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हनी ट्रैप मामले में SIT को मिला 'अहम सुराग', रसूखदार होंगे बेनकाब

Vikas Singh Chauhan | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 15, 2019, 9:22 PM IST
हनी ट्रैप मामले में SIT को मिला 'अहम सुराग', रसूखदार होंगे बेनकाब
मामले की अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी.

हनी ट्रैप मामले (Honey trap case) की जांच के दौरान एसआईटी (SIT) के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है. अब जेल में बंद दो महिला आरोपियों के ऑडियो सैम्‍पल (Audio Sample) और हस्ताक्षर नमूने लेने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि इंदौर जिला कोर्ट (Indore District Court) में आरोपी पक्ष के वकीलों ने इसके खिलाफ लिखित आपत्ति दी.

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इंदौर. हनी ट्रैप मामले (Honey trap case) की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है. इस मामले में जेल में बंद दो महिला आरोपियों के ऑडियो सैम्‍पल (Audio Sample) और हस्ताक्षर नमूने लेने का रास्ता अब न्यायालय प्रक्रिया के तहत साफ हो गया है. इंदौर जिला कोर्ट (Indore District Court) में मंगलवार को हनी ट्रैप मामले में आरोपी पक्ष के वकीलों ने पुलिस द्वारा दिए गए आवेदन के विरोध में लिखित आपत्ति दी, जिसमें उन्होंने कहा कि पुलिस पहले ही 14 दिन की रिमांड ले चुकी है और उस दौरान पुलिस ने आरोपियों के हैंड राइटिंग और वॉइस सैम्‍पल क्‍यों नहीं लिए.

आरोपी पक्ष के वकीलों एसआईटी पर खड़े किए सवाल
आरोपी पक्ष के वकीलों ने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए ऑडियो और हैंड राइटिंग सैम्पल लेने की अनुमति दिए जाने का विरोध किया. जबकि एसआईटी की तरफ से न्यायलय में पक्ष रख रहे अभियोजन अधिकारी अकरम शेख ने दलील देते हुए कहा कि एसआईटी को विस्तृत जांच में एक डायरी और मोबाइल में कई ऑडियो मिले हैं. जबकि डायरी में पैसों के लेनदेन के बारे में लिखा है. साथ ही मोबाइल में मिली बातचीत में कई रसूखदार पैसों के लेनदेन की बात कर रहे हैं. इसमें कुछ लोग गिरोह के सक्रिय सदस्य तो कुछ शिकार मालूम हो रहे हैं. ऑडियो के सैम्पल को जब्त कर लेब टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा. इसकी रिपोर्ट के बाद एसआईटी कुछ अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कस सकती है और कुछ अन्य को फरियादी भी बना सकती है.

कई घंटे की कवायद के बाद...

कई घंटों तक कोर्ट रूम में चली बहस के बाद न्यायालय ने एसआईटी को वॉइस सैम्पल और हस्ताक्षर के नमूने लेने की अनुमति देते हुए आरोपी पक्ष के वकीलों की अर्जी ख़ारिज कर दी. एसआईटी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ ऑडियो सैम्पल लेने और हस्ताक्षर के नमूने लेने के बाद उनके परीक्षण के लिए उन्हें लेब भेजा जाएगा. एसआईटी को आरोपियों के मोबाइल से कई ऐसे ऑडियो मिले हैं, जिनमें आरोपी प्रदेश के कई रसूखदारों से बात कर रहे हैं. कुछ रसूखदार उनके गेंग के सक्रिय सदस्य थे तो कुछ उनके गिरोह का शिकार हुए थे. ऑडियो सैम्पल मिलने के बाद एसआईटी के लिए आरोपियों का जुर्म न्यायालय में सिद्ध करना भी आसान हो जाएगा. ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि अब इस मामले में शामिल राजनेता, अधिकारी, व्यापारी और कई रसूखदारों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे. जिला अभियोजन अधिकारी के मुताबिक मामले में अगली सुनवाई अब 24 अक्टूबर को होगी. आपको बता दें कि सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं.
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First published: October 15, 2019, 8:43 PM IST
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