अस्‍पताल ने पैसा लूटने के लिए शव को 24 घंटे रखा, सरकारी योजना में भी लगाई सेंध

Pavan Patel | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 12, 2019, 10:31 PM IST
अस्‍पताल ने पैसा लूटने के लिए शव को 24 घंटे रखा, सरकारी योजना में भी लगाई सेंध
निजी अस्‍पताल ने इलाज के नाम पर पैसा लूटा.

जबलपुर में अनंत अस्पताल (Anant Hospital) ने अधिक पैसे बनाने के नाम पर शव को 24 घंटे रखा. विधायक संजय यादव (MLA Sanjay Yadav) की वजह से खुली पोल.

  • Share this:
जबलपुर. फिल्म गब्बर इज बैक (Gabbar is Back) की कहानी तो सभी को याद होगी, जिसमें एक निजी अस्पताल मुर्दे को भी इलाज के नाम पर रखता है और फिर उसके परिवार वालों से इलाज के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ लेता है. निजी अस्पतालों की लूट पर बनी इस फिल्म में जो हुआ वह देशभर के निजी अस्पतालों की हकीकत का छोटा सा हिस्सा था. जबलपुर के अनंत अस्पताल में भी ऐसा ही कुछ हुआ, जिसमें विधायक संजय यादव (MLA Sanjay Yadav) ने गब्बर का किरदार निभाया और निजी अस्पताल की पोल खोलकर रख दी. इस घटना में निजी अस्पताल ने मरीज को नहीं बल्कि सरकार को लूटने का प्रयास किया है. जी हां, मदन महल रोड स्थित अनंत अस्पताल (Anant Hospital) ने एक मरीज को लूटने का भरपूर खेल खेला और सरकारी योजना का पैसा लूटने के लिए शव को 24 घंटे रखा.

सरकार को भी लूटने का प्रयास
इलाज के नाम पर लोगों को लूटने वाले निजी अस्पताल अब सरकार को भी लूटने का प्रयास कर रहे हैं. ताजा मामला जबलपुर के एक अनंत अस्पताल का है जहां प्रबंधन ने मृत मरीज को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से मिली सहायता राशि हजम करने का प्रयास, लेकिन विधायक की सजगता के चलते अस्पताल की पोल खुल गई. अनंत अस्पताल में चरगवां निवासी आनंद बर्मन को करीब एक सप्ताह पूर्व भर्ती किया गया था. मरीज के परिजनों का कहना है कि उसे पीलिया की शिकायत थी और करीब 4 दिन तक चले इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जबकि निजी अस्पताल मरीज की लाश को भी आमदनी का जरिया बनाकर पैसे ऐंठता रहा.

ऐसे की लूट

आनंद बर्मन के परिजनों ने उसे जब अस्पताल में भर्ती कराया तो इलाज के लिए करीब 65 हजार रूपए जमा किए थे. इलाज में लगातार बढ़ रहे खर्च को देखते हुए उन्होंने विधायक संजय यादव से आर्थिक सहायता करने की गुहार लगाई, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से पीड़ित की जरूरत बताई और मुख्यमंत्री द्वारा तत्काल डेढ़ लाख रुपए की मदद भी कर दी गई. मरीज की मौत के बाद अस्पताल ने बाकी पैसों के लिए शव को अस्पताल में 24 घंटे तक रखा. इसके बाद उसे बाकी पैसे लेकर परिजनों का सुपुर्द कर दिया. जब विधायक ने अस्पताल से संपर्क कर सहायता राशि के संबंध में पूछताछ की तो अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों को पैसे लौटाने का वादा किया और 37 हजार रुपए नगद एवं 13 हजार रुपए चैक से लौटा दिए, लेकिन बाकी 15 हजार रुपए इलाज के नाम पर रख लिए. जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री द्वारा दी गई सहायता राशि को भी हजम करने का प्रयास किया.

विधायक संजय यादव लगातार इस मामले में सक्रिय रहे और सहायता राशि में से बचे हुए पैसे लौटाने निर्देश देते रहे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन बिल बनाने के नाम पर हीला हवाली करता रहा. आखिरकार जब विधायक अस्पताल पहुंचे और पूरी पड़ताल की तो समझ में आया कि अनंत अस्पताल द्वारा सिर्फ मरीज से 15 हजार रुपए ही नहीं लिए बल्कि मुख्यमंत्री सहायता राशि का 1.5 लाख रुपया भी हजम करने का प्रयास किया.

विधायक ने की कार्रवाई की मांग
Loading...

इसके बाद विधायक ने पीड़ित के साथ मदन महल थाना अंतर्गत बस स्टैंड पुलिस चैकी पहुंचकर अस्पताल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई. उन्‍होंने बताया कि नियम के अनुसार यदि सहायता राशि में पैसे बचते हैं तो बची राशि या तो पीड़ित को प्रदान की जाती है या वापस मुख्यमंत्री सहायता कोष में लौटाई जाती है, लेकिन लूटने के आदी निजी अस्पताल यह राशि भी हड़प करने का प्रयास करते हैं. विधायक भी इस मामले में सरकार से निजी अस्पतालों की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, जिससे सरकार की सहायता राशि में अस्पताल गबन न कर सकें.

ये हैं नियम
दरअसल, आयुष्मान योजना एवं मुख्यमंत्री स्वेच्छाअनुदान योजना में किसी भी पीड़ित को मिलने वाली राशि यदि उपयोग में नहीं आती है तो उसे मुख्यमंत्री या सहायता करने वाली योजना में वापस लौटाई जानी चाहिए. इसके अलावा यदि पीड़ित व्यक्ति के लिए राशि उपयोगी है तो वह उसे प्रदान की जानी चाहिए, लेकिन निजी अस्पताल संचालक इस सहायता राशि को इलाज के अन्य खर्चों या अधिक बिल बनाकर सरकार को भी चूना लगा रहे हैं. निजी अस्पतालों में किस तरह मरीजों को लूटा जाता है यह किसी से छिपा नहीं है, लेकिन सरकार द्वारा गरीब मरीजों को दी जाने वाली मदद में भी ये निजी अस्पताल नजरें गड़ा कर बैठे हैं.

ये भी पढ़ें-नये मोटर व्हीकल एक्ट पर CM कमलनाथ का ट्वीट-केंद्र जुर्माने पर फिर करे विचार

सिंहस्थ महाघोटाले में नया खुलासा, 6 मामलों को लेकर EOW ने लिया ये एक्‍शन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जबलपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 12, 2019, 10:15 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...