सात साल के 'स्पेशल बच्चे' राज को मिलेगा मां-पिता का प्यार, इटली की दंपति ने लिया गोद

राज नाम के इस स्पेशल चाइल्ड के दत्तक माता-पिता उसे लेने गुरुवार को इंदौर लेने पहुंचे. बच्चे का आईक्यू कम है. इस कारण वह साढ़े छह साल की उम्र में पांच साल के बच्चे की तरह बात करता है.

News18 Madhya Pradesh
Updated: April 27, 2019, 9:26 AM IST
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मध्य प्रदेश का इंदौर शहर में ढाई साल पहले चार साल के जिस बच्चे को उसके जैविक माता-पिता ने छोड़ दिया था, उस राज को अब नए माता-पिता का प्यार मिलेगा. सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) के दिशानिर्देश और कोर्ट के माध्यम से इस बच्चे को इटली के टेग्लीब्यु अल्बर्टो और सिल्वा डेनिक्ला ने गुरुवार को गोद लिया. इंदौर बाल कल्याण समिति ने बच्चे को मुक्त घोषित किया है. इसके बाद संस्था ने उसे गोद देने की प्रक्रिया शुरू की. शहर में यह 21वां फॉरेन अडॉप्शन संजीवनी आश्रम के माध्यम से सम्पन्न हुआ. सात साल का राज अब इटली दम्पति के साथ रहेगा.

दरअसल, साल ढाई साल पहले पहले लसूड़िया थाने के बाहर पुलिस को साढ़े तीन साल का कम आईक्यू लेवल का बच्चा मिला था. पुलिस ने माता-पिता की तलाश शुरू की, लेकिन उसके जैविक माता-पिता का पता नहीं मिल पाया. चाइल्ड लाइन की मदद से बच्चे को संजीवनी सेवा संगम संस्था में रखा गया था. संस्था ने भी उसके माता-पिता या परिवार वालों को खोजने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं मिले. इस बीच राज ने अपनी स्कूली पढ़ाई शुरू की और इस बार केजी 1 की परीक्षा भी दी.



राज नामक इस स्पेशल चाइल्ड के दत्तक माता-पिता उसे लेने गुरुवार को इंदौर लेने पहुंचे. दंपति के दो बच्चे भी हैं. इटली के दंपती ने कारा के पोर्टल पर अनाथ बच्चों की सूची में राज का फोटो देखा था. राज का जॉयफुल चेहरा देख इटली दम्पति ने राज को गोद लेना का फैसला किया. गुरुवार को पहली बार ये दम्पति बच्चे से रूबरू हुआ. अब बच्चे के वीजा के साथ ही सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद तीन मई को वे राज को इटली जाएंगे. खासबात यह है कि बच्चे का आईक्यू लेवल कम है, इसके बावजूद इटली के बिजनेस मैन दंपती ने राज को गोद लिया है.

संजीवनी सेवा संगम की अधीक्षिका आशा सिंह राठौर ने बताया कि पिछले 10 माह के लगातार प्रयास के बाद अब बच्चे को इटली भेजने के लिए अनुमति मिली है. गौरतलब है कि संस्था के माध्यम से अब तक 20 अनाथ बच्चों को विदेशी भेजा जा चुका है और सभी बच्चो का भविष्य सुनहरे हाथो में है. संजीवनी सेवा संगम के शिशुगृह से अब तक करीब 20 अनाथ बच्चों को विदेशी, जबकि 900 बच्चों को देश के दंपतियों ने गोद लिया है. पिछले वर्ष इस संस्था से बच्ची माही को अमेरिका के दंपती ने गोद लिया था.

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