लाइव टीवी

महू के चिप्स कारखानों में हड़ताल के कारण मंडियों में सड़ रहा है 50 लाख से ज्यादा का आलू
Indore News in Hindi

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 6, 2020, 12:38 PM IST
महू के चिप्स कारखानों में हड़ताल के कारण मंडियों में सड़ रहा है 50 लाख से ज्यादा का आलू
महू की चिप्स फैक्ट्रियों में हड़ताल-पचास लाख का आलू बर्बाद

दूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले दिनों नियम का पालन ना करने वाले 5 कारखानों को सील कर दिया. इसके विरोध में सभी कारखाना मालिक हड़ताल पर चले गए.

  • Share this:
इंदौर.देश में सबसे बड़े चिप्स उत्पादकों में शुमार महू क्षेत्र के किसान चार दिनों से परेशान हैं. वजह ये है कि यहां आलू चिप्स बनाने वाले करीब डेढ़ सौ कारखानों (Chips Factories) में हड़ताल (strike) हो गयी है. इससे किसानों (farmers) का करीब 50 से 60 लाख का आलू मंडियों में सड़ रहा है. हड़ताल के कारण 35 हजार मजदूर खाली बैठे हैं.

महू क्षेत्र में पैदा होने वाला आलू पंजाब और हरियाणा से भी अच्छा माना जाता है. इस आलू की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें स्टार्च न के बराबर होती है. इसी खूबी के कारण इस क्षेत्र में पैदा होने वाले अधिकांश आलू का उपयोग चिप्स और वैफर्स बनाने में किया जाता है. यही कारण है कि महू के कोदरिया गांव के आसपास चिप्स और वैफर्स बनाने के करीब डेढ़ सौ कारखाने हैं. इनमें 25 बड़े कारखाने, 50 मीडियम और 70 से ज्यादा छोटे कारखाने हैं. यहां के चिप्स और आलू की डिमांड पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक है.

5 फैक्ट्री सील
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले दिनों नियम का पालन ना करने वाले 5 कारखानों को सील कर दिया. इसके विरोध में सभी कारखाना मालिक हड़ताल पर चले गए.हड़ताल हुई तो आलू की खरीद भी बंद हो गयी. इससे किसान और कारखाना श्रमिक सब का काम रुक गया. किसान परेशान हैं. क्योंकि कोई खरीददार न होने से उनका करीब 50 से 60 लाख का आलू मंडियो में पड़ा हुआ.

रोज 30 हजार बोरे आलू की खपत
महू इलाके की चिप्स फैक्ट्रियों में रोजाना करीब तीस हजार बोरे आलू की खपत होती है.महू मंडी में रोजाना औसतन 5 हजार बोरे आलू खरीदा जाता है. बाकी का आलू इंदौर, शाजापुर, देपालपुर से मंगाया जाता है.खरीद न होने से मंडियो में अब आलू पड़ा हुआ है. किसानों का कहना चिप्स के लिए कड़क आलू की डिमांड होती है. एक-दो दिन पुराना होने पर फैक्ट्री वाले आलू नहीं खरीदते. जबकि यहां पड़ा माल 4 पांच दिन पुराना हो चुका है.

 कार्रवाई का विरोधचिप्स फैक्ट्री मालिकों का कहना है प्रशासन ने हमारी बात सुने और समझे बिना ही कारखानें सील कर दिए हैं. चिप्स कारखाना संचालक संघ के अध्यक्ष मनोज सैनी का कहना है कि हम सरकार की सभी गाइड लाइन्स का पालन कर रहे हैं. प्रदूषण नियंत्रण मानकों से लेकर जीएसटी तक का पालन किया जा रहा है. उसके बावजूद कार्रवाई उचित नहीं है.इस कारोबार से 30 से 35 हजार लोग जुड़े हुए हैं,इसलिए प्रशासन को भी सोचना चाहिए.

कलेक्टर ने मौके पर भेजी अधिकारियों की टीम
फैकट्री की हड़ताल लंबी खिंचने के कारण प्रशासन हरकत में आ गया है. कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने एसडीएम महू और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को मौके पर जाकर तत्काल पूरी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. इस हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित हम्माल और दिहाड़ी मजदूर हैं. करीब डेढ़ सौ हम्माल बेकार हो गए हैं. उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

ये भी पढ़ें-धार मॉब लिंचिंग कांड : टीआई सहित 5 पुलिस वाले सस्पेंड, 3 आरोपी गिरफ़्तार

भगत सिंह का रोल निभाने की कोशिश कर रहा था छात्र, फांसी का फंदा कसने से मौत!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इंदौर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 6, 2020, 12:35 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर