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दिलचस्प : ये राम नहीं रावण के भक्त हैं, 40 साल से कर रहे हैं लंकेश की पूजा

जबलपुर के रहने वाले संतोष नामदेव उर्फ लंकेश रावण रावण भक्त हैं.. वो रावण की पूजा करते हैं.

जबलपुर के रहने वाले संतोष नामदेव उर्फ लंकेश रावण रावण भक्त हैं.. वो रावण की पूजा करते हैं.

जबलपुर के पाटन इलाके में रहने वाले संतोष नामदेव उर्फ लंकेश पेशे से टेलर हैं, लेकिन इनकी रावण भक्ति से हर कोई प्रभावित ह ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

संतोष नामदेव उर्फ लंकेश 40 सालों से रावण की पूजा कर रहे हैं.
नवरात्रि की पंचमी पर रावण की मूर्ति रखते हैं और दशहरे पर विसर्जन करते हैं.
संतोष का मानना है उनके पास जो कुछ भी है रावण भक्ति की वजह से ही है.

जबलपुर. भगवान राम के भक्त तो सब हैं लेकिन आज हम जिसके बारे में बताने जा रहे हैं. वह अपनी रावण भक्ति के कारण संस्कारधानी समेत पूरे महाकौशल में मशहूर है. जबलपुर के पाटन इलाके में रहने वाले एक शख्स की रावण के प्रति अनोखी भक्ति के कारण अपनी अलग पहचान है. यहां तक कि उनका नाम भी लंकेश पड़ गया है. जब लोग सुबह उठकर भगवान राम को याद करते हैं, तो लंकेश रावण की पूजा कर रहे होते हैं. लंकेश 40 साल से रावण की मूर्ति को नवरात्रि की पंचमी पर स्थापित करते हैं और दशहरे के दिन उसका विसर्जन करते हैं.

कौन हैं रावण भक्त लंकेश
जबलपुर के पाटन इलाके में रहने वाले संतोष नामदेव उर्फ लंकेश पेशे से टेलर हैं, लेकिन इनकी रावण भक्ति से हर कोई प्रभावित है. कई सालों से संतोष रावण की पूजा करते आ रहे हैं, इसके कारण इनकी पहचान भी लंकेश के रूप में ही बन चुकी है. संतोष के साथ उनके परिवार और पड़ोस के लोग भी रावण का पूजन करते हैं. भले ही समाज रावण की बुराई से परिचित हो लेकिन लंकेश रावण की अच्छाइयों को ग्रहण कर आगे बढ़ रहे हैं.

ऐसे हुए बन गए रावण भक्त
संतोष नामदेव का मानना है  रावण बहुत बुद्धिमान और ज्ञानी था. उसके अंदर कोई भी दुर्गण नहीं था. उसने जो भी किया वह अपने राक्षस कुल को तारने के लिए किया. वह बताते हैं कि रावण ने सीता का अपहरण करने के बाद उन्हें अशोक वाटिका में रखा जहां किसी भी नर पशु पक्षी, जानवर या राक्षस को जाने की अनुमति नहीं थी. यह उसकी सीता के प्रति सम्मान की भावना को व्यक्त करता है. रावणभक्त लंकेश ने अपने दोनों बेटों का नाम भी रावण के बेटों की तरह ही रखे हैं. इसमें एक बेटे का नाम मेघनाद है तो दूसरे का का नाम अक्षय है.

इलाके के लोग करते हैं पूरा सहयोग
संतोष पारिवारिक रूप से संपन्न हैं और उनका मानना है उनके पास जो भी कुछ है वह सब रावण भक्ति से ही मिला है. उनकी अनोखी आस्था के कारण आसपास के लोग उनसे काफी प्रभावित हैं. नवरात्रि के समय पर जब वे रावण की प्रतिमा रखते हैं, तो इलाके के लोग उन्हें पूरा सहयोग करते हैं. इसके साथ ही धूमधाम से रावण की शोभायात्रा भी निकालते हैं. यूं तो हिंदुस्तान में कई धर्म और समुदाय के लोग रहते हैं. सभी अपने-अपने धर्मों के अनुसार ईष्ट देव की पूजा करते हैं, लेकिन संतोष नामदेव की रावणभक्ति अपने आप में अनूठी है.

Tags: Dussehra Festival, Jabalpur news, Madhya pradesh news, Ravana Dahan

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