इंदौर 'आंखफोड़वा कांड' में राजनीति शुरू, स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया

इंदौर आई हॉस्पिटल (Indore Eye Hospital) मामले में अब तक 15 मरीज़ अपनी आंखों गवां चुके हैं.कलेक्टर ने इस मामले में ज़िला अंधत्व निवारण अफसर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सिफारिश की है. स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट (Health Minister Tulsi Silawat) ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 22, 2019, 1:56 PM IST
इंदौर 'आंखफोड़वा कांड' में राजनीति शुरू, स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया
अब तक 15 मरीज़ अपनी आँखों की रोशनी गवां चुके हैं
Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 22, 2019, 1:56 PM IST
इंदौर आई हॉस्पिटल की लापरवाही से अब तक 15 मरीज़ अपनी आंखों की रौशनी गवां चुके हैं. इस मामले में अस्पतालों (Hospital) का मानवीय चेहरा भी सामने आ रहा है. इंदौर के चौइथराम अस्पताल (Choithram Hospital) और चेन्नई (Chennai) के शंकर नेत्रालय (Shankar Netralay) ने मरीज़ों से कोई भी शुल्क नहीं लेने की घोषणा की है. कलेक्टर ने इस मामले में ज़िला अंधत्व निवारण अफसर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सिफारिश की है. स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इस बीच अब इस मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में आरोप प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है.

बढ़ती जा रही है मरीज़ों की संख्या
इंदौर आई हॉस्पिटल में आंखों की रोशनी गंवाने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. दो और नए मरीजों के सामने आने के बाद ये संख्या 15 हो गई है. अस्पताल की लापरवाही से बिगड़े मोतियाबिंद ऑपरेशनों के एक और मरीज को चेन्नई भेजा गया है. अब तक 5 मरीज चेन्नई भेजे जा चुके हैं. इस मामले में कलेक्टर ने भी हेल्थ कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट भेज दी है. इस रिपोर्ट में जिला अंधत्व निवारण अधिकारी टीएस होरा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की अनुशंसा की गई है क्योंकि 2011 में भी ये ही प्रभारी थे. तब 18 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी, वहीं धार और इंदौर सीएमएचओ की भी लापरवाही सामने आई है.

eye - स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा


जिला प्रशासन ने अस्पताल को कब्जे में लेने की तैयारी शुरू कर दी है. स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट का कहना है कि जब तक मरीज ठीक नहीं हो जाते तब तक चेन्नई के आई स्पेशलिस्ट राजीव रमण इंदौर में ही रहेंगे. उन्होंने कहा कि इस मामले को सीएम कमलनाथ गंभीरता से ले रहे हैं. दोषियों को बख्शा नही जाएगा.

आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू
अब इस मामले में राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इंदौर में बीजेपी के सांसद समेत 5 विधायक हैं लेकिन पार्टी की ओर से कोई भी नुमाइंदा मरीजों की सुध लेने नहीं पहुंचा. जबकि स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट पूरे समय मरीजों के साथ रहे. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला का कहना है कि शहर में बीजेपी सांसद शंकर लालवानी और 5 विधायक मौजूद रहे, लेकिन वो न मरीजों को देखने पहुंचे और न उनकी सहायता के लिए आगे आए.
Loading...

वहीं बीजेपी सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि वे पहले दिन से ही जिला प्रशासन और डॉक्टरों के संपर्क में थे. उन्होंने शंकर नेत्रालय के डॉक्टरों से भी बात की थी. इस मामले में राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए.

Eye - मरीजों का इलाज कर रहे इंदौर के चौइथराम अस्पताल और चेन्नई के शंकर नेत्रालय ने कोई शुल्क नहीं लेने की घोषणा की है
मरीजों का इलाज कर रहे इंदौर के चौइथराम अस्पताल और चेन्नई के शंकर नेत्रालय ने कोई शुल्क नहीं लेने की घोषणा की है


अस्पताल नहीं लेंगे इलाज का पैसा
बहरहाल, इस मामले को लेकर भले ही बीजेपी-कांग्रेस आमने सामने हों, लेकिन सरकार के साथ अस्पताल भी अपना समाजिक सरोकार निभा रहे हैं. यही कारण है कि मरीजों का इलाज कर रहे इंदौर के चौइथराम अस्पताल और चेन्नई के शंकर नेत्रालय ने कोई शुल्क नहीं लेने की घोषणा की है, जबकि सरकार ने इलाज का खर्च उठाने की बात कही थी.

ये भी पढ़ें -
पत्‍नी, बेटे के साथ ईडी दफ्तर पहुंचे राज ठाकरे, मुंबई के कई इलाकों में धारा 144 लागू
सरकारी बैंकों ने बंद किए 1 साल में 5500 ATM और 600 ब्रांच, जानिए क्या है वजह?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इंदौर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 22, 2019, 1:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...