बड़ा खुलासा: 400 करोड़ के मालिक रिटायर्ड SDO सुरेश उपाध्याय के रोहाणी परिवार से थे व्यापारिक संबंध!

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 4, 2019, 3:31 PM IST
बड़ा खुलासा: 400 करोड़ के मालिक रिटायर्ड SDO सुरेश उपाध्याय के रोहाणी परिवार से थे व्यापारिक संबंध!
सैकड़ों किसानों से हथियाई गई करोड़ों की बेशकीमती ज़मीन.

ईओडब्ल्‍यू ने पीएचई के रिटायर्ड इंजीनियर सुरेश उपाध्याय की करीब 400 करोड़ रुपयों की संपत्ति कुर्क कर ली है. आय से अधिक संपत्ति मामले में किसी आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की ईओडब्ल्‍यू की ये प्रदेश की पहली कार्यवाई थी.

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जबलपुर. देश में एक चायवाला राजनीति के सर्वोच्च शिखर तक पहुंच चुका है, तो उसी देश के एक छोटे से शहर जबलपुर में कुछ किसान हैं जो अब चाय बेचने के लिए मजबूर हो गए हैं. ये वही किसान हैं जो कुछ साल पहले करोड़पति थे, लेकिन अब दो जून की रोटी के लिए भी मोहताज हो चुके हैं. जी हां, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शहर जबलपुर (Jabalpur) में एक ऐसा ही कुचक्र रचा गया, जिसमें कई सफेदपोश शामिल थे. वैसे इसे प्रदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया गिरोह भी कहा जा सकता है, जिसमें अरबों की बेशकीमती खेती की जमीन को गरीब और मजबूर किसानों से हथियाया गया. जबकि ये पूरा खेल भाजपा (BJP)  शासन में 2009 से 2014 तक खेला गया. वहीं ईओडब्ल्यू (EOW) की कार्यवाई में पीएचई के रिटायर्ड एसडीओ सुरेश उपाध्याय (Retired SDO Suresh Upadhyay), भाजपा नेत्री अनुराधा उपाध्याय (Anuradha Upadhyay) और उनके बेटे सचिन उपाध्‍याय (Sachin Upadhyay) का नाम उजागर हुआ है.

करोड़पति से चाय बेचने को मजबूर हुए
टपरे में चाय बनाने वाले अनाड़ी लाल पटेल अब अपने बेटे के साथ रोजाना शहर आकर चाय बेचते हैं. कहने को अनाड़ी लाल कल तक करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे और प्रदेश के लिए अन्नदाता थे, लेकिन आज एक चायवाले हैं. इनकी ये हालत ऐसे ही नहीं हुई बल्कि एक बड़े भूमाफिया गिरोह ने इनसे इनकी जमीन को जबरदस्ती छीन ली. 20 जून को जबलपुर में पीएचई के रिटायर्ड एसडीओ सुरेश उपाध्याय के ठिकानों पर पड़े छापे के बाद जो कुछ भी राज बेपर्दा हुए, उन्हीं राज में एक राज अनाड़ी लाल का भी दबा हुआ था जो अब जाकर उजागर हुआ है. अनाड़ी लाल इकलौते नहीं हैं बल्कि उनके जैसे दर्जनों किसान हैं जिनकी कजरवारा स्थित जमीन को जबरदस्ती कौड़ी के भाव खरीदा गया. हैरानी की बात ये है कि जिस किसी ने भी आवाज उठाई उसकी आवाज को बंद कर दिया गया. अनाड़ी लाल 3 एकड़ से भी ज्यादा की जमीन के मालिक थे उनके और उनके परिवार के नाम कई एकड़ जमीन थी जिसे पीएचई के रिटायर्ड एसडीओ सुरेश उपाध्याय और उनके बेटे ने दबाव डालकर खरीद लिया.



पंजीयन दफ्तर में भी सांठगांठ कर आसानी से जमीन की खरीद फरोख्त भी होती गई. नामांतरण भी हो गया, लेकिन सबसे बड़ा सवाल की आखिर ये पूरा खेल इतनी सफाई से कैसे होता गया. साफ है कि पूरा सिस्टम ही बिका था. अब जब इस घोटाले के पूरे पन्ने ईओडब्ल्यू खंगाल रहा है तो उसके सामने भी ऐसी कई शिकायतें पहुंच रही हैं जो ये बताती हैं कि खेल बड़ा था और काला भी.

