जबलपुर में MP का पहला White fungus केस मिला, शहर में ब्लैक फंगस के 120 से अधिक मामले

व्हाइट फंगस शरीर के विभिन्न अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है. (सांकेतिक तस्वीर)

व्हाइट फंगस शरीर के विभिन्न अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है. (सांकेतिक तस्वीर)

जबलपुर में सफेद फंगस का एक केस मिला है. इसे प्रदेश का पहला केस माना जा रहा है. शहर के गुप्तेश्वर क्षेत्र में पहला मरीज मिला है. यहां पर 55 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 से ठीक होने के बाद व्हाइट फंगस संक्रमण का पता चला है.

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जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर में सफेद फंगस (White Fungus) का एक केस सामने आया है. संभवत: यह प्रदेश का पहला केस है. जबलपुर के गुप्तेश्वर क्षेत्र में पहला मरीज मिला है. यहां पर 55 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 से ठीक होने के बाद व्हाइट फंगस संक्रमण (White Fungus Infection) का पता चला है. जबलपुर के नेता जी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज डीन डॉ प्रदीप कसार ने इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं.

जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की नाक, कान एवं गला (ENT) की विभागाध्यक्ष डॉ. कविता सचदेवा ने बताया कि सिर दर्द और आंखों का दर्द कम नहीं होने पर 17 मई को इस व्यक्ति का ऑपरेशन किया गया था और शुक्रवार को एक जांच में उसकी नाक में व्हाइट फंगस के संक्रमण का पता चला है. उन्होंने बताया कि व्हाइट फंगस का दवाओं से उपचार हो जाता है और ब्लैक फंगस की तरह इंजेक्शन देने की जरूरत नहीं पड़ती है. दोनों अनियंत्रित मधुमेह (Uncontrol Diabetes) के स्तर वाले लोगों को प्रभावित करते हैं.

इधर, ब्लैक फंगस के संक्रमण वाले मरीजों की संख्या में हर रोज बढ़ोत्तरी हो रही है. मेडिकल कॉलेज में 11 नए मरीजों के सामने आने के साथ संख्या 69 से बढ़कर 80 पहुंच गई है. शहर में अब कुल मरीजों की संख्या 120 के पार पहुंच गई है. फंगल इंफेक्शन की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में चौथा वार्ड आरक्षित करने के निर्देश दिये गए हैं. मेडिकल कॉलेज डीन डॉ प्रदीप कसार ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं. यहां पर तीन वार्ड पहले से ही ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित किए जा चुके हैं. वहीं निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 45 मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

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