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30 साल तक इंदौर सांसद रहीं सुमित्रा ताई ने कहा- मुझे पद्म भूषण क्यों मिला ये आश्चर्य की बात

पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन को पद्म भूषण देने का ऐलान किया गया है.
पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन को पद्म भूषण देने का ऐलान किया गया है.

Indore News: देश के सबसे स्वच्छ शहर का लगातार 30 सालों तक प्रतिनिधित्व करने वालीं पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan) को देश के सबसे प्रतिष्ठित पद्म भूषण (Padma Bhushan) सम्मान से नवाजा जाएगा.

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इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर का लगातार 30 सालों तक प्रतिनिधित्व करने वालीं पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan) को देश के सबसे प्रतिष्ठित पद्म भूषण (Padma Bhushan) सम्मान से नवाजा जाएगा. 77 साल की सुमित्रा ताई ने इस सम्मान का असल हकदार इंदौर की जनता को बताया है. उन्होंने कहा कि इंदौर (Indore) की जनता के प्यार ने ही उन्हें लगातार 30 साल तक सिर माथे पर बिठाए रखा और उसी का परिणाम है कि आज इतना बडा़ सम्मान मुझे सामाजिक कार्य के क्षेत्र में मिला है. मैंने जो भी काम किया उसे इंदौर की जनता ने हमेशा सराहा, कभी निंदा नहीं की. मुझे पद्म भूषण क्यों मिला ये बहुत आश्चर्य की बात है. मैने ऐसा तो बहुत कुछ नहीं किया. हां प्रामाणिकता से जरूर काम करती रही और इंदौर की जनता ने लगातार 8 बार सांसद का चुनाव जितवा दिया और प्रधानमंत्री ने स्पीकर बनने का मौका दिया.

न्यूज 18 से बातचीत के दौरान उन्होने लोगों एक संदेश भी दिया कि जीवन में जो भी मौके मिले,कुछ करने का,उस समय जितना बने उतना अच्छा काम कर दें. हो सकता है उसका परिणाम आपको बाद में मिले. सालों साल से जो मैंने पार्टी के लिए काम किया था उसे पार्टी ने भी रिकॉगनाइज किया और कई महात्वपूर्ण पद दिए, लेकिन अब सरकार ने जो पुरस्कार दिया है ये बड़ी बात है. सुमित्रा महाजन मीरा कुमार के बाद लोकसभा स्पीकर का पद संभालने वाली दूसरी महिला रही हैं.

राजनीति में दर्ज है खास रिकॉर्ड
12 अप्रैल 1943 को महाराष्ट्र के चिपलुन में जन्मी सुमित्रा महाजन के पिता संघ के प्रचारक थे. 22 साल की उम्र में इंदौर में एडवोकेट रहे स्व. जयंत महाजन से उनका विवाह हुआ. वे खुद एडवोकेट भी हैं. ताई के नाम से मशहूर सुमित्रा महाजन के राजनीतिक जीवन की शुरूआत 1980 के दशक में हुई जब वे इंदौर की उपमहापौर चुनी गईं. इसके बाद भाजपा ने उन्हें इंदौर-3 से विधानसभा का टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस के महेश जोशी ने उन्हें हरा दिया. राजनीतिक जीवन में ये उनकी एकमात्र हार थी. 1989 में उन्होंने पूर्व मंत्री प्रकाशचंद्र सेठी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. इसके बाद जीत का सिलसिला शुरू हो गया. अपनी शिष्टता,सौम्यता और साफगोई के लिए प्रसिद्ध सुमित्रा महाजन के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ना लगभग असंभव है. वे देश की एकमात्र महिला सांसद हैं, जो एक ही लोकसभा क्षेत्र से, एक ही पार्टी से लगातार 8 लोकसभा चुनाव जीतीं.
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