जबलपुर: ऐसे हड़पी गईं आदिवासियों की सैकड़ों एकड़ ज़मीनें, कलेक्टर ने तलब किए रिकॉर्ड

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 11, 2019, 4:34 PM IST
जबलपुर: ऐसे हड़पी गईं आदिवासियों की सैकड़ों एकड़ ज़मीनें, कलेक्टर ने तलब किए रिकॉर्ड
जबलपुर में आदिवासियों की ज़मीनें हथियाने के मामले में रिकॉर्ड तलब

बीजेपी शासन में सैकड़ों एकड़ आदिवासी ज़मीनों (Tribal Land) के खुर्द बुर्द होने की शिकायतों पर जबलपुर कलेक्टर (Jabalpur Collector) भरत यादव ने पिछले 10 सालों के रिकॉर्ड तलब किए हैं. बीजेपी इस मामले को राजनीति से प्रेरित बता रही है.

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भाजपा शासन में आदिवासी ज़मीनों की खरीदी बिक्री में घोटाले की शिकायतों के बीच प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. जबलपुर (Jabalpur) जिले के कलेक्टर भरत यादव (Collector Bharat Yadav) ने अफसरों से ज़िले की आदिवासी ज़मीनों का पिछले 10 सालों का लेखा जोखा मांगा है. आरोप है कि बीजेपी सरकार (Bjp Government) के पिछले 10 सालों के शासन में अलग-अलग तरीकों से न केवल आदिवासियों की ज़मीनें हथियाई गई हैं बल्कि नियम विरूद्ध उनका नामांतरण भी किया गया है. बीजेपी इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है.

पिछले 10 सालों के रिकॉर्ड तलब
जिले के आदिवासियों को दी गई ज़मीनें खुर्द बुर्द करने के मामले मे अब जाकर जिला प्रशासन जागा है. मामले में कलेक्टर ने बीते 10 सालों में आदिवासी ज़मीनों की खरीदी बिक्री का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है. जिले के कलेक्टर भरत यादव ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि आदिवासियों की ज़मीनों की बिक्री के साथ उनके द्वारा खरीदी गई ज़मीनों की भी पूरी जानकारी एकत्रित की जाए.

News - जबलपुर कलेक्टर ने तलब किए पिछले 10 सालों के रिकॉर्ड
जबलपुर कलेक्टर ने तलब किए पिछले 10 सालों के रिकॉर्ड


ऐसे हथियाई जा रही आदिवासियों की ज़मीनें
सूत्रों के मुताबिक ये जानकारी निकल के सामने आई है कि कुछ भूमाफियाओं ने जहां आदिवासियों की ज़मीनों को खरीदकर उनका स्थानांतरण कर लिया जबकि कुछ ने कुचक्र रचकर आदिवासी नौकरों के नाम पर किसी आदिवासी से ज़मीन खरीदवा ली और आज अपना कब्ज़ा जमाए बैठे हैं. पूरे मामले को लेकर पूर्व की भाजपा सरकार को भी निशाना बनाया जा रहा है.

एक ओर जहां प्रदेश सरकार आदिवासियों के अधिकारों को संरक्षित करने नई योजनाएं लागू कर रही है, वहीं अब भाजपा शासन में आदिवासियों की ज़मीनों के खुर्द बुर्द करने को लेकर प्रशासनिक कड़ाई बरती जा रही है.
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News - नियमों की अनदेखी कर आदिवासी ज़मीनों का नामांतरण किया गया
नियमों की अनदेखी कर आदिवासी ज़मीनों का नामांतरण किया गया


बिना अनुमति नामांतरण के भी मामले
भू-राजस्व संहिता के तहत आदिवासी ज़मीनों को बिना कलेक्टर की अनुमति के कोई भी खरीदी या बेच नहीं सकता. लेकिन बीते 10 सालों में ऐसी कई ज़मीनें थीं जिन्हें बेचा गया और बकायदा उसका नामांतरण भी कर दिया गया है.

कई सालों से आदिवासी ज़मीनों की बंदरबांट की शिकायत करते आ रहे विधायक संजय यादव का कहना है कि अलग-अलग तरीकों से आदिवासियों की ज़मीनें हथियाई गई हैं. कुछ ग्रामीण इलाकों में तो एक गिरोह भी सक्रिय हो गया है जो आदिवासियों को निशाना बनाकर उनके बही खातों पर लोन ले रहा है और बाद मे उसे हथिया लेता है. वहीं भाजपा कांग्रेस के आरोपों और प्रशासनिक हलचल को राजनीति से प्रभावित बता रही है.

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First published: September 11, 2019, 1:11 PM IST
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