COVID-19: मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना पर जबलपुर हाईकोर्ट में पेश की 38 पन्नों की स्टेटस रिपोर्ट
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COVID-19: मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना पर जबलपुर हाईकोर्ट में पेश की 38 पन्नों की स्टेटस रिपोर्ट
कोरोना को लेकर सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की 38 पन्नों की स्टेटस रिपोर्ट (फाइल फोटो)

दूसरी तरफ जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भागे जावेद के मामले में सरकार से दो दिनों में रिपोर्ट अदालत (Court) में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं.

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  • Last Updated: April 29, 2020, 8:13 PM IST
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जबलपुर. विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur Highcourt) में 38 पन्नों की स्टेटस रिपोर्ट पेश की. सरकार ने बुधवार को अदालत को बताया कि किस तरीके से कोरोना से निपटने के लिए राज्य सरकार ने ऐहतियातन कदम उठाए हैं. इस रिपोर्ट मे महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने लॉकडाउन लगने से अब तक लिए गए फैसलों और कोरोना संक्रमण के दायरे में आए प्रदेश के अनेक जिलों की स्थिति को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन के रूप में प्रस्तुत किया. सरकार ने अदालत को ये भी बताया कि अब प्रदेश में 11 लैब स्थापित किए गए हैं जिनमें कोरोनावायरस की जांच की जा रही है. साथ ही कोरोना संक्रमण के चलते डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत किए गए बदलावों पर भी अदालत को जानकारी दी गई.

गृह, स्वास्थ्य और जेल विभाग की विस्तृत रिपोर्ट की गई पेश
अपने जवाब में सरकार ने स्वास्थ्य, गृह और जेल विभाग के विस्तृत रिपोर्ट की भी जानकारी दी और कोरोना से निपटने लिए गए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों को बताया. बहरहाल कोरोना को लेकर हुई सुनवाई में पूर्व वित्त एवं स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोत द्वारा भी एक याचिका दायर कर फ्रंटलाइन में काम करने वाले पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य के प्रति चिंता जाहिर की गई थी. इस मामले में पैरवी कर रहे पूर्व महाधिवक्ता शशांक शेखर ने बताया कि इन कर्मचारियों के लिए पर्याप्त पीपीई किट की व्यवस्था न होने का मुद्दा याचिका में उठाया गया है, जिस पर अदालत ने गंभीरता दिखाते हुए नोटिस जारी किया.

हाईकोर्ट ने पांच बिंदुओं पर अमल करने को कहा
बहरहाल हाईकोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान पांच बिंदुओं पर अमल करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है. आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में कहीं भी अवैधानिक परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी. किसी भी तरह के ट्रांस्पोर्टेशन के लिए ड्राइवर का मेडिकल चेकअप होना अनिवार्य होगा. वहीं प्रदेश में कोरोना संक्रमण की संख्या ज्यादा या कम होने पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की पद्यति लागू हो. दूसरी तरफ जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भागे जावेद के मामले में सरकार को दो दिन में रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही हाईकोर्ट द्वारा प्रदेश में सफाई व्यवस्था समेत लॉकडाउन के तमाम दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात भी कही गई है.



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