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मध्य प्रदेश के इस स्मार्ट शहर में गंदी नालियों से होकर घरों में जाता है पीने का पानी

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 4, 2019, 1:33 PM IST
मध्य प्रदेश के इस स्मार्ट शहर में गंदी नालियों से होकर घरों में जाता है पीने का पानी
नालों के बीच में से होकर जाने वाली पाइप लाइनों में कई जगहों पर लीकेज़ मिले हैं

शहर में दूषित पानी (Polluted Water) सप्लाई की शिकायतों के बाद निगम प्रशासन नींद से जागा है. खुद कलेक्टर ने इस बात का खुलासा किया है कि घरों में जाने वाली पाइप लाइन नालियों से होकर गुजर रही है जबकि कुछ पाइप लाइन नालों में ही हैं. इस बीच पानी सप्लाई को लेकर एक बड़े घोटाले की भी बू आ रही है, जिसकी जांच के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया है.

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जबलपुर. मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर (Jabalpur) के निवासियों को अपने घरों में मां नर्मदा का जल (Narmada Water)  मिलता है. कहने को ये जल निर्मल है जिसे नगर निगम भी अपने ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्टर कर शहर के 1 लाख 44 हज़ार घरों में सप्लाई करता है, लेकिन घरों में सप्लाई होने वाले पानी की निर्मलता को नालों से जा रही पानी की ये पाइप लाइन निगल रही है. मां नर्मदा का स्वच्छ जल विषैला होकर घरों में जा रहा है, जिससे हज़ारों लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. न्यूज़ 18 ने इस मुद्दे को पूर्व में भी उठाया था. खबर दिखाए जाने के बाद निगम प्रशासन फौरी हरकत में भी आया लेकिन फिर से वही ढाक के तीन पात सा रवैया अपना लिया गया.

कलेक्टर ने की तस्दीक- गंदे नाले से होकर जा रही पाइप लाइन
शहर में दिनों दिन बढ़ रही बिमारियों के बाद दूषित जल की शिकायतें बढ़ने पर जिले के कलेक्टर ने इस गंभीर मामले में सख्त रवैया अपनाया है. कलेक्टर ने घरों में सप्लाई हो रहे पानी की पाइप लाइनों की जांच और पानी का टेस्ट करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद निगम का अमला सघन इलाकों में जा रहा है. कलेक्टर भरत यादव के मुताबिक पाइप लाइन वाकई नालों में से होकर घरों में जा रही है.

करोड़ों खर्च, लेकिन कहां लगा पैसा?

घरों में सप्लाई होने वाले पानी की पाइप लाइनों को जब न्यूज़18 ने पड़ताल की तो हैरत कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं. गंदी बजबजाती नालियों में पाइप लाइनों को बिछाया गया है, जिनकी मरम्मत भी शायद बरसों से नहीं हुई होगी. निगम के अमले ने भी जब खुदाई शुरू की तो पाइप लाइनों मे लीकेज़ मिल रहे हैं जो नालों के साथ बिछाई गई हैं.

News - जबलपुर के घरों में जा रही पाइप लाइन गंदी नालियों से होकर गुज़रती है
जबलपुर के घरों में जा रही पाइप लाइन गंदी नालियों से होकर गुज़रती है


नई पाइप लाइन और रिपेयरिंग कार्य में खर्च राशि का ब्यौरा
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>> वर्ष 2009 में 35909299 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2010 में 37530830 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2011 में 62063607 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2012 में 67645560 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2013 में 119363834 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2014 में 110080774 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2015 में 135831247 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2016 में 201912542 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2017 में 226860382 करोड़ की राशि खर्च हुई
>> साल 2018 में भी 20 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई है.

लाजमी है कि बीते 10 सालों मे 1 अरब से अधिक की राशि खर्च की गई है, लेकिन इतना पैसा कहां लगा दिया गया ये समझ के परे है.

पानी में मिल चुके हैं घातक बैक्टीरिया
घरों में सप्लाई होने वाले पानी में कॉलीफोर्म या फिर ई कॉली बैक्टेरिया अलग-अलग स्थानो पर पाए गए हैं. आम नागरिकों द्वारा कराई गई इस जांच रिपोर्ट में ये बात भी उजागर हुई थी कि ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचने वाले रॉ वॉटर में इसकी मात्रा अधिक है, जबकि पाइप लाइनों के द्वारा घरों में पहुंचने वाला पानी भी दूषित है. ऐसे मे स्पष्ट है कि शहरभर मे बिछाई गई पाइप लाइनों में से गंदा पानी ही घरों तक पहुंच रहा है.

क्या है कॉलीफॉर्म?
- कॉलीफॉर्म एक बेहद हानिकारक बैक्टीरिया है जो शरीर के अंदर जाकर कई घातक बिमारियां फैलाता है. ये जानवारों में पाया जाता है. इससे बुखार, किडनी डैमेज, हयूमन बॉडी मालफंक्शनिंग जैसी कई घातक बिमारियां होती हैं. ये बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को खत्म कर देता है जिससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है.

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First published: December 4, 2019, 1:33 PM IST
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