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क्या पेट्रोल कंपनियां हमें अब तक लूटती आई हैं, HC ने इस तीखे सवाल पर पेट्रोलियम मंत्रालय और कंपनियों से पूछा जवाब!

पेट्रोलियम कंपनियों को हाईकोर्ट ने नोजिस जारी कर जवाब मांगा है. (सांकेतिक तस्वीर)

पेट्रोलियम कंपनियों को हाईकोर्ट ने नोजिस जारी कर जवाब मांगा है. (सांकेतिक तस्वीर)

हाईकोर्ट ने तेल कंपनियों से पूछा है कि क्या एथनॉल मिले पेट्रोल-डीजल पर उनका क्या कहना है. अगर जवाब आता है तो पता चलेगा कि तेल कंपनियां किस तरह सालों से जनता को लूट रही थीं.

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जबलपुर. क्या पेट्रोल कंपनियां हमें अभी तक लूटती आई हैं? अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो इस सवाल का जवाब जल्द मिल जाएगा. इसके अलावा प्रदेश तो क्या देशभर में पेट्रोल सस्ता हो जाएगा. जबलपुर हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की बैंच ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए आज केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं.

दरअसल, मामला पेट्रोल-डीज़ल में एथनोल मिलाकर महंगा बेचे जाने का है. इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई थी. इसी की सुनवाई पर HC ने नोटिस जारी किए. याचिका में दलील दी गई थी कि कानून के मुताबिक, एथनोल मिश्रित पेट्रोल-डीज़ल पर महज 5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाना चाहिए. जबकि, केंद्र सरकार 18 प्रतिशत और राज्य सरकार 33 प्रतिशत टैक्स वसूल रही है. इस तरह केंद्र और राज्य कुल मिलाकर 51 प्रतिशत टैक्स जनता से वसूल रही हैं.

10 सालों में कंपनियां लूट चुकीं खरबों- मार्गदर्शक मंच



याचिका दायर करने वाले नागरिक उपभोक्त मार्गदर्शक मंच ने कहा कि इस वजह से भी पेट्रोल-डीजल 4-5 रुपय महंगा बिकता है. सरकारों ने 10 वर्षों में अरबों लीटर एथनोल मिलाकर खरबों रुपय की वसूली की है. जानकारी के मुताबिक, एक लीटर में 8 से 10 फीसदी एथनॉल मिलाना चाहिए. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने कुछ दिन पहले ही इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. अब इस मामले में हाईकोर्ट चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक की बैंच चार हफ्ते बाद सुनवाई करेगी.
सरकारी कंपनियों ने जारी किए भाव

सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. ने आज लगातार चौथे दिन बुधवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों  में कोई बदलाव नहीं किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज एक लीटर डीजल की कीमत 81.47 रुपए और एक लीटर पेट्रोल की कीमत 91.17 रुपए है. वहीं देश की राजधानी समेत सभी महानगरों में पेट्रोल डीजल भाव स्थिर हैं. बता दें कि इस समय लगभग हर शहर में दोनों ईधनों के दाम ऑल टाइम हाई पर चल रहे हैं.

पेट्रोल डीज़ल के दाम में आ सकती है कमी
पेट्रोल डीज़ल की बढ़ती कीमतों के बीच अब वित्त मंत्रालय एक्साइज़ ड्यूटी कम करने के विकल्प पर विचार कर रहा है. इससे आम आदमी को आसमान छूती कीमतों से फौरी राहत मिल सकेगी. पिछले 12 महीने में मोदी सरकार ने पेट्रोल डीज़ल पर टैक्स में दो बार बढ़ोतरी की है. इस प्रकार जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव न्यूनतम रिकॉर्ड स्तर पर था, तब भी आम जनता को पेट्रोल डीज़ल के मोर्चे पर बड़ी राहत नहीं मिल सकी.
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