईएएस अधिकारी के शामिल होने की जानकारी भी मिली थी.
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