Indore: आप भी देख सकेंगे कहां और कितना है पॉल्यूशन, इन 20 जगहों पर लगेंगे उपकरण

इसके लिए शहर में पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए 20 जगह आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे. स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े अधिकारियों ने इसकी पूरी प्लानिंग कर ली है.

इसके लिए शहर में पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए 20 जगह आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे. स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े अधिकारियों ने इसकी पूरी प्लानिंग कर ली है.

इसके लिए शहर में पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए 20 जगह आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे. स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े अधिकारियों ने इसकी पूरी प्लानिंग कर ली है.

  • Last Updated: January 11, 2021, 1:32 PM IST
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इंदौर. अब आप भी देख सकेंगे कि इंदौर में कहां कितना पॉल्यूशन है. देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को अब पॉल्यूशन फ्री सिटी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए शहर में पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए 20 जगह आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे. स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े अधिकारियों ने इसकी पूरी प्लानिंग कर ली है.

फिलहाल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और नगर निगम के अधिकारी सरकारी बिल्डिंग्स में नए उपकरण लगाकर टेस्टिंग का काम कर रहे हैं. टेस्टिंग के दौरान सात दिन तक एक उपकरण लगाकर देखा जाएगा कि कहां कितना पॉल्यूशन हो रहा है. इसके आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे. उसके बाद शहर के हृदयस्थल राजबाड़ा समेत 20 स्थानों पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे. ताकि, पता चल सके कि कहां कितना प्रदूषण है. फिर उसी के अनुरूप प्रदूषण को रोकने के प्रयास किए जाएंगे.

इन जगहों पर लगाए जाएंगे उपकरण

इसकी मॉनिटरिंग भी स्मार्ट सिटी ऑफिस में बने कंट्रोल रुम से होगी. मध्यप्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के डायरेक्टर डॉ.दिलीप बाघेला के मुताबिक इन उपकरणों को राजबाड़ा, पलासिया, 56 दुकान, फूटी कोठी चौराहा, गंगवाल बस स्टैंड, पीपल्याहाना, अमर टेकरी और पोलो ग्राउंड समेत 20 जगहों पर लगाया जाएगा. इससे शहर के एयर पॉल्यूशन की मॉनिटरिंग होगी और इसके डाटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा. इस डाटा को बेवसाइट पर देखा जा सकेगा. इससे शहर के अलग-अलग एरिया का पॉल्यूशन लेवल पता चलता रहेगा.
शहर के पॉल्यूशन में आ रही कमी

बाघेला ने कहा कि इंदौर में पॉल्यूशन में कमी आ रही है औऱ पिछले साल भी इंदौर में पॉल्यूशन का लेवल संतोषजनक रहा है. हमारा प्रयास है कि जो हमारा स्टैण्डर्ड है 60  माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर वहां तक इस लेवल को लाना है. अभी तक हम 65 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक तो पहुंच गए हैं. निश्चित तौर पर यदि ये मॉनिटरिंग सिस्टम इफेक्टिव रूप से काम करेंगे तो हमे अलग-अलग क्षेत्र की जानकारी मिलेगी. पता चलता रहेगा कि इस क्षेत्र में पॉल्यूशन ज्यादा हो रहा है. उस मॉनिटरिंग डाटा के बेसिस पर हम सभी मिलकर पॉल्यूशन नियंत्रण का प्रयास शुरू कर सकेंगे. इससे शहर को सफाई के साथ ही पॉल्यूशन फ्री सिटी के रुप में भी नई पहचान मिलेगी.
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