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जबलपुर: कोरोना का विकराल रूप, श्मशान घाटों में नहीं बुझ रही चिताओं की आग

कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा बढ़ा, जबलपुर के श्मशान पर चिताओं का अंबार

कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा बढ़ा, जबलपुर के श्मशान पर चिताओं का अंबार

शहर का चौहानी श्मशान घाट मानो काशी का श्मशान घाट बन गया है. चिताएं अनवरत रूप से जल रही हैं. यह हालात बीते 1 महीने से हैं, जहां कोरोना संक्रमित और सस्पेक्टेड मरीजों की मौत के बाद एक के बाद एक चिताएं जल रही हैं.

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जबलपुर. जबलपुर ( Jabalpur) में कोरोना महामारी का विकराल रूप देखा जा रहा है. यहां के श्मशानों (Crematorium) में चिताओं की आग बुझती नहीं दिख रही है. शहर का चौहानी श्मशान घाट मानो काशी का श्मशान घाट बन गया है. चिताएं अनवरत रूप से जल रही हैं. यह हालात बीते 1 महीने से हैं, जहां कोरोना (Covid 19) संक्रमित और सस्पेक्टेड मरीजों की मौत के बाद एक के बाद एक चिताएं जल रही हैं. इसे कोरोना का सबसे भयावह रूप समझा जा सकता है. अंतिम संस्कार करने वाली संस्था ने प्रतिदिन 10 से 12 लोगों की मौत होने की बात कही है.

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. एक छोटी सी लापरवाही आपको इस वैश्विक महामारी की जद में ला सकती है. अगर कोरोना को आपने हल्के में लिया है तो जबलपुर के श्मशानों से आ रही  भयावह तस्वीरें आपकी रूह कंपा देंगीं. यहां चिताओं का अंबार लगा है. यह तस्वीरे उन लोगों के लिए सबक हैं जो लॉकडाउन का मजाक बना रहे हैं. पार्टी करने में मस्त हैं. जबलपुर के चौहानी श्मशान घाट पर चिताएं लगातार जल रही हैं. सुबह का 8 बजा हो या शाम के 6 बजे का नजारा हो. हर तरफ चिताएं जलती नजर आ रही हैं. श्मशान घाट के इस रजिस्टर पर अगर नजर डालते ही रूह कांप जाती है. शवों की संख्या इतनी है कि गिनती गिनते थक जाएंगे. कोविड-19 से होने वाली मौतों और सस्पेक्टेड मरीजों की संख्या पेज दर पेज बढ़ती जा रही है.

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मोक्ष संस्था के मुताबिक रोज मर रहे 10 से 12 कोविड मरीज
आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 डेडिकेटेड इस श्मशान घाट में 30 दिनों के अंदर 80 से ज्यादा कोरोना संक्रमितों और सस्पेक्टेड व्यक्तियों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है. कोविड-19 मरीजों का अंतिम संस्कार करने वाली मोक्ष संस्था लगातार इस काम में जुटी है. उसकी खुद की जानकारी में औसतन रोजाना 10 से 12 कोविड-19 मरीजों की मौत हो रही है, जिसका अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनकी संस्था के सदस्य करते हैं. बेशक जबलपुर में आसपास के 14 जिलों के मरीज आते हैं, लेकिन जबलपुर में भी रोजाना पांच से 6 मरीज कोरोना के चलते काल के मुंह में समा रहे हैं. सरकारी आंकड़े इससे अलग हैं. सरकारी आंकड़ों में तो बीते 1 महीने में जबलपुर में मात्र 16 मौतें ही हुई हैं. जिम्मेदार कहते हैं कि कोरोना मृत मरीजों के ऑडिट के चलते जैसे- जैसे तस्वीर साफ होती है. वैसे हम कोरोना से मृत मरीजों के आंकड़ों में बढ़ोतरी करते हैं.
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