करोड़ों की लागत से निर्मित केला राईपनिंग चेम्बर व कोल्ड स्टोर साबित हो रहे सफेद हाथी
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करोड़ों की लागत से निर्मित केला राईपनिंग चेम्बर व कोल्ड स्टोर साबित हो रहे सफेद हाथी
दो साल से बना कोल्ड स्टोर व केला राईपनिंग चेम्बर, जिसका नहीं हो रहा उपयोग

बुरहानपुर कृषि उपज मंडी समिति द्वारा करोड़ों की लागत से निर्मित केला राईपनिंग चेम्बर व कोल्ड स्टोरेज सेंटर सफेद हाथी साबित हो रहा है.कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी का आरोप है कि बीजेपी के नेता व ठेकेदार कमिशनबाजी के चक्कर में किसानों के पैसे की बर्बादी कर रहे हैं.

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बुरहानपुर कृषि उपज मंडी समिति द्वारा करोड़ों की लागत से निर्मित केला राईपनिंग चेम्बर व कोल्ड स्टोरेज सेंटर सफेद हाथी साबित हो रहा है.कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी का आरोप है कि बीजेपी के नेता व ठेकेदार कमिशनबाजी के चक्कर में किसानों के पैसे की बर्बादी कर रहे हैं.उन्हेंने कहा कि यह केवल एक उदाहरण है मंडी में ऐसे कई निर्माण कार्य किए जा रहे हैं जिनका किसानों को कोई लाभ नहीं हो रहा है जबकि मंडी को किसानों के लिए गांव से मंडी तक पहुंच मार्ग पर राशि खर्च करनी चाहिए. उधर मंडी प्रशासन का कहना है जल्द ही केला राईपिंग चेम्बर व कोल्ड स्टोरेज सेंटर शुरू कर दिया जाएगा ताकि केला उत्पादक किसान अपने केले को पका कर मार्केट में बेच सकें.

बुरहानपुर की रेणुका कृषि उपज मंडी परिसर में  8 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से करीब ढाई हजार वर्ग फुट पर बने केला राईपनिंग चेम्बर, कोल्ड स्टोरेज सेंटर को बनाने का मकसद बुरहानपुर केला उत्पादक किसानों को अपने कच्चे केले की बजाए बाजार में केला पका कर या विदेश में केले को निर्यात योग्य बनाने का था.लेकिन मंडी प्रशासन द्वारा इसके संचालक के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट व किराया अधिक होने के चलते इसको संचालित करना घाटे का सौदा होने के चलते किसी भी ठेकेदार कंपनी ने इसके संचालन में कोई रूचि नहीं ली.जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष  का आरोप है कोल्ड स्टोरेज सेंटर क्षमता से काफी अधिक निर्मित करा दिया गया है और इसके पीछे बीजेपी के कथित नेताओं व ठेकेदारों की कमीशनबाजी का चक्कर है.

मंडी प्रशासन का कहना है यह सेंटर दो साल पहले ही निर्मित हो कर तैयार हुआ है. कई बार इसकी निविदाएं निकाली गईं लेकिन किसी ने रूचि नहीं दिखाई. हाल ही में एक ठेकेदार लेने के लिए आगे आया है जिसका प्रस्ताव मंडी बोर्ड को भेज दिया है. मंडी बोर्ड से अनुमोदन होते ही ठेकेदार को केला राईपनिंग चेम्बर  व कोल्ड स्टोरेज संचालन के लिए सौंप दिया जाएगा. इसके शुरू हो जाने से क्षेत्र के केला उत्पादक किसानों को काफी सहूलत होगी. किसान अपने केले को कच्चा बेचने की बजाए इस राईपनिंग चेम्बर के माध्यम से पकाकर मार्केट में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे.
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