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व्यापमं घोटालाः जेल में बंद एक और आरोपी की मौत, परिजनों को मर्डर का शक

व्यापमं घोटाले से जुड़े एक ओर आरोपी की मौत हो गई. इंदौर की जेल में बंद नरेंद्र तोमर को सॉल्वर यानि किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

व्यापमं घोटाले से जुड़े एक ओर आरोपी की मौत हो गई. इंदौर की जेल में बंद नरेंद्र तोमर को सॉल्वर यानि किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

व्यापमं घोटाले से जुड़े एक ओर आरोपी की मौत हो गई. इंदौर की जेल में बंद नरेंद्र तोमर को सॉल्वर यानि किसी दूसरे की जगह पर ...अधिक पढ़ें

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    व्यापमं घोटाले से जुड़े एक ओर आरोपी की मौत हो गई. इंदौर की जेल में बंद नरेंद्र तोमर को सॉल्वर यानि किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

    प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में दिल का दौरा पड़ने को मौत की वजह बताया जा रहा है. वहीं परिजन नरेंद्र की मौत के पीछे साजिश की आशंका जता रहे है. उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है.

    रात 11 बजे बिगड़ी थी तबीयत

    जिला जेल अधीक्षक आरसी भाटी ने बताया कि रात करीब 11 बजे तबीयत खराब होने की सूचना पर नरेंद्र को जेल में ही प्राथमिक उपचार दिया गया. थोड़ी देर बाद नरेंद्र ने घबराहट की शिकायत की तो उसे इलाज के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया. यहां इलाज के दौरान के नरेंद्र को दिल का दौरा पड़ा और आईसीयू ले जाते वक्त उसकी सांसे थम गई.

    असिस्टेंट वेटरनरी आॅफिसर था नरेंद्र

    नरेंद्र रायसेन ज़िले के गैरतगंज में असिस्टेंट वेटरनरी आॅफिसर के पद पर पदस्थ था. नरेंद्र को 15 फरवरी को इंदौर एसटीएफ ने सॉल्वर के आरोप में गिरफ्तार किया था. उसे गिरफ्तार करने के बाद भोपाल की अदालत में पेश किया गया था. यहां से उसे इंदौर की जिला जेल भेजने के आदेश दिए गए. जेल अधीक्षक आरसी भाटी के मुताबिक नरेंद्र को 24 फरवरी को जिला जेल लाया गया था.

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

    नरेंद्र के परिजन उसकी मौत को सामान्य मौत मानने के लिए राजी नहीं है. परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र के साथ जेल में मारपीट की गई. मारपीटमें  वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गईं. परिजनों के मुताबिक परिवार में किसी को दिल से जुड़ी बीमारी नहीं है. इस वजह से नरेंद्र को दिल का दौरा पड़ने की बात गले नहीं उतर रही है.

    सीबीआई जांच की मांग

    परिजनों ने नरेंद्र की मौत को असामान्य करार देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. नरेंद्र के छोटे भाई विक्रम ने बताया कि पिछले सप्ताह ही वह जेल में आकर भाई से मिला था. इस दौरान उसे किसी तरह की कोई परेशान नहीं थी और वह पूरी तरह से स्वस्थ्य था. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच अधिकारियों के मुताबिक शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही जांच की दिशा तय होगी.

    15 जुलाई को होनी थी जमानत याचिका पर सुनवाई

    नरेंद्र पिछले 4 महीनों से जेल में बंद था. इस दौरान परिजन उसकी जमानत कराने की कवायद में जुटे हुए थे. 15 जुलाई को जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी और परिजनों को उम्मीद थी कि नरेंद्र जेल से बाहर आ जाएगा. हालांकि, इस दौरान अचानक हुई इस घटना ने उन्हें तोड़कर रख दिया.

    बढ़ रहा है संदिग्ध मौत का आंकड़ा

    व्यापमं मामले में संदिग्ध मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. अब तक इस फर्जीवाड़े से जुड़े 40 लोगों की रहस्यमय हालात में मौत हो चुकी है. इसमें राज्यपाल रामनरेश यादव का बेटा भी शामिल है. मध्य प्रदेश के सबसे बड़े भर्ती व्यापमं घोटाले के 55 मामलों में 2500 लोग आरोपी हैं. अब तक 1980 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. करीब 550 आरोपियों की गिरफ्तारी होनी अभी शेष है.

    Tags: Vyapam Scam, इंदौर

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