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'नटवरलाल' का शिकार होने से बचे MLA आकाश विजयवर्गीय, ये है पूरा मामला

News18 Madhya Pradesh
Updated: January 14, 2020, 7:07 PM IST
'नटवरलाल' का शिकार होने से बचे MLA आकाश विजयवर्गीय, ये है पूरा मामला
खुद को एसपी बताकर भाजपा विधायक से 10 लाख ठगने की कोशिश.

भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय (BJP MLA Akash Vijayvargiya) से 10 लाख रुपये ठगने की कोशिश का मामला सामने आया है. राजस्थान के 35 वर्षीय बदमाश ने खुद को इंदौर का पुलिस अधीक्षक (पूर्वी क्षेत्र) मोहम्मद यूसुफ कुरैशी बताकर ये रुपए ठगने की कोशिश की थी.

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इंदौर. फोन पर खुद को पुलिस अधीक्षक बताकर इंदौर के भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय (BJP MLA Akash Vijayvargiya) से 10 लाख रुपये ठगने की कोशिश करने वाले राजस्थान के 35 वर्षीय बदमाश सुरेश घांची को धर दबोचा गया. 'मिस्टर नटवरलाल' के नाम से कुख्यात बदमाश फर्जी पहचान के बूते कई राज्यों में प्रभावशाली लोगों से ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है. इस घटना का खुलासा पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सूरज वर्मा (Suraj Verma) ने किया है.

एसपी बन ठगी का किया प्रयास
पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सूरज वर्मा ने बताया कि राजस्थान के पाली जिले से पकड़े गये बदमाश की पहचान सुरेश घांची उर्फ भेरिया (35) के रूप में हुई है. उन्होंने आरोपी से पूछताछ के हवाले से बताया कि उसने इंटरनेट से फोन नम्बर हासिल करने के बाद स्थानीय भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को कुछ दिन पहले कॉल किया और अपना परिचय शहर के पुलिस अधीक्षक (पूर्वी क्षेत्र) मोहम्मद यूसुफ कुरैशी के रूप में दिया. वर्मा के मुताबिक फोन पर हुई बातचीत में खुद को पुलिस अधीक्षक बता रहे घांची ने विधायक से कहा कि उसके परिजन को 10 लाख रुपये की तुरंत आवश्यकता है और वह एक बैंक खाते में यह रकम जमा कर दें.

ट्रूकॉलर ऐप पर पंजीकृत का नंबर

पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सूरज वर्मा ने कहा कि शातिर ठग ने विधायक को जिस फोन नम्बर से कॉल किया, उसे उसने ट्रूकॉलर ऐप पर 'एसपी इंदौर' के नाम से पहले ही पंजीकृत कर लिया था. ठगी के कॉल के बाद संदेह होने पर विधायक की ओर से पुलिस को इस शख्स के बारे में शिकायत की गयी थी.

8वीं पास घांची बना 'मिस्टर नटवरलाल'
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि महज आठवीं तक पढ़ा घांची 'मिस्टर नटवरलाल' के नाम से कुख्यात है. वह किसी व्यक्ति की आवाज एक बार सुनने के बाद उसकी नकल करने में माहिर है. उसने राजस्थान के साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और अन्य सूबों में फर्जी पहचान के बूते राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों, उद्योगपतियों और अमीर लोगों से ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है. यही नहीं, वह लोगों को ठगी के जाल में फांसने के लिये खुद को फोन पर पुलिस या प्रशासन का आला अधिकारी, न्यायाधीश अथवा जन प्रतिनिधि बताता था. 

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First published: January 14, 2020, 4:49 PM IST
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