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Indore: 137 साल पुराना व्हाइट चर्च अनदेखी का शिकार, कभी शिक्षा का था केंद्र, अब बना शराबियों का अड्डा

White Church Indore: इंदौर में पश्चिमी देशों, मुगल काल और भारतीय आर्किटेक्ट की बहुत ही मनभावन और खूबसूरत इमारतें देखने ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- अंकित परमार

इंदौर. मध्‍य प्रदेश के इंदौर की ऐतिहासिक इमारतें मालवा के स्वर्णिम अतीत को दिखाती हैं. सैंकड़ो साल पुराने भव्य और पुरातात्विक स्थान इंदौर की सुंदरता में चार चांद लगाने का काम करते हैं. इंदौर में पश्चिमी देशों, मुगल काल और भारतीय आर्किटेक्ट के बहुत ही मनभावन और खूबसूरत नजारे देखने को मिल जाते हैं. इसी तरह की एक ऐतिहासिक और खूबसूरत इमारत है जिसको आमजन व्हाइट चर्च पुकारते हैं. यह बिल्डिंग शहर के मध्य एमवाय हॉस्पिटल के पास मौजूद है.

यही नहीं, लोग यहां तस्वीरें खिंचवाने आते हैं और कुछ लोगों का मानना है कि ये जगह भूतिया है. हालांकि पश्चिमी आर्किटेक्ट को सुंदरता से दर्शाती यह इमारत अब जर्जर होने लगी है. प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है और ना ही इसके रखरखाव को लेकर कोई योजना बनाई जा रही है.

चर्च नहीं कॉलेज हुआ करती थी ये 137 साल पुरानी इमारत
इस खूबसूरत इमारत का निर्माण सन 1885 में उस वक्त के राजकुमार कॉलेज और आज के डेली कॉलेज के नाम से जाने जाने वाले शैक्षणिक संस्थान के लिए हुआ था. साल 1909 में इस इमारत को किंग एडवर्ड मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया गया और डेली कॉलेज ने अपनी नई बिल्डिंग बना ली. आगे चलकर किंग एडवर्ड मेडिकल कॉलेज का नाम महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज रखा गया.

इमारत को मौजूदा हालत बेकार
1885 में निर्मित इस इमारत की हालत वर्तमान में जर्जर हो गई है. यह इमारत पश्चिमी आर्किटेक्ट का एक खूबसूरत और बेहतरीन नमूना है जो मालवा में कम ही देखने को मिलता है. सफेद रंग की खूबसूरत इमारत की दीवारों से अब मोटी मोटी परतें गिरना शुरू हो गई हैं. इमारत के अंदर भी 100 साल पुरानी बेशकीमती लकड़ियां, टेबल कुर्सियां, अलमारियां और ऐसे सामान मौजूद हैं, जो अपने आप में यूनिक और आज के समय में ना पाए जाने वाले हैं. हालांकि ना तो उनका ख्याल रखा जा रहा है और ना ही उन्हें संजोने का कोई प्रयास किया जा रहा है. आलम यह है कि 137 साल पुरानी इमारत को एक चौकीदार तक नसीब नहीं है. यह इमारत शराबियों और असामाजिक तत्वों का एक अड्डा बन चुका है. इमारत के अंदर का कीमती सामान भी अब टूटने लगा है.

साल 2003 में हुई थी जीर्णोद्धार की पहल
साल 2003 में उस वक्त के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में इस इमारत के जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ था, लेकिन अंदर के कुछ हिस्सों में फर्श और बाहरी हिस्से में पुताई के अलावा यहां कोई विशेष काम नहीं किया गया. जीर्णोद्धार का कार्य उस समय से अब तक अटका हुआ है. इमारत की खूबसूरती देखकर यह कहा जा सकता है कि अगर इसकी हालत थोड़ी बेहतर और ठीक हो तो पर्यटकों के लिए यह एक खास आकर्षण का केंद्र बन सकता है.

भविष्य में भी जीर्णोद्धार की नहीं है कोई योजना
इस मामले में जब पुरातत्व विभाग के अधिकारी डॉ. डीपी पांडे से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि ये इमारत पुरातत्व विभाग के कार्यक्षेत्र में नहीं है, इसलिए इस पर काम करना संभव नहीं है. वहीं, नगर निगम पीआरओ राजेन्द्र गरोठिया ने बताया कि फिलहाल निगम की व्हाइट चर्च के जीर्णोद्धार की कोई योजना नहीं है.

Tags: Digvijay singh, Indore Municipal Corporation, Indore news, Mp news

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