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स्वच्छता सर्वेक्षण: इस बार कौन सा शहर बनेगा सफाई में सिरमौर? क्या ‘सिक्सर’ लगाएगा इंदौर?

पिछले पांच बार से इंदौर स्वच्छता में नंबर वन शहर का खिताब जीत चुका है.

पिछले पांच बार से इंदौर स्वच्छता में नंबर वन शहर का खिताब जीत चुका है.

अभी तक कई शहर ऐसे हैं, जहां गंदगी का आलम ही सुर्खियों में रहता है, वहीं, 32 लाख इंदौरियों ने सफाई को अपने डीएनए में उता ...अधिक पढ़ें

रिपेार्ट – अंकित परमार

इंदौर. देश और दुनिया में सफाई के मामले में पिछले 5 सालों से लगातार अपना डंका बजाने वाला इंदौर ‘स्वच्छता में सिक्सर’ लगाने की तैयारी में है. 1 अक्टूबर को दिल्ली में हो रहे स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए शहर से 22 लोगों की टीम दिल्ली रवाना होगी. यह अवॉर्ड इसलिए भी पक्का है कि यहां 7.5 हजार सफाई मित्र सुबह 4 बजे से देर रात तक सड़कों पर मेहनत करते हैं. उन्हें न बारिश रोक पाती है, न ही ठंड. इसके अलावा दूसरे शहरों के मुक़ाबले तकनीक और मैनेजमेंट दोनों ही मामलों में प्रैक्टिकल रूप से इंदौर बहुत आगे और अपडेटेड है.

अन्य सभी शहर कचरा निपटाने की व्यवस्था में सरकारी रकम ख़र्च करते हैं लेकिन इंदौर इस मामले में भी आगे है. गीले कचरे से बायो सीएनजी फॉर्मूले की मदद से अपना खर्च तो कम करता ही है बल्कि ब्छळ से अपनी कमाई भी करता है. यानी इंदौर में कचरे से कमाई होती है. इसके अलावा कुछ और फैक्टर भी हैं, जो स्वच्छता के मामले में इंदौर को अग्रणी बनाए रखते हैं.

ऐसे फूटता है इंदौरियों का गुस्सा

इंदौर में ऐसे मामले अक्सर आते हैं, जहां किसी व्यक्ति के कचरा फैलाने पर उसे सामाजिक अवहेलना और आम इंदौरियों के गुस्से का सामना करना पड़ता है. कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर स्टारबक्स कैफे के सामने सड़क पर पड़े एक कॉफी कप की फोटो वायरल हुई थी, जिसमें कॉफी पीने वाले व्यक्ति का भी नाम लिखा हुआ था. उसके बाद सोशल मीडिया पर उस व्यक्ति की जमकर आलोचना हुई और आखिर में उसने सबके सामने आकर माफी मांगी.

इसके अलावा सड़क पर चॉकलेट का रैपर फेंकने पर भी आसपास के लोगों ने इकट्ठा होकर रैपर फेंकने वाले से कचरा उठवाया था. इस घटना की तस्वीरें भी खूब वायरल हुई थीं.

कचरे की छंटाई में भी इंदौर अपग्रेड

नगर निगम इंदौर ने 2017 में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहन से गीला और सूखा कचरा लेने की व्यवस्था बनाई थी. साल 2019 में इन वाहनों में तीसरा बिन लगाया गया. 2020 में इन वाहनों में ‘सिक्स बिन सेग्रिगेशन’ की व्यवस्था शुरू हुई. इसमें गीले और सूखे कचरे के अलावा प्लास्टिक, इलेक्ट्रिक, घरेलू हानिकारक व सेनेटरी वेस्ट को अलग-अलग लेने के लिए कपार्टमेंट बनाए गए. ऐसे में छह तरह का कचरा अलग-अलग मिलने से छंटाई की समस्या कम हुई.

अवॉर्ड लेने दिल्ली जाएगी 22 लोगों की टीम

1 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डाॅ. पवन शर्मा, कलेक्टर मनीष सिंह, निगमायुक्त प्रतिभा पाल, पूर्व अपर आयुक्त संदीप सोनी ‘ नंबर 1’ का पुरस्कार हासिल करेंगे. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ज़मीनी स्तर पर सफाई करने वाले 8 कर्मचारियों का स्टाफ भी जाएगा.

Tags: Indore news, The cleanest city of the country

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