JABALPUR : MP के इन 5 IPS अफसरों को 12 साल बाद मिला न्याय, ये था मामला

इन आईपीएस अफसरों को 2008 से लाभ मिलना था.
इन आईपीएस अफसरों को 2008 से लाभ मिलना था.

सरकार ने अपने जवाब में केंद्र सरकार पर इस लेटलतीफी का ठीकरा फोड़ा था. लेकिन कैट ने पाया कि शासन (Government) की लेटलतीफी या फिर उनकी कार्य प्रणाली का खामियाज़ा अधिकारी (Officers) नहीं भुगत सकते.

  • Share this:
जबलपुर.मध्य प्रदेश (MP) के 1995 कैडर के पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अब जाकर कैट याने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण से बड़ी राहत मिली है. इन सभी पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों (IPS Officers) को सिलेक्शन ग्रेड में लेट लतीफी होने के कारण वेतनमान और प्रमोशन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं.

1995 बैच के ये 5 IPS अफसर जिन्हें समय पर नहीं मिला सिलेक्शन ग्रेड पे
-आईजी स्तर के अधिकारी जयदीप प्रसाद
-चंचल शेखर
-मीनाक्षी शर्मा
- योगेश देशमुख और वेंकटेश्वर राव



12 साल की लेटलतीफी
ये पांचों आईपीएस अफसर 1995 बैच के थे जिन्हें 13 साल बाद यानी 2008 में सिलेक्शन ग्रेड मिलना था.लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इन्हें यह लाभ 2010 में दिया. सरकार के इस कदम से वरिष्ठ अधिकारी अपने जूनियर अधिकारियों से भी कम सैलरी पा रहे थे. साथ ही इनका एडीजी पद पर प्रमोशन भी नहीं हो पा रहा था. इस सिलसिले में संबंधित अधिकारियों ने शासन से पत्राचार भी किया लेकिन कोई राहत नहीं मिली.

कैट की शरण में
अपने साथ इंसाफ न होता देख ये सभी पांच वरिष्ठ IPS अधिकारी कैट यानि केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की शरण में पहुंचे और अब जाकर इन्हें 12 साल बाद कैट के माध्यम से न्याय मिल पाया है. कैट के आदेश के बाद अब इन्हें तमाम सरकारी सुविधाएं और सेवा शर्तों का लाभ मिल पाएगा. सरकार को इन्हें इनके 2008 से ही ड्यू सारे वेतनमान और प्रमोशन देना होंगे.

कैट ने कहा
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ता पंकज दुबे ने बताया कि सरकार ने अपने जवाब में केंद्र सरकार पर इस लेटलतीफी का ठीकरा फोड़ा था. लेकिन कैट ने पाया कि शासन की लेटलतीफी या फिर उनकी कार्य प्रणाली का खामियाज़ा अधिकारी नहीं भुगत सकते.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज