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जबलपुर: शराब ठेकेदारों की याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस, सरकार से मांगा जवाब

शराब ठेकेदारों की याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब (फाइल फोटो)
शराब ठेकेदारों की याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब (फाइल फोटो)

इस याचिका (Petition) में शराब ठेकेदारों ने व्यापार में हुए नुकसान का हवाला देते हुए मांग की है कि सरकार या तो ठेकेदारों की जमा राशि लौटाकर मध्यप्रदेश में शराब के ठेके नए सिरे से आवंटित करे. या ठेकेदारों से ली गई बिड की राशि घटाई जाए.

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जबलपुर. 30 शराब ठेकेदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur Highcourt) ने मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ नोटिस (Notice) जारी किया है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूरे मामले में 2 हफ्तों में जवाब मांगा है और मामले पर अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तारीख तय कर दी है. दरअसल, शराब ठेकेदारों (Liquor Contractors) ने अपनी इस याचिका में कोरोना लॉकडाउन (Corona Lockdown) के दौरान हुए घाटे का हवाला दिया है. साथ ही याचिका में कहा गया है कि अब जबकि सरकार ने शराब दुकानों के खुलने का समय घटा दिया है तो शराब ठेकेदारों से वसूली गई बिड की रकम भी घटाई जानी चाहिए.

'या तो बिड राशि घटाई जाए या फिर नए सिरे से हो ठेके'
इस याचिका में शराब ठेकेदारों ने व्यापार में हुए नुकसान का हवाला देते हुए मांग की है कि सरकार या तो ठेकेदारों की जमा राशि लौटाकर मध्यप्रदेश में शराब के ठेके नए सिरे से आवंटित करे. या ठेकेदारों से ली गई बिड की राशि घटाई जाए. मामले पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 2 हफ्तों में जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तारीख तय कर दी है.

शराब की दुकानों को सशर्त खोलने के आदेश
बता दें कि हाल ही में 17 मई तक बढ़ाये गए लॉकडाउन में मध्य प्रदेश में शराब दुकानों को सशर्त खोलने के आदेश जारी किए गए हैं. लेकिन शराब ठेकेदार अपने घाटे के मद्देनजर बिड राशि घटाने की मांग करते हुए शराब दुकानें नहीं खोल रहे हैं. इसी बीच राज्य सरकार ने शराब दुकानें ना खोलने वाले ठेकेदारों पर सख्ती दिखाते हुए उनकी जमा राशि जब्त करने की चेतावनी दी थी लेकिन अब शराब ठेकेदार अपनी मांगों को लेकर हाईकोर्ट की शरण में हैं.



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