नकली रेमडेसिविर मामला: आरोपियों ने मोबाइल नष्ट क्यों किए, क्या कोई बड़ी शख्सीयत है इसके पीछे

रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले सरबजीत सिंह मोखा ने मोबाइल नष्ट कर सबूत मिटाने की कोशिश भी की. (File)

नकली रेमडेसिविर मामला: मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह मोखा और उसके बेटे ने मोबाइल नष्ट कर दिए. वे किसी भी कीमत पर मददगारों की कॉल-एसएमएस मोबाइल से बाहर नहीं आने देना चाहते थे.

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जबलपुर. मध्य प्रदेश में बवाल मचा देने वाले जबलपुर के नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में पुलिस अभी भी असमंजस में है. असमंजस है कि आरोपियों के पकड़े जाने के बावजूद ये रहस्य नहीं सुलझ पा रहा कि आखिर उन्होंने मोबाइल क्यों नष्ट किए.

पुलिस के सामने सवाल है कि उन मोबाइलों में ऐसा क्या था जिसे आरोपियों ने नष्ट कर दिया. सूत्र बताते हैं कि उन मोबाइलों में उन रसूखदारों की कॉल-एसएमएस डिटेल थी, जिन्होंने आरोपियों सरबजीत सिंह मोखा और हरकरण मोखा की नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन को नष्ट करने में मदद की.

रसूखदार हो सकते हैं मददगार

सूत्र बताते हैं कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप इंदौर से जबलपुर जल्दी पहुंचाने के लिए किसी बड़ी शख्सियत ने आरोपी सरबजीत सिंह मोखा की मदद की थी. इसके बाद जैसे ही सरबजीत को इन इंजेक्शन के नकली होने का पता चता तो उसने शहर के कई जिम्मेदार और कद्दावर चेहरों को इसकी जानकारी दी. इन सभी ने उसे इन नकली इंजक्शन को नष्ट करने की सलाह दी थी.

जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला- पुलिस

हालांकि, ये सवाल पूछने पर पुलिस इसकी जानकारी नहीं होने की बात ही कह रही है. उसका यह कहना है कि ऐसा कोई तथ्य अब तक जांच में नहीं मिला है. लेकिन, दबी जुबान में शहर में उन तमाम लोगों की चर्चा हो रही है जो मोखा की मदद कर सकते हैं.

आरोपियों पर दर्ज हो सकता है नया मामला

गौरतलब है कि इस मामले में जिस कंपनी के नाम पर इंजेक्शन बनाए गए अब उस कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर भी एक नया मामला आरोपियों पर दर्ज हो सकता है. मामले की जांच कर रहे एडिशनल एसपी रोहित कासवानी के मुताबिक जिस कंपनी के नकली रेमडेसिविर बनाए गए उसके अधिकारियों को पत्र लिखा गया था. वह भी जल्द जबलपुर पहुंचने वाले हैं.
Published by:Nikhil Suryavanshi
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