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बड़ी खबर : NGT का आदेश - देश के जिन शहरों में वायु प्रदूषण ज्यादा वहां पटाखों पर रहेगा बैन

बड़ी खबर : NGT का आदेश - देश के जिन शहरों में वायु प्रदूषण ज्यादा वहां पटाखों पर रहेगा बैन

NGT ने क्रिसमस और नये साल पर सिरफ आधे घंटे पटाखे फोड़ने की इजाजत दी है

NGT ने क्रिसमस और नये साल पर सिरफ आधे घंटे पटाखे फोड़ने की इजाजत दी है

Firecracker Ban : देश के उन शहरों में दीपावली और अन्य त्योहारों (Firecracker) पर पटाखे चलाने पर बैन (BAN) रहेगा जहां वायु प्रदूषण ज्यादा है. NGT ने इस संबंध में आज आदेश दिया है. जिन शहरों में प्रदूषण कम है वहां सिर्फ दो घंटे ग्रीन पटाखे फोड़े जा सकेंगे.

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जबलपुर. दीपावली पर पटाखे चलाने के संबंध में NGT ने बड़ा आदेश दिया है. देश के जिन शहरों में वायु प्रदूषण ज्यादा है वहां पटाखे (Firecrackers) फोड़ने पर पूरी तरह बैन रहेगा. NGT ने अपने आदेश में कहा है कि जहां वायु प्रदूषण सामान्य याने “मॉडेरेट है वहां केवल 2 घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति रहेगी. NGT ने क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 12:00 से लेकर 12:30 तक ग्रीन पटाखे चलाने की छूट दी है.

NGT ने इस मामले पर कल हुई सुनवाई में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. जबलपुर के दो याचिकाकर्ताओं ने NGT में याचिका दायर कर प्रदूषण और कोरोना का हवाला देते हुए पटाखों पर बैन लगाने की अपील की थी.

सभी राज्यों के लिए आदेश
NGT ने अपने आदेश में कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के पूर्व आदेश पर विचार होगा. नवंबर माह में खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स वाले देश के सभी शहरों पर यह बैन लागू रहेगा. जहां प्रदूषण मध्यम या मॉडरेट होगा वहां रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाए जा सकेंगे. लेकिन यह सिर्फ ग्रीन पटाखे ही होंगे. एनजीटी भोपाल ने सभी राज्यों को अपने आदेश में कहा है कि वह सभी जिले के कलेक्टर और एसपी को सर्कुलर जारी करें और इस आदेश का पालन करवाएं.

1 और 3 हजार का जुर्माना
एनजीटी ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि कोविड-19 के दौर में प्रदूषण रोकने के लिए केंद्र और राज्यों को विशेष अभियान चलाना चाहिए. राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को सभी शहरों में एयर क्वालिटी की जांच करने के आदेश उसने दिए हैं. एनजीटी के आदेश का उल्लंघन करने पर अब जुर्माना भी भरना होगा. अगर किसी ने रिहायशी, कमर्शियल या फिर शांत इलाके में पटाखे जलाए तो 1000 रुपये का फाइन किया जाएगा जबकि शांत क्षेत्र में अगर आतिशबाजी की जाती है तो 3000 का फाइन लगाया जा सकता है.

पटाखों की बिक्री और स्टोरेज पर रोक की मांग
याचिकाकर्ताओं ने जनहित याचिका दायर की थी. इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कोरोना काल में पड़ने जा रही दिवाली, क्रिसमस और नए साल के जश्न में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री, संग्रहण और उसके उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. जबकि मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में केवल 2 घंटों के लिए ग्रीन पटाखों के उपयोग के निर्देश जारी करने की अपील कोर्ट से की थी.

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सेहत का हवाला
इस याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के जस्टिस शिव कुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर अरुण कुमार वर्मा ने सुनवाई की. उसके बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज फैसला सुनाया. पिछले साल भी एनजीटी ने पटाखों को जलाने और प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किए थे. याचिका में सेहत और प्रदूषण का हवाला दिया गया था.

पटाखा व्यापारी चिंता में
याचिका में यह कहा गया था कि प्रदेश के 4 बड़े महानगरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में दिवाली की रात भारी संख्या में पटाखे जलाए जाते हैं. उसके बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर पर पहुंच जाता है. पिछले साल 15 नवंबर 2020 को भी इन तमाम महानगरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानि एक्यूआई लेवल बेहद खराब हो गया था. एनजीटी के आदेश के बाद पटाखा व्यवसायियों में चिंता की लकीरें बढ़ गयी हैं. क्योंकि साल भर में पड़ने वाले इस त्योहार के कारण लाखों- करोड़ों का व्यापार मध्यप्रदेश में होता है. लेकिन इस साल भी उनका धंधा चौपट रहेगा.

Tags: Diwali 2021, Diwali Celebration, Firecracker Ban, NGT

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