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MP: 'धनकुबेर' ARTO संतोष पाल को पहले लग गई थी छापे की भनक! क्यों हुई कार्रवाई में देरी?

MP: 'धनकुबेर' ARTO संतोष पाल को पहले लग गई थी छापे की भनक! क्यों हुई कार्रवाई में देरी?

एआरटीओ संतोष पाल की काली कमाई की सबको खबर होने के बाद भी कार्रवाई देर से क्यों की गयी.

एआरटीओ संतोष पाल की काली कमाई की सबको खबर होने के बाद भी कार्रवाई देर से क्यों की गयी.

Santosh Pal News: छापे के ठीक पहले प्रभारी एआरटीओ संतोष पॉल अपने घर से कई जरूरी दस्तावेज और सामान शिफ्ट करने में लगा हुआ था. स्पष्ट था कि उसे छापे की भनक लग गई थी. ऐसे में इस बात का अनुमान जताया जा रहा है कि EOW ने अब तक जिस अकूट संपत्ति का खुलासा किया है वो संतोष पाल की काली कमाई का एक बहुत छोटा हिस्सा है. काली कमाई का एक बड़ा अंश अभी भी अंधेरे में है. देखना होगा कि इस भ्रष्ट अफसर की काली कमाई का चिट्ठा क्या वाकई खुल पाता है या कुछ राज फिर भी दबे रह जाएंगे.

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जबलपुर. जबलपुर के काली कमाई के कुबेर प्रभारी एआरटीओ संतोष पाल के अलग-अलग ठिकानों पर EOW की सर्च कार्रवाई पूरी हो गई है. फिलहाल कुल कितनी अकूट संपत्ति का मालिक एआरटीओ संतोष पाल और उसकी पत्नी रेखापाल है इस बात के आंकलन के लिए EOW की टीम वैल्यूएशन में जुटी हुई है. लेकिन पता चला है कि पाल को छापे की भनक पहले ही लग चुकी थी और उसने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति और सामान यहां वहां कर दिया है.

बुधवार देर रात ईओडब्ल्यू की टीम ने जबलपुर के प्रभारी एआरटीओ संतोष पाल के शताब्दीपुरम स्थित आलीशान बंगले पर छापा मारा था. प्राथमिक जांच करते ही EOW की टीम को अनुपात हीन संपत्ति मिली थी जो आये से करीब 650% अधिक थी. मामले में EOW ने एआरटीओ संतोष पाल और उनकी पत्नी रेखा पाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था.

भ्रष्ट एआरटीओ का काला साम्राज्य
छापे के दौरान भ्रष्ट एआरटीओ संतोष पाल का जो साम्राज्य देखने को मिला उसे देख हर किसी के होश फाख्ता हो गए. आलीशान 10000 स्क्वायर फीट में बने बंगले में तमाम अत्याधुनिक संसाधन और ऐश ओ आराम का सामान था. एक मिनी थिएटर, 5000 वर्ग फीट में निर्मित गार्डन और स्विमिंग पूल भी यहां है. ड्राइंग रूम से लेकर बाथरूम तक आलीशान संसाधनों और लाखों रुपए के जेवरात भी घर से मिले थे. EOW की जांच टीम ने घर में रखे 16 लाख रुपये नकद  बरामद किए थे.

सब जानते थे संतोष पाल का भ्रष्टाचार
बेशक EOW ने इस काली कमाई करने वाले अफसर को अपने शिकंजे में तो कस लिया लेकिन बात सिर्फ इतनी नहीं है. क्योंकि एआरटीओ संतोष पाल का यह भ्रष्ट साम्राज्य कुछ चंद दिनों में नहीं बना बल्कि लंबे समय से वह सबकी नजरों में था. आलीशान लाइफस्टाइल का शौकीन प्रभारी एआरटीओ संतोष पाल अमूमन विवादों में भी रहा है. इसके बावजूद आखिर इतनी देर बाद क्यों यह कार्रवाई की जद में फंसा इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस पूरे मामले से जुड़ा एक नया तथ्य यह भी है कि कार्रवाई में देर की गयी.

अदालत में परिवाद
जबलपुर स्थित EOW और लोकायुक्त के विशेष न्यायाधीश अनूप कुमार त्रिपाठी की अदालत में एक परिवाद दायर किया गया था. इसमें प्रभारी एआरटीओ संतोष पाल की आय से अधिक संपत्ति मामले की शिकायत की गयी थी. कहा गया था कि कोई भी विभाग शिकायत देने के बावजूद प्रभारी एआरटीओ पर कार्रवाई नहीं कर रहा है. याचिकाकर्ता राजा कुकरेजा ने एआरटीओ संतोष पाल की 20 करोड़ की संपत्ति होने की शिकायत की और जरूरी दस्तावेज पेश किए थे. इस परिवाद को अदालत ने स्वीकार भी किया और EOWको आदेश दिया था कि वह 11 अगस्त 2022 तक अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट न्यायालय में पेश करे.

अदालत के आदेश के बाद भी 1 महीने में रिपोर्ट
तकरीबन 1 माह का समय देने के बावजूद EOW ने कार्रवाई नहीं की. जवाब देने के लिए EOW ने 13 अगस्त को अतिरिक्त समय मांग लिया. संभवत यही समय था जब पूरा मामला भ्रष्ट एआरटीओ के कानों तक पहुंचा और छापे के पहले तक उसने कई सामान और जरूरी दस्तावेजों को खुर्द बुर्द कर डाला.

आखिर क्या शिकायत की गई है जानिए एक नजर में…

-EOW ने अपने छापे में इस भ्रष्ट अधिकारी के कारनामों का चिट्ठा तो खोला है लेकिन क्या यह चिट्ठा पूरा है या अधूरा अब इस बात पर सवाल उठने लगे हैं. EOW की फेहरिस्त में अब तक जो संपत्ति उजागर हुई है उनमें

-एक आवासीय भवन पी पी कॉलोनी ग्वारीघाट वार्ड में 1247 वर्ग फीट का
-एक आवासीय भवन शंकर शाह वार्ड में 1150 वर्ग फुट का
-दो आवासीय भवन शताब्दीपुरम mr-4 रोड पर 10000 वर्ग फीट के
– एक आवासीय भवन कस्तूरबा गांधी वार्ड जबलपुर में 570 वर्ग फीट का
– एक आवासीय भवन गढा फाटक जबलपुर में 771 वर्ग फीट का
-ग्राम ढ़ीयाखेड़ा चरगवां रोड में 1.4 एकड़ में बना फार्महाउस
-दो कार और दो मोटरसाइकिल  इसके अलावा 16 लाख  रुपये नकद भी बरामद किए

छापे से पहले सामान गायब
छापे के ठीक पहले प्रभारी एआरटीओ संतोष पाल अपने घर से कई जरूरी दस्तावेज और सामान शिफ्ट करने में लगा हुआ था. स्पष्ट था कि उसे छापे की भनक लग गई थी. ऐसे में इस बात का अनुमान जताया जा रहा है कि EOW ने अब तक जिस अकूट संपत्ति का खुलासा किया है वो संतोष पाल की काली कमाई का एक बहुत छोटा हिस्सा है. काली कमाई का एक बड़ा अंश अभी भी अंधेरे में है. देखना होगा कि इस भ्रष्ट अफसर की काली कमाई का चिट्ठा क्या वाकई खुल पाता है या कुछ राज फिर भी दबे रह जाएंगे.

Tags: Black money, EOW, Jabalpur news, Madhya pradesh latest news

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