इंदौर के विहान ने छोटी उम्र में कर दिया ऐसा कमाल कि हर कोई कर रहा तारीफ, अब मिला ये खास सम्मान

इंदौर के विहान ने छोटी उम्र में कमाल कर दिया है. उन्हें 33 संस्कृत श्लोक कंठस्थ हैं.

इंदौर के विहान ने छोटी उम्र में कमाल कर दिया है. उन्हें 33 संस्कृत श्लोक कंठस्थ हैं.

इंदौर के विहान ने छोटी सी उम्र में कमाल कर दिया है. वह संस्कृत के श्लोकों के जरिए धर्म का संदेश दे रहा है. 6 साल का विहान मंत्रोच्चार से बच्चों को प्रेरित कर रहा है. हैरानी की बात ये है कि विहान इस कम उम्र में 50 से ज्यादा मोबाइल एप भी बना चुका है.

  • Last Updated: March 21, 2021, 4:04 PM IST
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इंदौर. कहते हैं मन में कुछ करने की दृढ इच्छाशक्ति हो तो छोटी उम्र में भी बच्चे कमाल कर जाते हैं. इंदौर के विहान (Vihan of indore) ने महज 6 साल की उम्र में कुछ ऐसा कर दिया, जिसे सुनकर लोग तारीफ किए बिना नहीं रह पाए. छह साल के विहान ने संस्कृत के श्लोक कंठस्थ कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड  (India book of world record) में अपना नाम दर्ज कराया है. बदलते दौर के बीच आज जहां युवा पीढ़ी धर्म और आध्यात्म से दूर होती जा रही है, लेकिन इंदौर के नन्हें विहान की धर्म के प्रति रूचि देखते ही बनती है, महज 6 साल की उम्र में ऐसा कमाल कर दिखाया, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

विहान को संस्कृत के 55 श्लोक कंठस्थ याद हैं. जैन परिवार से ताल्लुक रखने वाले विहान की धर्म के प्रति ऐसी रूचि बढ़ी कि उन्होंने आचार्य मानतुंग के भक्तामर स्रोत को कंठस्थ किया, इसकी प्रेरणा उसे उनके नाना-नानी से मिली, विहान की नानी उसे ऑनलाइन मंत्रोच्चार सिखाती रहीं, आज विहान भक्तामर स्त्रोत, लोग्गस पाठ, नवकार मंत्र और मंगल पाठ सही उच्चारण के साथ जाप कर लेते हैं. इस छोटी उम्र में ऐसी प्रतिभा को देखते हुए विहान का नाम इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. नन्हें विहान का कहना है कि उनका आध्यात्म के साथ ही क्रिकेट से भी खासा लगाव है, विहान भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के फैन हैं.

नानी ने हर रोज एक घंटे ऑनलाइन सिखाया मंत्रोच्चार

विहान के नाना नानी ने सबसे पहले विहान की इस प्रतिभा को पहचाना, नन्हें बच्चे की धर्म के प्रति रूचि देखकर नानी ने उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, वो रोज 1 घंटे ऑनलाइन तरीके से विहान को मंत्रोच्चार सिखातीं रहीं, विहान की संस्कृत में रुचि आश्चर्यजनक है, विहान के नाना नानी का कहना है विहान की इस प्रतिभा को देखकर दूसरे बच्चे भी मंत्रों का जाप करने लगे हैं ये दूसरे बच्चों को भी प्रेरणा देने का काम कर रहा है.
पिता ने कहा- अब वर्ल्ड रिकॉर्ड की बारी 

विहान के पिता का कहना है इस उम्र के बच्चे मोबाइल गेम्स की दुनिया में ही खोए रहते हैं, लेकिन विहान रोजाना सुबह और शाम को श्लोक पाठ करता है. यही वजह है कि विहान का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के बाद एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज होने जा रहा है. उनकी कोशिश है कि विहान का नाम आगे चलकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड मे दर्ज हो,वहीं आध्यात्म के साथ ही विहान मोबाइल एप भी बना रहे हैं वे अभी तक 50 मोबाइल एप बना चुके हैं जिसमें वॉटर रिमाइंडर एप,वॉश योर हेंड रिमाइंडर,बास्केटबाल एप,फाइंड द डिफरेंट एप शामिल हैं.

बहरहाल विहान को इस छोटी सी उम्र में श्लोक पढ़ते हुए देख हर कोई दांतों तले उंगलियां दबा लेता है. उम्र के इस शुरूआती दौर में जिस तरह से विहान का आध्यात्म के प्रति लगाव है वो अपनी उम्र के बच्चों के साथ ही नई पीढ़ी के सामने भी मिसाल पेश कर रहे हैं.
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