Home /News /madhya-pradesh /

bjp mla and former minister jalam singh patel and son monu patel acquitted in attempt to murder case mp mla special court decision mpsg

BJP MLA जालम सिंह पटेल और बेटा हत्या की कोशिश के मामले में बरी, विशेष अदालत का फैसला

MP Big News. मामला नवंबर 2014 का है जब गोटेगांव के एक शख्स ने विधायक, उनके पुत्र और गार्ड पर मारपीट कर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया था.

MP Big News. मामला नवंबर 2014 का है जब गोटेगांव के एक शख्स ने विधायक, उनके पुत्र और गार्ड पर मारपीट कर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया था.

MP News.गोविंद केटले की शिकायत पर जांच के लिए शासन ने विशेष एसआईटी का गठन किया था. जांच के बाद एसआईटी ने विधायक जालम सिंह पटेल, उनके बेटे मोनू पटेल और शरद बरकडे पर धारा 323, 325, 427, 307, 201 और धारा 34 के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की थी. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से आरोप सिद्ध करने के लिए तीस गवाह प्रस्तुत किए गए. जबकि आरोपी गणों ने अपने बचाव में 8 गवाह पेश किए थे.

अधिक पढ़ें ...

जबलपुर. गोटेगांव से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल और उनके बेटे मोनू पटेल को जबलपुर की विशेष अदालत से बड़ी राहत मिल गई है. दोनों हत्या की कोशिश के मामले में आरोपी थे. विशेष अदालत ने पिता-पुत्र दोनों को दोषमुक्त करार दिया है.

विधायकों के लिए बनी विशेष अदालत ने बीजेपी विधायक जालम सिंह पटेल समेत और उनके बेटे मोनू दोनों को हत्या की कोशिश के मामले से दोषमुक्त कर दिया. ये मामला नवंबर 2014 का है जब गोटेगांव के एक शख्स ने विधायक, उनके पुत्र और गार्ड पर मारपीट कर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया था. तब से केस कोर्ट में चल रहा था. इस पर विशेष अदालत ने आज फैसला सुनाया.

गोटेगांव निवासी गोविंद केटले पर हुआ था हमला
18 नवंबर 2014 को गोटेगांव में रहने वाले गोविंद केटले ने विधायक जालम सिंह पटेल, उनके बेटे मोनू उर्फ मणि नागेंद्र पटेल और गार्ड शरद बरकडे पर ये संगीन आरोप लगाया था. केटले की शिकायत के मुताबिक इन तीनों ने मिलकर गोटेगांव के सरकारी अस्पताल में उन पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया था. तीनों ने बुरी तरह मारपीट कर उनकी हत्या की कोशिश की थी.

ये भी पढ़ें- MP Board 10th Result 2022 : मजदूर पिता ने पढ़ाई में कमी नहीं आने दी, बेटी नैनसी ने टॉप कर पूरा किया सपना

MP-MLA अदालत का फैसला
गोविंद केटले की शिकायत पर जांच के लिए शासन ने विशेष एसआईटी का गठन किया था. जांच के बाद एसआईटी ने विधायक जालम सिंह पटेल, उनके बेटे मोनू पटेल और शरद बरकडे पर धारा 323, 325, 427, 307, 201 और धारा 34 के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की थी. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से आरोप सिद्ध करने के लिए तीस गवाह प्रस्तुत किए गए. जबकि आरोपी गणों ने अपने बचाव में 8 गवाह पेश किए थे.

सारे आरोप निराधार
यह प्रकरण जबलपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में विचाराधीन था. विशेष न्यायालय के न्यायाधीश विवेक पटेल ने प्रकरण में अभियोजन द्वारा पेश किए गए गवाहों और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद साक्ष्यों को देखते हुए आज विधायक जालम सिंह पटेल, उनके बेटे मोनू पटेल और शरद बरकडे को प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया है. विधायक जालम सिंह पटेल की ओर से बहस के दौरान यह दलील दी गई कि शिकायतकर्ता एक पत्रकार हैं जो उनसे आपसी वैमनस्यता रखते हैं. उनके विरुद्ध चुनाव में खड़े हुए एक उम्मीदवार के रिश्तेदार हैं. इससे पहले भी जो भी आरोप लगाए गए थे वह निराधार थे.

Tags: CM Madhya Pradesh MP News, Jabalpur crime, Madhya Pradesh High Court

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर