Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    हाथरस केस: 'नक्सली भाभी' निकली जबलपुर की डाॅक्टर, कॉलेज से छुट्टी लेकर गई थी पीड़िता के घर

    हाथरस मामले में दंगा भड़काने का जबलपुर से कनेक्शन सामने आने के बाद मानो खलबली सी मच गई है.
    हाथरस मामले में दंगा भड़काने का जबलपुर से कनेक्शन सामने आने के बाद मानो खलबली सी मच गई है.

    राजकुमारी बंसल (Rajkumari Bansalal) जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर है. न्यूज 18 से खास बातचीत में डॉक्टर राजकुमारी बंसल ने स्वीकार किया कि वो हाथरस जाकर पीड़ित परिवार के घर में रही थी.

    • Share this:
    जबलपुर. हाथरस केस (Hathras Case) में पीड़ित परिवार के घर में 4 दिनों तक रहने वाली जिस कथित भाभी का नक्सली कनेक्शन बताया जा रहा था वो जबलपुर (Jabalpur) की रहने वाली डॉक्टर राजकुमारी बंसल (Doctor Rajkumari Bansal) है. राजकुमारी बंसल जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज (Netaji Subhash Chandra Bose Medical College) के फॉरेंसिक विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर है. न्यूज 18 से खास बातचीत में डॉक्टर राजकुमारी बंसल ने स्वीकार किया कि वो हाथरस जाकर पीड़ित परिवार के घर में रही थी, लेकिन न तो वो उनकी रिश्तेदार हैं और न ही उसका किसी भी तरह से कोई नक्सल कनेक्शन (Naxal Connection) है. डॉक्टर बंसल के मुताबिक, वो बाकायदा छुट्टी लेकर 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक पीड़ित परिवार के घर में रही थी. इस दौरान उसने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद भी की और इसके पीछे उसका मकसद अपने समाज के पीड़ित परिवार को संबल देना था.

    डॉक्टर राजकुमारी बंसल ने अपने संबंध नक्सलियों से होने का खण्डन किया है और कहा है कि ऐसा प्रचारित करने वालों के खिलाफ वो कानूनी कार्रवाई भी करेगी. इधर डॉक्टर बंसल ने अपने फोन की टैपिंग का भी आरोप लगाकर पुलिस की सायबर सैल में शिकायत करने की बात की है.

    मेडिकल काॅलेज प्रबंधन जारी करेगा शोकाॅज नोटिस
    हाथरस मामले में दंगा भड़काने का जबलपुर से कनेक्शन सामने आने के बाद मानो खलबली सी मच गई है. यूपी एसआईटी की टीम जिस महिला का कनेक्शन हाथरस से जोड़ रही है वह कोई और नहीं बल्कि जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल की प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमारी बंसल ही हैं. अब नाम सामने आने के बाद डॉ. राजकुमारी बंसल ने मीडिया के सामने आकर यूपी एसआईटी के तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया. वहीं, दूसरी ओर डॉक्टर राजकुमारी के हाथरस जाने और बिना अनुमति के इस प्रकार के सामाजिक आंदोलन का हिस्सा होने पर मेडिकल अस्पताल कॉलेज के डीन डॉ. प्रदीप प्रसाद ने संज्ञान लिया है. मीडिया से बातचीत करते हुए डीन डॉ. प्रदीप प्रसाद ने पूरे मामले को लेकर डॉक्टर राजकुमारी बंसल को शो कॉज नोटिस जारी करने की बात कही है.
    शासकीय सेवक इस प्रकार के आयोजनों का हिस्सा नहीं हो सकता है


    उनका मानना है कि कोई भी शासकीय सेवक इस प्रकार के आयोजनों का हिस्सा नहीं हो सकता है. वह कॉलेज से 3 अक्टूबर से लेकर 6 अक्टूबर की सीएल याने कैजुअल लीव लेकर गई हुई थीं. लेकिन वे इस बात से अनभिज्ञ थे कि डॉ. राजकुमारी हाथरस के पीड़िता के परिवार से मिलने जा रही हैं. वहीं, पूरे मामले पर शो कॉज नोटिस जारी होने की बात पर डॉ. राजकुमारी बंसल ने हर कार्रवाई का सामना करने की बात कही है.  उन्होंने कहा कि वे पहले से ही इस प्रकार की कार्रवाई का अंदेशा लेकर चल रही थी और वह किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज