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मकर संक्रांति पर नर्मदा सहित अन्य नदियों में नहीं होगा स्नान, प्रशासन ने मेलों पर भी लगाया प्रतिबंध

मकर संक्रांति पर नर्मदा सहित अन्य नदियों में नहीं होगा स्नान, प्रशासन ने मेलों पर भी लगाया प्रतिबंध

MP NEWS. कोरोना संक्रमण के कारण मकर संक्रांति पर किसी भी नदी में स्नान नहीं किया जा सकेगा.

MP NEWS. कोरोना संक्रमण के कारण मकर संक्रांति पर किसी भी नदी में स्नान नहीं किया जा सकेगा.

Makar Sankranti News : सूर्य के उत्तरायण होने के पर्व मकर संक्रांति पर नर्मदा किनारे सदियों से मेले लगते रहे हैं. लोक परम्परा के ऐसे पर्वों में बड़ी संख्या में लोग नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं. लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण देखते हुए पूरे प्रदेश में नदी किनारे लगने वाले मेलों और स्नान पर रोक लगा दी गयी है.

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जबलपुर/देवास/उज्जैन. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर  इस बार नदियों में स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे लगने वाले मेलों और स्नान पर रोक लगा दी है. नर्मदा, बेतवा और (Narmada River), क्षिप्रा सहित अन्य तटों पर मेला और स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण (Corona)  को देखते हुए प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मकर संक्रांति पर नर्मदा क्षिप्रा तटों पर लगने वाले मेलों और स्नान पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है. कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

हर साल जुटते हैं लाखों लोग
सूर्य के उत्तरायण होने के पर्व मकर संक्रांति पर नर्मदा किनारे सदियों से मेले लगते रहे हैं. लोक परम्परा के ऐसे पर्वों में बड़ी संख्या में लोग नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. जबलपुर के तिलवाराघाट में तो खास तौर पर तिल-गुड़ के इस पर्व में हजारों लोग जुटते है.

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सभी मेलों पर रोक
कोरोना के बढ़ते संक्रमण और इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम दिव्या अवस्थी ने गोरखपुर अनुभाग के अंतर्गत नर्मदा नदी के सभी घाटों ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, खारीघाट, सिद्धघाट, उमाघाट, घुघराघाट, शंकरघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट और भेड़ाघाट पर 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर भरने वाले मेलों पर रोक लगा दी है. एसडीएम के आदेश में यह भी कहा गया है कि आने वाले अन्य पर्वों के दौरान भी मेलों के आयोजन को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया है.

स्नान पर रोक
एसडीएम गोरखपुर के आदेश में घाटों पर समूह में इकट्ठा होने और नदी में सामूहिक रूप से स्नान करने पर भी रोक लगाई गई है. आदेश में इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. सूर्य के उत्तर्रायण होने पर मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है. मध्यप्रदेश की जीवन दायिनी कही जाने वाली मां नर्मदा के घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु तिल गुड़ का दान कर स्नान करते हैं. लेकिन इस बार स्नान पर भी रोक रहेगी.

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क्षिप्रा में नहीं होगा स्नान
उज्जैन जिला प्रशासन ने भी इस बार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए क्षिप्रा नदी में स्नान पर रोक लगा दी है. कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. यहां हर साल मकर संक्रांति पर रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं. लेकिन इस बार रामघाट पहुंचने वाले सारे रास्ते बैरिकेड लगा कर बंद कर दिये गए हैं.

देवास-खंडवा में भी रोक
देवास में भी प्रशासन ने नर्मदा के नेमावर घाट पर स्नान पर रोक लगा दी है. प्रशासन आगामी त्यौहारों को देखते हुए लोगों के नेमावर घाट पहुंचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. अगर कोई स्नान करता घाट पर देखा जायेगा तो उसके विरुद्ध पुलिस प्रशासन कार्रवाई करेगा. हर साल सक्रांति के दिन करीबन 1 लाख श्रद्धालु नर्मदा घाट पर स्नान के लिए पहुंचते हैं. इस बार प्रतिबंध के कारण मकर संक्रांति 14/15 जनवरी पर मेला भी नहीं लगेगा. (साथ में उज्जैन से आनंद निगम और देवास से वरुण राठौर)

Tags: Jabalpur news, Madhya pradesh latest news, Makar Sankranti, Narmada River

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