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शहडोल जिला अस्पताल में 12 घंटे में 6 नवजात बच्चों की मौत, अस्पताल प्रशासन ख़ामोश

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 14, 2020, 12:24 PM IST
शहडोल जिला अस्पताल में 12 घंटे में 6 नवजात बच्चों की मौत, अस्पताल प्रशासन ख़ामोश
शहडोल ज़िला चिकित्सालय में 12 घंटे में 6 बच्चों की मौत

बताया जा रहा है कि सभी बच्चों की मौत निमोनिया (Pneumonia) के कारण हुई है. अस्पताल प्रशासन कुछ भी कहने से बच रहा है.

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जबलपुर. संभाग के सबसे बड़े चिकित्सालय कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय (District Hospital) शहडोल (Shahdol) में 12 घंटे के भीतर 6 नवजात बच्चों (6 Children died) की मौत हो गई. जिन 6 बच्चों की मौत हुई है, उनमें से 2 बच्चे वॉर्ड और 4 SNCU में भर्ती थे. बच्चों की उम्र 7 दिन से लेकर 4 महीने तक की थी. बताया जा रहा है कि सभी को निमोनिया (Pneumonia) हुआ था. एक के बाद एक 6 बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है. 12 घंट के भीतर 6 बच्चों की मौत क्यों हुई, इसको लेकर अस्पताल प्रशासन (Hospital administration) कारण स्पष्ट नहीं कर रहा है. प्रशासन से जुड़े लोग मीडिया के सामने कुछ भी कहने से मना कर रहे हैं.

निमोनिया से मौत!
शहडोल जिला अस्पताल में 12 घंटे में एक साथ 6 बच्चों की मौत से जिले के साथ-साथ संभागीय स्तर पर भी हड़कंप मच गया है. अस्पताल की ओर से सिर्फ इतना ही बताया गया है कि बच्चों की मौत निमोनिया से हुई है. जिन बच्चों की मौत की खबर सामने आई है, उनमें जैतपुर विकासखंड के ग्राम खरेला में रहने वाली चौथ कुमारी की मौत 13 जनवरी को सुबह 10:50 पर हुई. चैत कुमारी को उसके पिता बालक कुमार ने यहां भर्ती कराया था. SNCU में दूसरी बच्ची फूलमती सिंह, पिता लाल सिंह निवासी जयसिंह नगर विकास खंड ग्राम भटगांव की थी. इसकी भी मौत 7:50 पर हुई. उसके बाद श्याम नारायण कोल ग्राम अमिलिया ने दोपहर 3:30 पर दम तोड़ा.

SNCU में भर्ती थे बच्चे

SNCU में जिस चौथे बच्चे की मौत हुई उसका नाम सूरज बैगा पिता संतलाल बैगा, निवासी ग्राम पनिया है. इसी तरह बच्चा वार्ड में भर्ती दो अन्य बच्चों की भी मौत होने की जानकारी मिली है. इनमें से एक बच्चे का नाम अंजलि बैगा है. बच्चे की मौत का कारण निमोनिया बताया जा रहा है. जिस छठे बच्चे ने अस्पताल में दम तोड़ा, उसे शोभापुर से यहां लाकर भर्ती कराया गया था. इस बारे में जब सिविल सर्जन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

अस्पताल प्रशासन चुप
संभागीय जिला चिकित्सालय में इस तरह 12 घंटे के अंदर छह बच्चों की मौत ने पूरे अस्पताल प्रशासन और व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है. साथ ही अस्पताल के स्टाफ और शासन की और से मिलने वाला बजट भी सवालों के घेरे में है. आपको बता दें कि राजस्थान और गुजरात के अस्पतालों में भी हाल के दिनों में बच्चों की मौत की खबरें आई हैं.ये भी पढ़ें-प्रज्ञा ठाकुर के घर चिट्ठी संग पहुंचा सफेद पाउडर, PM मोदी की भी है तस्‍वीर

इस शातिर गिरोह ने कहीं आपको भी तो नहीं ठग लिया...

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First published: January 14, 2020, 12:02 PM IST
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