ये हैं इस खेल के खिलाड़ी
>> पूरे मामले में अब तक सबसे बड़ा चेहरा पीएचई का रिटायर्ड एसडीओ सुरेश उपाध्याय उभरकर सामने आया है.
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>> दूसरा चेहरा उनकी पत्नी भाजपा नेत्री अनुराधा उपाध्याय का है.
>> तीसरा चेहरा उनके बेटे सचिन उपाध्याय हैं.

जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जांच आगे बढ़ी तो कई ऐसा दस्तावेज हाथ लगे जो सुरेश उपाध्याय और उनके परिवार के सीधे ताल्‍लुक भाजपा के कददावर नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे ईश्‍रदास रोहाणी और उनके परिजनों से बतलाते हैं. 2009 में बनी इस पार्टनरशिप डीड को ही देख लीजिए इसमें रिटायर्ड एसडीओ के बेटे सचिन उपाध्याय और स्व ईश्वरदास रोहाणी के बेटे विजय रोहाणी पार्टनर बनते हैं. उनकी ये पार्टनरशिप प्रॉपर्टी से संबंधित धंधे और व्यापार में होती है. उसके बाद कुछ ऐसे दस्तावेज भी हाथ लगे जो बताते हैं कि कई जमीनों की खरीद फरोख्त पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे ईश्‍रदास रोहाणी की पत्नी माया रोहाणी और उनके पोते सौरभ रोहाणी के बीच की गई.

2009 से 2014 के बीच हुआ पूरा खेल
पूरा खेल 2009 से 2014 के बीच हुआ था. जमीन की भी खरीद फरोख्त और व्यापार रोहाणी परिवार का सुरेश उपाध्याय और उनके परिजनों के बीच पाया गया. साफ है कि 322 एकड़ जमीन ईओडब्ल्यू को सुरेश उपाध्याय और उनके पार्टनर के नाम पर मिली है. जबकि आंकड़ा दिनों दिन बढ़ रहा है. सुरेश उपाध्याय की काली कमाई में रोहाणी परिवार की काली कमाई शामिल होने के आरोप लग रहे हैं. कांग्रेस जहां स्पष्ट तौर पर इस घोटाले में रोहाणी परिवार के शामिल होने की बात कह रही है तो वहीं मामले में जब विधायक और ईश्वरदास रोहाणी के बेटे अशोक रोहाणी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि व्यापार करना कोई गुनाह नहीं है. हालांकि पहले तो उन्होंने उपाध्याय परिवार से किसी भी व्यापारिक संबंध की बात को नकारा, लेकिन बाद में उसे स्वीकार भी किया.

क्या था पूरा मामला ?
जबलपुर में आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्‍यू ने बड़ी कार्यवाई की थी. ईओडब्ल्‍यू ने पीएचई के रिटायर्ड इंजीनियर सुरेश उपाध्याय की करीब 400 करोड़ रुपयों की संपत्ति कुर्क कर ली है. आय से अधिक संपत्ति मामले में किसी आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की ईओडब्ल्‍यू की ये प्रदेश की पहली कार्यवाई थी. ईओडब्ल्‍यू ने इसके तहत पीएचई के रिटायर्ड इंजीनियर सुरेश उपाध्याय की 62 रजिस्ट्रियों सहित 300 एकड़ जमीन कुर्क की है, जिसके साथ ही उपाध्याय के बैंक खातों में जमा सवा दो करोड़ रुपयों की राशि, 55 लाख रुपए कीमत के 4 वाहन, 44 लाख के जेवरात और जबलपुर की अनंततारा रेसीडेंसी में स्थित करोडों रुपए कीमत का आलीशान बंगला भी कुर्क कर लिया है.

बता दें कि ईओडब्ल्‍यू ने बीती 20 जून को पीएचई के रिटायर्ड इंजीनियर और भाजपा नेत्री अनुराधा उपाध्याय के पति सुरेश उपाध्याय के घर और दफ्तरों पर छापामार था जिसमें उनकी 400 करोड़ रुपयों की संपत्ति सहित कई कंपनियों में निवेश के दस्तावेज बरामद हुए थे. फिलहाल मामले की जांच कर रही ईओडब्ल्‍यू ने उपाध्याय की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं. जबकि इस मामले में सुरेश उपाध्याय,उनकी पत्‍नी अनुराधा उपाध्याय और बेटे सचिन उपाध्याय पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत आय से अधिक संपत्ति का अपराध दर्ज किया है. साफ है कि भ्रष्टाचार का ये खेल बड़ा है जिसकी जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग भी उठने लगी है.

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First published: September 4, 2019, 3:24 PM IST
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