अपना शहर चुनें

States

Ganesh Chaturthi 2019: इस गणेश मंदिर में होती है धन वर्षा, 3 करोड़ का सोना पहनते हैं भगवान

गणेश चतुर्थी पर 10 दिनों तक चलता है महोत्सव.
गणेश चतुर्थी पर 10 दिनों तक चलता है महोत्सव.

भगवान गणेश का श्रृंगार तीन करोड़ के गहनों से किया जाता है. जबकि कहा जाता है कि इस मंदिर में आने वाले हर भक्त की सभी मनोकामना पूर्ण होती है.

  • Share this:
भक्तों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक इंदौर का खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Ganesh Temple) पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. इस मंदिर में मुख्य मूर्ति भगवान गणपति की है, जो केवल सिन्दूर से निर्मित है. हालांकि इस परिसर में भगवान गणेश (Lord Ganesha) के अलावा और देवी-देवताओं के भी मंदिर हैं. जबकि देश के सबसे धनी गणेश मंदिरों में खजराना गणेश मंदिर का नाम सबसे आगे हैं और यहां करोड़ों रुपए का चढ़ावा हर साल आता है, जिसमें विदेशी मुद्राएं और सोने-चांदी के जेवरात भी शामिल रहते हैं. आपको बता दें कि 2 सितंबर को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का पर्व है.

महारानी अहिल्याबाई कराया मंदिर का निर्माण
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में होल्कर वंश की महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था. मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु इस मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हैं और मंदिर की दीवार में धागा बांधते हैं. इस मंदिर में प्राचीन प्रतिमा के बारे में कहते हैं कि ये प्रतिमा एक स्थानीय पंडित मंगल भट्ट को सपने में दिखी थी. इसी सपने के बाद रानी अहिल्याबाई होल्कर ने खुदाई कर जमीन के नीचे से मूर्ति निकलवाई और स्थापित करवाया. जहां से प्रतिमा निकाली गई थी वहां एक जलकुंड है, जो मंदिर के ठीक सामने है.

परिसर में हैं 33 मंदिर
खजराना गणेश मंदिर परिसर में 33 छोटे-बड़े मंदिर बने हुए हैं, यहां भगवान राम, शिव, मां दुर्गा, साईं बाबा, हनुमानजी समेत देवी-देवताओं के मंदिर हैं. मंदिर परिसर में पीपल का एक प्राचीन पेड़ भी है और इस पीपल के पेड़ के बारे में मान्यता है कि ये मनोकामना पूर्ण करने वाला पेड़ है. खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत होती है. इन दिनों में रोज भजन संध्या, महाआरती, अलग-अलग तरह के लड्डुओं का भोग और पुष्प शृंगार किया जाता है. यहां 51 हजार मोदक भक्तो में बांटे जाते हैं.



भगवान गणेश का श्रृंगार तीन करोड़ के गहनों से किया जाता है. कहते हैं कि इस मंदिर में आने वाले हर भक्त की सभी मनोकामना पूर्ण होती है. यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिये भगवान गणेश के पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाता है, वह उसकी मनोकामना पूर्ण करते हैं. जबकि मनोकामना पूर्ण होने के बाद भक्त दोबारा सीधा स्वास्तिक बनाते हैं. यहां अपने जन्मदिन और सालगिरह के मौके पर भक्त गणेश भगवान का आशीर्वाद लेने जरूर पहुंचते हैं.

भगवान गणेश का श्रृंगार तीन करोड़ के गहनों से किया जाता है.


हर साल इतने दर्शक पहुंचते हैं मंदिर
234 साल पुराने मंदिर में हर साल सवा करोड़ से ज्यादा भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं. इनमें फिल्मी हस्तियां, राजनेता, क्रिकेट खिलाड़ी शामिल हैं. जबकि हर साल मंदिर को तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि दान के रूप में प्राप्त होती है.

बहरहाल, 16 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में अन्न क्षेत्र है. जहां रोज बारह सौ से ज्यादा लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता है. वहीं यहां डेढ करोड़ रुपए की लागत से हाईटेक भोजनशाला बनाई गई है,जिसमें आटा गूंथने और रोटी बनाने की मशीने लगाई गईं हैं. जबकि मसाला भी मशीनों से पीसा जाता है. अन्न क्षेत्र में दो सौ लोग एक साथ भोजन करते हैं.

मंदिर परिसर में एक हाईटेक भोजनशाला भी है.


वैसे खजराना गणेश मंदिर परमार्थ के काम भी कर रहा है और यहां पर 8 बेड का हॉस्पिटल है, जिसमें 400 रुपए में डायलिसिस किया जाता है. जबकि निजी हॉस्पिटल में ये खर्च 1200-1500 रुपए है. मुख्य पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया यह प्रदेश का एकमात्र गणेश मंदिर है, जिसके लिए विधानसभा में एक्ट पारित किया गया.

ये भी पढ़ें-गोपाल भार्गव ने दिया CM हाउस के बाहर अनशन का अल्टीमेटम, ये है वजह

PAK सेना की शह पर PoK में बैठे हैं 50 आतंकी, कश्मीर में कर सकते हैं बड़ा हमला
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज