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400 से ज्यादा शिक्षकों को मिला नोटिस, पूछा क्यों बिगड़ा बच्चों का रिजल्ट?

Pavan Patel | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 10, 2019, 4:52 PM IST
400 से ज्यादा शिक्षकों को मिला नोटिस, पूछा क्यों बिगड़ा बच्चों का रिजल्ट?
कुछ समय पहले नौंवी कक्षा में ब्रिज कोर्स करने के लिए एक टेस्ट लिया गया था. उसमें 8वीं कक्षा के स्तर के प्रश्न पूछे गए थे. लेकिन हाई स्कूल में प्रवेश लेने आए ये बच्चे 8 वीं क्लास के सवालों के जवाब नहीं दे पाए.इस टेस्ट में 80 प्रतिशत बच्चे फेल हो गए थे

कुछ समय पहले नौंवी कक्षा में ब्रिज कोर्स करने के लिए एक टेस्ट लिया गया था. उसमें 8वीं कक्षा के स्तर के प्रश्न पूछे गए थे. लेकिन हाई स्कूल में प्रवेश लेने आए ये बच्चे 8 वीं क्लास के सवालों के जवाब नहीं दे पाए.इस टेस्ट में 80 प्रतिशत बच्चे फेल हो गए थे

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जबलपुर. जबलपुर (jabalpur)के 400 से ज़्यादा शिक्षक (government teachers)नप गए हैं. उनके स्कूलों का रिजल्ट (result)बिगड़ने के कारण शिक्षा विभाग ने नोटिस (notice)थमा दिया है. इसमें साफ-साफ पूछा गया है कि स्कूल में पढ़ाई का स्तर क्यों गिरा. अब शिक्षकों को जवाब नहीं देते बन रहा है.

जबलपुर में ज़िला शिक्षा विभाग ने मिडिल स्कूल के 400 से ज्यादा शिक्षकों को नोटिस भेजा है. उनसे पढ़ाई खराब होने का कारण पूछा है. प्रदेश सरकार के निर्देश पर यह नोटिस जारी किए गए हैं.
80 फीसदी बच्चे फेल
दरअसल मामला मिडिल स्कूलों में लगातार पढ़ाई का स्तर गिरने का है. कुछ समय पहले नौंवी कक्षा में ब्रिज कोर्स करने के लिए एक टेस्ट लिया गया था. उसमें 8वीं कक्षा के स्तर के प्रश्न पूछे गए थे. लेकिन हाई स्कूल में प्रवेश लेने आए ये बच्चे 8 वीं क्लास के सवालों के जवाब नहीं दे पाए.इस टेस्ट में 80 प्रतिशत बच्चे फेल हो गए थे. टेस्ट की यह रिपोर्ट जब प्रदेश सरकार के पास पहुंची तो उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में जानकारी मांगी. साथ ही जिन स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई कमजोर पाई गई, उन्हें नोटिस जारी कर बच्चों के पढ़ाई में कमजोर होने का कारण पूछा गया.

हो सकती है छुट्टी
बहरहाल इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संतोषजनक जवाब आने के बाद ही शिक्षक स्कूलों में पढ़ा पाएंगे अन्यथा विभाग के नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है.
पढ़ाई में गिरावट
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जबलपुर में करीब 2200 प्राइमरी, 600 मिडिल और करीब 200 हाई स्कूल हैं. शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी और स्कूलों में पढ़ाई न होने की शिकायत लगातार मिल रही है. इनमें प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में हालात बहुत ज्यादा खराब हैं. जिला शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश के बावजूद न तो शिक्षक इस मामले में गंभीर हुए और ना ही बच्चों की पढ़ाई बेहतर हुई. यही वजह है कि हाई स्कूल में प्रवेश लेने वाले बच्चे 8 वीं कक्षा तक के सवालों का जवाब नहीं दे पाए.
सूझ नहीं रहा जवाब
जिला शिक्षा विभाग के नोटिस के बाद शिक्षकों को अब सफाई देते नहीं बन रहा है. सभी शिक्षक सकते में हैं.

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First published: October 10, 2019, 4:52 PM IST
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