व्यापम घोटाले में CBI कोर्ट ने सुनाया पहला फैसला, चार दोषियों को सुनाई सज़ा
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व्यापम घोटाले में CBI कोर्ट ने सुनाया पहला फैसला, चार दोषियों को सुनाई सज़ा
वन रक्षक भर्ती घोटाले में 4 दोषियों को सज़ा

सीबीआई ने मामले में कुल 44 गवाह पेश किए थे. करीब 2 साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत दोषी पाते हुए अपना फैसला सुनाया.

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जबलपुर में सीबीआई की विशेष अदालत ने व्यापम  घोटाले के वन रक्षक भर्ती केस में फैसला सुना दिया है. इस घोटाले में उसने 4 लोगों को दोषी पाते हुए 4 साल की सज़ा सुनायी है. व्यापम घोटाले के पहले केस में अदालत का फैसला आया है.

वन रक्षक भर्ती घोटाला 2013 में हुआ था. इसमें सीबीआई ने चार लोगों को आरोपी बनाया था. बाद में चारों की गिरफ़्तारी की गयी थी. इस घोटाले में मुख्य आरोपी अभ्यर्थी दीपक जाटव था. वन रक्षक की परीक्षा में उसने अपनी जगह लक्ष्मीनारायण नाम के सॉल्वर को बैठाया था. इस धोख़ाधड़ी में दीवान बिचौलिया था और दीपक जाटव के पिता भागीरथ जाटव ने पैसों का लेन-देन किया था. सीबीआई विशेष न्यायाधीश की अदालत ने इन चारों को दोषी पाते हुए धारा 467, 420, 120 बी के तहत 4-4 साल की सज़ा सुनाई है.

वनरक्षक भर्ती के लिए 2013 में मुरैना में परीक्षा हुई थी. इसमें दीपक जाटव को परीक्षा में शामिल होना था. लेकिन उसकी जगह लक्ष्मी नारायण ने परीक्षा दी थी. उसने जैसे-तैसे रिटिन एक्जाम तो पास कर लिया लेकिन दमोह में जैसे ही इंटरव्यू हुआ तो सारी धांधली पकड़ में आ गयी.



सीबीआई ने मामले में कुल 44 गवाह पेश किए थे. करीब 2 साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत दोषी पाते हुए अपना फैसला सुनाया.
हाईकोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले की सुनवाई के लिए चार अलग-अलग ज़ोन बनाए गए हैं. ये जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और इंदौर ज़ोन हैं. मंगलवार को जबलपुर ज़ोन की स्पेशल सीबीआई बैंच ने इस घोटाले में पहला फैसला सुनाया.  (जबलपुर से प्रतीक मोहन अवस्थी की रिपोर्ट)

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