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COVID-19: क्या जबलपुर में छुपे हुए हैं कोरोना संक्रमित जमाती?, जांच में मिल रहे हैं संकेत

सीएमएचओ डाॅ मनीष मिश्रा ने बड़ा खुलासा करते हुए ये बताया है कि चांदनी चौक में फैले कोरोना का कारण शायदा बेगम नहीं बल्कि बाहरी राज्य से आया कोई व्यक्ति है.
सीएमएचओ डाॅ मनीष मिश्रा ने बड़ा खुलासा करते हुए ये बताया है कि चांदनी चौक में फैले कोरोना का कारण शायदा बेगम नहीं बल्कि बाहरी राज्य से आया कोई व्यक्ति है.

कभी कोरोना से जंग लड़ने में सबसे बेहतर हाल में रहे जबलपुर शहर (Jabalpur City) में अचानक कोरोना का आंकड़ा सेंचुरी के करीब पहुंच गया है.

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जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur) स्थित हनुमानताल थाना अंतर्गत मुस्लिम बाहुल्य इलाका चांदनी चौक (Chandni Chowk) में फैला कोरोना का संक्रमण अब कई सवाल खड़े कर रहा है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे द्वारा किए जा रहे सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि कोरोना (Corona virus) का संक्रमण इस इलाके में मृत हुई कोरोना पाॅजिटिव शायदा बेगम से नहीं बल्कि किसी बाहरी से फैला है. हैरानी की बात तो ये है कि इलाके में सघन सर्वे कर रहे जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले में उल्टा लोगों की धमकियों का शिकार हो रहे हैं.

शायदा बेगम को किसी बाहरी ने किया संक्रमित 
कभी कोरोना से जंग लड़ने में सबसे बेहतर हाल में रहे जबलपुर शहर में अचानक कोरोना का आंकड़ा सेंचुरी के करीब पहुंच गया है. इस आंकड़े में अकेले मुस्लिम बाहुल्य इलाके से 39 लोग संक्रमित हो गए है. अब तक इसे लेकर ये अवधारणा सामने आई थी कि 20 अप्रैल को पाॅजिटिव पाई गई शायदा बेगम की डैडबाॅडी से संक्रमण फैला है, लेकिन प्रशासन ने अब जाकर इस तथ्य को नकार दिया है. जिले के सीएमएचओ डाॅ मनीष मिश्रा ने बड़ा खुलासा करते हुए ये बताया है कि चांदनी चौक में फैले कोरोना का कारण शायदा बेगम नहीं बल्कि बाहरी राज्य से आया कोई व्यक्ति है. 65 वर्षीय कोरोना पाॅजिटिव पाई गई शायदा बेगम की रिपोर्ट तब आई जब उनका इंतकाल हो गया और उनके शव को सुपुर्द- ए- खाक भी कर दिया गया था.

अपनी ट्रेवल हिस्ट्री को छुपा रहे हैं
अब तक की जांच में ये बात भी सामने आई है कि चांदनी चौक समेत आस पास के इलाकों में लोग जानबूझकर अपनी ट्रेवल हिस्ट्री को छुपा रहे हैं. लगातार क्षेत्र में सर्वे करने में जुटे सीएमएचओ ने ये भी बताया कि इलाके में शायदा बेगम की मौत के 21 दिन पूर्व ही कोरोना ने दस्तक किसी बाहरी व्यक्ति के द्वारा दे दी थी. लगातार प्रशासन इस बात की जांच में जुटा है और पुख्ता हो गया है कि इलाके में चोरी छुपे लोग बाहर से आकर अपनी हिस्ट्री को छुपा रहे हैं. सख्ती करने पर उल्टा महकमे के अधिकारियो पर आरपाधिक मुकदमा दर्ज करने का दबाव भी बनाया जा रहा है.



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