बुरहानपुर की बेटी अश्विनी मेहता के 22 भाषा वाले भजन को मिला प्रथम स्थान
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बुरहानपुर की बेटी अश्विनी मेहता के 22 भाषा वाले भजन को मिला प्रथम स्थान
अश्विनी को उनकी सफलता पर बधाई देते मशहूर सिंगर अरिजीत

महाराष्ट्र के पूना में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की गीत-संगीत प्रतिस्पर्धा में बुरहानपुर की 20 वर्षीय अश्विनी मेहता ने एक भजन को 22 भाषाओं में मन को भाव विभोर कर देने वाले अंदाज में गाया.इस प्रतिस्पर्धा में शामिल 25 से अधिक प्रतिभागियों को पछाड़ अश्विनी मेहता ने पहला स्थान हासिल किया.अश्विनी

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महाराष्ट्र के पूना में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की गीत-संगीत प्रतिस्पर्धा में बुरहानपुर की 20 वर्षीय अश्विनी मेहता ने एक भजन को 22 भाषाओं में मन को भाव विभोर कर देने वाले अंदाज में गाया.अपनी मधुर आवाज में इतनी भाषाओं में उसे गाता देख हर कोई हैरान रह गया.इस प्रतिस्पर्धा में शामिल 25 से अधिक प्रतिभागियों को पछाड़ अश्विनी मेहता ने पहला स्थान हासिल किया.अश्विनी की इस जीत के बाद उन्हें मशहुर सिंगर अरिजीत से मिलने का मौका मिला.अश्विनी के माता-पिता अपनी बेटी की इस कम उम्र में अर्जित की गई उपलब्धि से काफी गदगद हैं और उनका कहना है कि अब वह उसके सिंगर बनने के सफर में उसका पूरा सहयोग करेंगे.

अश्विनी मेहता ने बताया उनके पिता विजय मेहता को संगीत का शौक है.पिता संगीत इंस्ट्रूमेंट्स का बिजनेस करते हैं.इस बीच महाराष्ट्र के पूना में राष्ट्रीय स्तर की गीत संगीत की प्रतिस्पर्धा की सूचना मिली तो ऑडिशन में पास होने के बाद उसे इसमें परफॉर्म करने का मौका मिला.पहला स्थान मिलने के बाद उसने कहा कि अब वह सिंगर बनना चाहती है. इसके लिए अब वह पूना से बकायदा सिंगर का कोर्स कर रही है.

अश्विनी ने बताया 22 भाषाओं वाले इस भजन को गाना उनके लिए चैलेंज था. हिंदी. गुजराती, मराठी, और संस्कृत भाषाएं तो अश्विनी को पहले से आती थीं शेष देश की हाकी 17 प्रादेशिक भाषाओं का उन्होंने आधारभूत ज्ञान लिया और महज 60 दिन में इस भजन को गाने में महारत हासिल की. अश्विनी मेहता ने उन सभी गायक, संगीतकार से अपील की है जिनमें टैलेंट है लेकिन वह कहीं प्रस्तुत नहीं कर पाते, उनको अपने टैलेंट को किसी ना किसी मंच पर प्रस्तुत करना चाहिए.
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